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अमेरिका और भारत के बीच जरूरी खनिज समझौते की तैयारी: राजदूत सर्जियो गोर

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अमेरिका और भारत के बीच जरूरी खनिज समझौते की तैयारी: राजदूत सर्जियो गोर

सारांश

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि अमेरिका और भारत आवश्यक खनिजों पर एक महत्वपूर्ण समझौते के अंतिम चरण में हैं, जो दोनों देशों के बीच सहयोग और सप्लाई चेन को मजबूत करेगा। जानिए इस समझौते के पीछे की रणनीति और महत्व।

मुख्य बातें

संरक्षण: आवश्यक खनिजों की सुरक्षित सप्लाई चेन का विकास।
सहयोग: अमेरिका और भारत के बीच बढ़ता सहयोग।
अर्थव्यवस्था: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव।
रणनीति: दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों की मजबूती।
भविष्य: आगामी महीनों में महत्वपूर्ण घोषणाएं।

नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्रीय प्रेस)। अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका और भारत आवश्यक खनिजों पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए अंतिम चरण में हैं। इस समझौते से दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और सप्लाई चेन को और अधिक मजबूती मिलेगी।

एक कार्यक्रम में बोलते हुए, गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत का बढ़ता संबंध एक गहरी साझेदारी का प्रतीक है, जो पारंपरिक व्यापार संबंधों से कहीं आगे निकल चुका है। यह बयान तब आया है जब दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के ढांचे पर सहमति जताई थी।

गोर ने कहा, "अमेरिका और भारत एक-दूसरे पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो एक गहरी साझेदारी को दर्शाता है, जो निरंतर मजबूती प्राप्त कर रही है।" उन्होंने यह भी बताया कि यह संबंध रणनीतिक सहयोग के नए युग की ओर अग्रसर है।

गोर ने आगे कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में, दोनों देशों के बीच संबंधों की वैश्विक ऊंचाइयों तक पहुंचने की संभावना है।

उन्होंने कहा, "जो चीज जरूरी थी, वह थी मोमेंटम और अवसर, और अब हम उन अवसरों और संभावनाओं को अनलॉक करने की दिशा में बढ़ रहे हैं।"

गोर ने जोर देकर कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग केवल टैरिफ या मार्केट एक्सेस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उन संसाधनों को सुरक्षित करने और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी केंद्रित है जो आने वाले दशकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देंगे।

उन्होंने कहा, "यह साझेदारी केवल टैरिफ या मार्केट एक्सेस के बारे में नहीं है, बल्कि संसाधनों और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के बारे में भी है जो भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था को निर्धारित करेंगे।"

गोर ने आवश्यक खनिजों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि यह साझेदारी के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा, "हमारे देशों के बीच सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक आवश्यक खनिज हैं। आवश्यक खनिजों के लिए विश्वसनीय और विविध सप्लाई चेन आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक हैं।"

राजदूत ने कहा कि अमेरिका और भारत एक आवश्यक खनिज समझौते के बहुत करीब हैं, जो उच्च स्तर की मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा प्रणालियों और नई तकनीकों के लिए आवश्यक सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में मदद करेगा।

उन्होंने आगे कहा, "अगले कुछ महीनों में, इस संबंध में एक बड़ी घोषणा की जाएगी।"

यह भी उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राजदूत गोर ने उच्च तकनीकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की ओर भी इशारा किया। भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हाल के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नई सुविधाओं का उद्घाटन किया और उद्योग में प्रगति का जश्न मनाया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाता है।

गोर ने कहा, "अमेरिका एलएनजी का एक विश्वसनीय सप्लायर भी है और हम आने वाले वर्षों में भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।"

गोर ने इंडिया टुडे मैगजीन के नवीनतम कवर की भी सराहना की, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे। उन्होंने कहा कि इसने व्हाइट हाउस का ध्यान भी आकर्षित किया है। उन्होंने कहा, "मैंने कवर की एक फोटो ली और राष्ट्रपति ट्रंप को भेजी, और उन्होंने इसे ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देगा बल्कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को भी एक नई दिशा देगा। आवश्यक खनिजों की आपूर्ति को सुरक्षित करना दोनों देशों के लिए न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका और भारत के बीच आवश्यक खनिज समझौता क्या है?
यह एक समझौता है जो दोनों देशों के बीच आवश्यक खनिजों की आपूर्ति और सहयोग को मजबूत करेगा।
इस समझौते का महत्व क्या है?
यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और सप्लाई चेन को मजबूत करेगा, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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