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भारत में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, स्टार्टअप्स की माइनिंग को बढ़ावा देने की पहल: डॉ. जितेंद्र सिंह

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भारत में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, स्टार्टअप्स की माइनिंग को बढ़ावा देने की पहल: डॉ. जितेंद्र सिंह

सारांश

केंद्र सरकार महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को तेज करने और माइनिंग क्षेत्र में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दी है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को तेज करने पर जोर दे रही है।
स्टार्टअप्स को माइनिंग क्षेत्र में प्रोत्साहित किया जाएगा।
अनुकूल मंजूरी प्रक्रियाएं विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में खनिज खोज गतिविधियां चल रही हैं।
आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू सप्लाई चेन तैयार की जा रही है।

नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को तेज करने, माइनिंग क्षेत्र में स्टार्टअप्स को समर्थन देने और एक मजबूत घरेलू सप्लाई चेन तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि आयात पर निर्भरता को कम किया जा सके। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी गुरुवार को दी।

उन्होंने राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण और विकास ट्रस्ट (एनएमईटी) की बैठक में कहा कि लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को तेजी से आगे बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि ये नई तकनीकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

मंत्री ने बताया कि भारत अब महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को बड़े पैमाने पर बढ़ाने, स्टार्टअप-आधारित माइनिंग पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने और मजबूत घरेलू वैल्यू चेन बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपनी खनिज खोज गतिविधियों को वैश्विक मांग और अपनी रणनीतिक आवश्यकताओं के अनुसार ढालना होगा। राजस्थान के सिवाना क्षेत्र और जम्मू-कश्मीर के सलाल-हैमना ब्लॉक में चल रहे कार्यों का उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को अन्य क्षेत्रों तक बढ़ाने की योजना है।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने बायोटेक स्टार्टअप्स की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी तरह का संस्थागत समर्थन और प्रोत्साहन माइनिंग क्षेत्र में भी नई तकनीकों और नवाचार को बढ़ावा दे सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि निजी एक्सप्लोरेशन एजेंसियों की क्षमता बढ़ाना इस क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक है।

सरकार प्रोजेक्ट्स में देरी को कम करने के लिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी काम कर रही है, विशेषकर वन (फॉरेस्ट) क्लियरेंस जैसी बाधाओं को दूर करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से ही कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

उन्होंने बताया कि तेज मंजूरी, बेहतर खरीद प्रणाली और समय पर प्री-एक्सप्लोरेशन क्लीयरेंस से खनिज खोज की गति बनी रहेगी।

मंत्री ने आगे कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने के लिए पूरी घरेलू सप्लाई चेन विकसित करना आवश्यक है, जिसमें प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन भी शामिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे न केवल आत्मनिर्भरता बढ़ेगी बल्कि स्टार्टअप्स को भी समर्थन मिलेगा।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महत्वपूर्ण खनिजों की खोज क्यों जरूरी है?
महत्वपूर्ण खनिज नई तकनीकों के विकास के लिए आवश्यक हैं, जैसे लिथियम बैटरी के निर्माण में।
भारत में स्टार्टअप्स को माइनिंग में कैसे प्रोत्साहित किया जाएगा?
सरकार स्टार्टअप-आधारित माइनिंग पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है।
क्या सरकारी मंजूरी प्रक्रियाएं आसान हो रही हैं?
हां, सरकार प्रोजेक्ट्स में देरी को कम करने के लिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने पर काम कर रही है।
भारत के कौन से क्षेत्र में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज हो रही है?
राजस्थान के सिवाना क्षेत्र और जम्मू-कश्मीर के सलाल-हैमना ब्लॉक में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज हो रही है।
आयात पर निर्भरता कम करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
सरकार घरेलू सप्लाई चेन विकसित करने और प्रोसेसिंग में वैल्यू एडिशन पर ध्यान दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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