भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते संबंध, विदेश सचिव मिसरी का एफबीआई प्रमुख से संवाद
सारांश
Key Takeaways
- भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सुरक्षा सहयोग
- आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास
- व्यापार और आवश्यक खनिजों पर बढ़ती चर्चा
- उच्चस्तरीय दौरे की संभावनाएं
- स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में बढ़ता जुड़ाव
वाशिंगटन, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत और अमेरिका ने अपने स्ट्रेटेजिक संबंधों को और मजबूत किया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के डायरेक्टर काश पटेल सहित वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के साथ विभिन्न चर्चाएँ की। इस चर्चा का मुख्य विषय रक्षा, आतंकवाद का मुकाबला और क्षेत्रीय सुरक्षा रहा।
भारतीय दूतावास ने बताया कि अपने मौजूदा दौरे के दौरान मिसरी ने आज विदेश सचिव मार्को रुबियो से मुलाकात की और कहा, “हम इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने संबंध को और भी गहरा करने और भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने के लिए आशान्वित हैं।”
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को उत्पादक बताया। उन्होंने कहा कि यह बैठक हमारे द्विपक्षीय संबंधों, विशेष रूप से व्यापार, आवश्यक खनिज, रक्षा और क्वाड पर केंद्रित रही।
गोर ने यह भी कहा, “विदेश सचिव रुबियो अगले महीने भारत आने की योजना बना रहे हैं!” यह एक संभावित उच्चस्तरीय दौरे की ओर इशारा करता है।
मिसरी और एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल की मुलाकात सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्रित थी। भारतीय दूतावास ने कहा, “दोनों ने आतंकवाद, सुनियोजित अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में भारत-अमेरिका के सहयोग पर गहन विचार-विमर्श किया।”
यह बैठक पारंपरिक रक्षा संबंधों के साथ-साथ कानून प्रवर्तन और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाती है। मिसरी ने उप सचिव क्रिस्टोफर लैंडौ के साथ भी संवाद किया।
दूतावास ने बताया, “उन्होंने आपसी प्राथमिकताओं पर चर्चा की और क्षेत्रीय व वैश्विक विकास पर विचार साझा किए।”
अमेरिकी विदेश विभाग के मुख्य डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि लैंडौ ने मिसरी के साथ मीटिंग में “दोनों देशों के बीच घनिष्ठ साझेदारी को फिर से सुनिश्चित किया।”
बयान में कहा गया, “नेताओं ने दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों को फिर से सुनिश्चित किया और फारस की खाड़ी के हालात तथा अन्य वैश्विक और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर जानकारी साझा की।”
क्षेत्रीय विकास, विशेषकर पश्चिम एशिया, बैठक में विशेष रूप से शामिल रहा, जिसमें दोनों पक्षों ने चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच विचारों का आदान-प्रदान किया।
मिसरी ने राजनीतिक मामलों के अवर सचिव एलिसन हुकर से भी मुलाकात की, जहां दोनों ने पिछले साल दिसंबर में हुए फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन्स के बाद से भारत-अमेरिका द्विपक्षीय एजेंडे का अवलोकन किया।”
भारतीय दूतावास ने कहा कि उन्होंने “पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों के साथ-साथ आपसी लाभ के क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।”
इस दौरान आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग के साथ बातचीत में दोनों पक्षों ने सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
दूतावास ने कहा, “वे पैक्स सिलिका के अंतर्गत सहयोग को आगे बढ़ाने और एआई तथा आवश्यक खनिजों सहित बड़े आर्थिक और तकनीकी संबंधों पर सहमत हुए।”
आधिकारिक बैठकों के अलावा, मिसरी ने वॉशिंगटन की स्ट्रेटेजिक कम्युनिटी के साथ संवाद किया और थिंक टैंक के साथ भारत-यूएस के आपसी संबंधों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर चर्चा की।
इन चर्चाओं में तेजी से बदलते वैश्विक क्रम में मिलने वाले अवसरों और आने वाली चुनौतियों के साथ-साथ ऊर्जा, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए वैश्विक विकास के प्रभाव पर भी बात की गई।