क्या अश्विनी वैष्णव ने अमेरिका की महत्वपूर्ण खनिज बैठक में भूमिका निभाई?
सारांश
Key Takeaways
- भारत की महत्वपूर्ण भूमिका महत्वपूर्ण खनिजों में।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बढ़ती आवश्यकता।
- मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की मजबूती के लिए कदम।
- डि-रिस्किंग की नीति की आवश्यकता।
- भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं का ध्यान।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) के संदर्भ में भारत की सक्रियता को उजागर किया है। उन्होंने अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के एक 'एक्स' पोस्ट को फिर से साझा करते हुए बताया कि वे हाल ही में आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग में शामिल हुए।
यह बैठक अमेरिका के ट्रेजरी विभाग द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें स्कॉट बेसेंट ने नेतृत्व किया। अश्विनी वैष्णव ने 'एक्स' पोस्ट में उल्लेख किया कि महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है।
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने अपने 'एक्स' पोस्ट में इस बैठक की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा कि अमेरिका के ट्रेजरी विभाग द्वारा आयोजित इस फाइनेंस मिनिस्टीरियल बैठक में सभी देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन में मौजूद प्रमुख कमजोरियों को तेजी से दूर करने की साझा इच्छा स्पष्ट रूप से सामने आई।
स्कॉट बेसेंट ने यह भी कहा कि वे इस बात को लेकर आशान्वित हैं कि देश डिकपलिंग (पूरी तरह अलग होने) के बजाय डि-रिस्किंग (जोखिम कम करने) की नीति अपनाएंगे।
इस बीच, भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "अश्विनी वैष्णव ने अमेरिका द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला की मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने आर्थिक समृद्धि, लचीली मैन्युफैक्चरिंग और विकसित भारत को साकार करने के लिए आवश्यक क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए भारत की पक्की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।"
इस पहल को भारत और अन्य देशों के बीच बढ़ते सहयोग के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला पर वैश्विक स्तर पर समन्वय से न केवल सप्लाई चेन सुरक्षित होगी, बल्कि भविष्य की औद्योगिक और तकनीकी आवश्यकताओं को भी मजबूती मिलेगी।