27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केशव चंद्र ने खान मंत्रालय के सचिव का पदभार संभाला, क्रिटिकल मिनरल्स और खनन सुधारों पर रहेगा जोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केशव चंद्र ने खान मंत्रालय के सचिव का पदभार संभाला, क्रिटिकल मिनरल्स और खनन सुधारों पर रहेगा जोर

सारांश

केशव चंद्र ने खान मंत्रालय के सचिव का पदभार संभाला — ऐसे वक्त जब भारत क्रिटिकल मिनरल्स की वैश्विक दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने और मिनरल ब्लॉक नीलामी को रफ्तार देने में जुटा है। 1995 बैच के AGMUT कैडर के इस वरिष्ठ IAS अधिकारी ने पहले दिन ही समीक्षा बैठक कर योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन का संकल्प जताया।

मुख्य बातें

केशव चंद्र ने 28 जुलाई 2025 को खान मंत्रालय के सचिव पद का कार्यभार संभाला।
वह 1995 बैच के एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं।
पदभार ग्रहण के तुरंत बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिनरल एक्सप्लोरेशन , मिनरल ब्लॉक नीलामी और क्रिटिकल मिनरल्स योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने सभी विभागों के बीच समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया।
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब सरकार क्रिटिकल मिनरल्स मिशन और खनन क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों को गति दे रही है।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केशव चंद्र ने 28 जुलाई 2025 को खान मंत्रालय के सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल ली। यह नियुक्ति ऐसे अहम मोड़ पर हुई है जब केंद्र सरकार देश के खनन और खनिज क्षेत्र में व्यापक सुधारों को गति देने, क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति सुरक्षित करने और मिनरल एक्सप्लोरेशन के विस्तार पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है।

पदभार ग्रहण और पहली समीक्षा बैठक

पद संभालते ही केशव चंद्र ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं और चल रही गतिविधियों की मौजूदा स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने नए सचिव को मिनरल एक्सप्लोरेशन, मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी और उनके संचालन, तथा क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स के विकास से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों की प्रगति से अवगत कराया।

समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर

केशव चंद्र ने बैठक में स्पष्ट किया कि मंत्रालय की पहलों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि 'प्रभावी नीति क्रियान्वयन और सभी संबंधित पक्षों के बीच मजबूत सहयोग के जरिए भारत के खनिज क्षेत्र को और सशक्त बनाया जा सकता है।' खान मंत्रालय ने पुष्टि की कि नए सचिव ने योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया।

खनिज क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियाँ और सरकारी प्राथमिकताएँ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक स्तर पर क्रिटिकल मिनरल्स — जैसे लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ भू-तत्व — की आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा उद्योग जैसे क्षेत्रों में इन खनिजों की माँग तेजी से बढ़ रही है। बैठक में खनिजों की उपलब्धता बढ़ाने, संसाधनों के विकास में तेजी लाने और देश की दीर्घकालिक आर्थिक एवं औद्योगिक वृद्धि को समर्थन देने वाली योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

केशव चंद्र का परिचय

केशव चंद्र 1995 बैच के एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। उनके पास प्रशासन और नीति क्रियान्वयन का दीर्घ अनुभव है। वह ऐसे समय यह कार्यभार संभाल रहे हैं जब सरकार खनन क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों और मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने की दिशा में काम कर रही है।

आगे की राह

खान मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, नए सचिव के नेतृत्व में मंत्रालय मिनरल एक्सप्लोरेशन के विस्तार, नीलामी प्रक्रिया में तेजी और क्रिटिकल मिनरल्स मिशन को जमीन पर उतारने की दिशा में काम करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियुक्ति से खनिज क्षेत्र की नीतियों को नई गति मिल सकती है, बशर्ते क्रियान्वयन तंत्र को मजबूत किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नतीजे अक्सर अपेक्षाओं से कम रहे हैं — यही वह चुनौती है जिसका सामना चंद्र को करना होगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव चंद्र कौन हैं और उन्होंने कौन सा पद संभाला है?
केशव चंद्र 1995 बैच के एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने 28 जुलाई 2025 को खान मंत्रालय के सचिव पद का कार्यभार संभाला। वह खनन और खनिज क्षेत्र में सुधारों की निगरानी करेंगे।
खान मंत्रालय की प्रमुख प्राथमिकताएँ क्या हैं?
मंत्रालय की प्राथमिकताओं में मिनरल एक्सप्लोरेशन का विस्तार, मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी और संचालन में तेजी, तथा क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक मिनरल्स का विकास शामिल है। ये सभी देश की दीर्घकालिक आर्थिक और औद्योगिक वृद्धि से जुड़े हैं।
क्रिटिकल मिनरल्स भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ भू-तत्व जैसे क्रिटिकल मिनरल्स इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा उद्योग के लिए अनिवार्य हैं। भारत इनकी आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है।
केशव चंद्र ने पदभार संभालने के बाद पहले दिन क्या किया?
पद संभालते ही उन्होंने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें मिनरल एक्सप्लोरेशन, मिनरल ब्लॉक नीलामी और क्रिटिकल मिनरल्स योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और विभागों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया।
मिनरल ब्लॉक नीलामी प्रक्रिया में क्या बदलाव अपेक्षित हैं?
सरकार मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी और उनके संचालन को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने की दिशा में काम कर रही है। नए सचिव के नेतृत्व में इस प्रक्रिया को और गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले