10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डॉ. जितेंद्र सिंह का जोर: भारतीय बायोटेक में निजी निवेश बढ़े, स्वदेशी नवाचार वैश्विक मंच पर पहुँचें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डॉ. जितेंद्र सिंह का जोर: भारतीय बायोटेक में निजी निवेश बढ़े, स्वदेशी नवाचार वैश्विक मंच पर पहुँचें

सारांश

डॉ. जितेंद्र सिंह ने BIRAC के साथ बैठक में साफ़ संकेत दिया — भारत का बायोटेक क्षेत्र अब केवल सरकारी फंडिंग पर नहीं चलेगा। ₹1 लाख करोड़ के RDI फंड से जुड़े BIRAC-RDIF के ज़रिए स्टार्टअप्स को ₹200 करोड़ तक की सहायता, 1,700 से अधिक GCC का एकीकरण और 'स्टार्टअप इन्वेस्टर कनेक्ट' प्लेटफॉर्म — यह विकसित भारत 2047 की बायोटेक रणनीति की बड़ी छलाँग है।

मुख्य बातें

जितेंद्र सिंह ने 10 अगस्त 2026 को BIRAC अधिकारियों के साथ बैठक में भारतीय बायोटेक क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
BIRAC-RDIF केंद्र सरकार के ₹1 लाख करोड़ के RDI फंड का हिस्सा है; स्टार्टअप्स को ₹5 करोड़ से ₹200 करोड़ तक की सहायता मिल सकेगी।
कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत तक सहयोग बिना गिरवी वाले ऋण, इक्विटी और हाइब्रिड साधनों के रूप में उपलब्ध होगा।
फरवरी 2026 से अब तक 198 आवेदन प्राप्त; 8 पात्र तकनीकी इकाइयाँ विस्तृत मूल्यांकन में।
भारत के 1,700 से अधिक GCC में कार्यरत 19 लाख पेशेवरों को बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ने की योजना।
'BIRAC स्टार्टअप इन्वेस्टर कनेक्ट' प्लेटफॉर्म प्रस्तावित, जो निवेशकों और तैयार स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाएगा।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि भारत के बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाने के लिए निजी पूँजी और उद्योग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में विकसित स्वदेशी नवाचारों को बाज़ार तक तेज़ी से पहुँचाने के लिए वैज्ञानिक क्षमता, उद्योग और निवेशकों के बीच ठोस तालमेल ज़रूरी है।

बैठक में क्या हुई चर्चा

बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इनमें BIRAC रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड (BIRAC-RDIF) का क्रियान्वयन, उद्योग की भागीदारी का विस्तार, लाइफ साइंसेज ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) को भारतीय बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) निवेश को प्रोत्साहित करना और बायोटेक स्टार्टअप्स के लिए निवेशकों से बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना शामिल रहे।

BIRAC-RDIF फंड: ₹1 लाख करोड़ की बड़ी पहल

BIRAC-RDIF केंद्र सरकार के ₹1 लाख करोड़ के रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) फंड का अभिन्न अंग है, जिसका उद्देश्य डीप-टेक नवाचारों और स्वदेशी विनिर्माण को गति देना है। इस फंड के अंतर्गत बायोटेक क्षेत्र की उच्च जोखिम वाली और तकनीकी रूप से उन्नत परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

स्टार्टअप्स और उद्योगों को ₹5 करोड़ से ₹200 करोड़ तक की सहायता मिल सकेगी, जो कुल परियोजना लागत के 50 प्रतिशत तक हो सकती है। यह सहायता बिना गिरवी वाले दीर्घकालिक ऋण, इक्विटी और हाइब्रिड वित्तीय साधनों के रूप में दी जाएगी। BIRAC ने इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए एक समर्पित RDIF डिवीजन भी स्थापित किया है।

गौरतलब है कि फरवरी 2026 में शुरू हुए पहले राष्ट्रीय आवेदन आमंत्रण के तहत अब तक 198 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से शुरुआती 50 प्रस्तावों की जाँच पूरी हो चुकी है और 8 पात्र तकनीकी इकाइयों का चयन किया जा चुका है, जो विस्तृत मूल्यांकन प्रक्रिया से गुज़र रही हैं।

GCC और बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र का जुड़ाव

बैठक में देश के 1,700 से अधिक GCC को भारतीय बायोटेक उद्योग से जोड़ने पर विशेष ज़ोर दिया गया। इन केंद्रों में वर्तमान में करीब 19 लाख पेशेवर कार्यरत हैं। लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर GCC, जैव-फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और डिजिटल हेल्थ जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास का महत्त्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं।

BIRAC की योजना है कि इन GCC को भारत की बायो-इन्क्यूबेशन सुविधाओं, BioE3 बायो-फाउंड्रीज़ और स्टार्टअप्स के साथ जोड़कर सहयोग का एक नया मंच तैयार किया जाए। इससे घरेलू कंपनियों और वैश्विक संगठनों के बीच तकनीकी एवं व्यावसायिक साझेदारी मज़बूत होने की उम्मीद है।

CSR निवेश और स्टार्टअप कनेक्ट

बैठक में CSR निवेश को बायोटेक्नोलॉजी आधारित सामाजिक नवाचारों से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। BIRAC का मानना है कि बढ़ते CSR फंड का उपयोग सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं, डायग्नोस्टिक्स, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, जलवायु-अनुकूल कृषि और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।

इसके अलावा, बायोटेक स्टार्टअप्स के लिए पूँजी जुटाने की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु 'BIRAC स्टार्टअप इन्वेस्टर कनेक्ट' नामक एक विशेष प्लेटफॉर्म प्रस्तावित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म निवेशकों और निवेश के लिए तैयार बायोटेक स्टार्टअप्स को एक साथ लाएगा, जिससे रणनीतिक साझेदारियाँ बढ़ेंगी और नई तकनीकों के व्यावसायीकरण की प्रक्रिया में तेज़ी आएगी।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि इन सभी पहलों का केंद्रीय उद्देश्य भारतीय नवाचारों को 'प्रयोगशाला से बाज़ार तक' तेज़ी से पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि यह सब 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के अनुरूप एक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र की नींव रखेगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत का बायोटेक उद्योग वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या BIRAC-RDIF पिछले सरकारी नवाचार फंडों की उस परंपरा से अलग होगा, जिनमें आवेदन प्रक्रिया लंबी और वितरण धीमा रहा। फरवरी 2026 से अब तक केवल 8 इकाइयों का चयन — 198 आवेदनों में से — यह दर्शाता है कि मूल्यांकन की रफ्तार और पारदर्शिता अभी परखी जानी बाकी है। GCC को बायोटेक स्टार्टअप्स से जोड़ने का विचार सैद्धांतिक रूप से सही है, पर इन दोनों की कार्यसंस्कृति और प्राथमिकताएँ अक्सर मेल नहीं खातीं — इस खाई को पाटने के लिए ठोस क्रियान्वयन ढाँचा ज़रूरी होगा। 'विकसित भारत 2047' की छत्रछाया में आने वाली हर नीति तब तक अधूरी है जब तक उसमें सत्यापन-योग्य मील के पत्थर और स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र न हो।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BIRAC-RDIF फंड क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
BIRAC-RDIF केंद्र सरकार के ₹1 लाख करोड़ के RDI फंड का हिस्सा है, जो बायोटेक क्षेत्र की उच्च जोखिम वाली और डीप-टेक परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देता है। इससे बायोटेक स्टार्टअप्स और उद्योगों को ₹5 करोड़ से ₹200 करोड़ तक की सहायता मिल सकती है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बायोटेक क्षेत्र के लिए कौन-सी नई पहलें घोषित कीं?
डॉ. जितेंद्र सिंह ने 'BIRAC स्टार्टअप इन्वेस्टर कनेक्ट' प्लेटफॉर्म, GCC को बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ने की योजना और CSR फंड को बायोटेक सामाजिक नवाचारों में लगाने की रणनीति की चर्चा की। ये सभी पहलें 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के अनुरूप हैं।
BIRAC-RDIF के तहत अब तक कितने आवेदन आए और कितनों का चयन हुआ?
फरवरी 2026 में शुरू हुए पहले राष्ट्रीय आवेदन आमंत्रण के तहत अब तक 198 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 50 प्रस्तावों की प्रारंभिक जाँच पूरी हो चुकी है और 8 पात्र तकनीकी इकाइयाँ विस्तृत मूल्यांकन प्रक्रिया में हैं।
भारत में GCC और बायोटेक क्षेत्र का क्या संबंध है?
वर्तमान में भारत में 1,700 से अधिक GCC संचालित हैं, जिनमें करीब 19 लाख पेशेवर कार्यरत हैं। लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर GCC, जैव-फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और डिजिटल हेल्थ में R&D के केंद्र बन चुके हैं। BIRAC इन्हें बायो-इन्क्यूबेशन सुविधाओं और स्टार्टअप्स से जोड़ने की योजना बना रहा है।
BIRAC-RDIF फंड से सहायता किस रूप में मिलेगी?
सहायता बिना गिरवी वाले दीर्घकालिक ऋण, इक्विटी और हाइब्रिड वित्तीय साधनों के रूप में दी जाएगी। यह कुल परियोजना लागत के 50 प्रतिशत तक हो सकती है, जिससे निजी निवेशकों को भी साथ लाने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले