26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत की भूमिका: अमेरिका की रणनीति में चीन के प्रभाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साझेदार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत की भूमिका: अमेरिका की रणनीति में चीन के प्रभाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साझेदार

सारांश

अमेरिका, चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण सहयोगी मानता है। यह जानकारी अमेरिकी अधिकारियों द्वारा साझा की गई है, जिसमें भारत के एआई और खनिज संसाधनों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

मुख्य बातें

भारत अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी बन रहा है।
पैक्स सिलिका की पहल में भारत का स्वागत किया गया है।
चीन की रिफाइनिंग क्षमता एक बड़ी चुनौती है।
भारत तकनीकी और खनिज संसाधनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अमेरिका और भारत के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं।

वाशिंगटन, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका चीन के प्रभाव को कम करने के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। विशेष रूप से रेयर अर्थ मिनरल्स और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन्स के संदर्भ में, अमेरिका भारत को एक स्ट्रेटेजिक स्तंभ मानता है। यह जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आर्थिक सुरक्षा पर आयोजित एक महत्वपूर्ण कांग्रेसनल चर्चा के दौरान साझा की।

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के समक्ष, इकोनॉमिक ग्रोथ, एनर्जी, और एनवायरनमेंट के अंडरसेक्रेटरी ऑफ स्टेट जैकब हेलबर्ग ने बताया कि भारत औपचारिक रूप से अमेरिका के नेतृत्व वाले “पैक्स सिलिका” कोएलिशन में शामिल हो गया है। यह पहल सहयोगी देशों के बीच आवश्यक मिनरल्स, सेमीकंडक्टर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सप्लाई चेन्स को सुरक्षित करने के लिए है।

हेलबर्ग ने कहा कि हाल ही में भारत का इस समूह में स्वागत किया गया है। उन्होंने “पैक्स सिलिका” को एआई के इस युग के लिए एक आर्थिक सुरक्षा साझेदारी के रूप में वर्णित किया। उनका मानना है कि आने वाले दशकों में वही देश वैश्विक नेतृत्व करेगा जो एआई की औद्योगिक नींव पर नियंत्रण रखेगा। जो देश ऐसा नहीं कर पाएगा, उसे दूसरों पर निर्भर रहना पड़ेगा।

हेलबर्ग ने भारत की विशेष क्षमताओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, मानव संसाधन और प्रतिभा के मामले में भारत एक ऐसा देश है जो चीन को चुनौती दे सकता है। इसके अलावा, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा खनिज परिष्करण करने वाला देश है।

उन्होंने बताया कि चीन वर्तमान में “दुनिया की लगभग ९० प्रतिशत रिफाइनिंग क्षमता” को संभालता है, और सप्लाई चेन का एक ही देश में होना एक बुनियादी चुनौती है, जिसे हल करने के लिए अमेरिका तेजी से प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कमेटी को बताया कि इस रणनीति में “ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स” के माध्यम से सहयोगी देशों में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाना और भारत, ऑस्ट्रेलिया, और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में माइनिंग और मिनरल प्रोसेसिंग वेंचर्स में प्राइवेट कैपिटल लगाना शामिल है।

हेलबर्ग ने यह भी कहा कि अमेरिका चीन की व्यापार और औद्योगिक नीतियों का मुकाबला करने के लिए आर्थिक सहयोग, निर्यात नियंत्रण, और आपूर्ति श्रृंखला में विविधता जैसे रणनीतियों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, "चीन ने हमसे अलग होने के अपने इरादों को छिपाया नहीं है। सवाल यह है कि क्या हम उन पर निर्भर रहकर सहज हैं, जबकि वे सक्रिय रूप से हमसे अलग होने की कोशिश कर रहे हैं?"

चर्चा के दौरान अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर राजनीतिक मतभेद सामने आए, लेकिन चीन के बढ़ते वर्चस्व को लेकर दोनों दलों में चिंता देखी गई।

हेलबर्ग ने बताया कि हाल ही में अमेरिका की अगुवाई में ५५ देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर एक बैठक में हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य चीन द्वारा नियंत्रित सप्लाई चेन के विकल्प खोजना था। उन्होंने ट्रेड पर अमेरिका और भारत के हालिया संयुक्त बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में भारत द्वारा अमेरिका से बड़े खरीद और सीमा पार निवेश बढ़ाने का उल्लेख है।

अंत में, हेलबर्ग ने कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और उन्हें इस संबंध की दिशा पर पूरा विश्वास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर तकनीकी और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में। यह सहयोग न केवल आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर शक्ति संतुलन में भी परिवर्तन ला सकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की भूमिका अमेरिका की रणनीति में क्या है?
भारत को अमेरिका की रणनीति में एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तकनीकी और खनिज संसाधनों के संदर्भ में।
पैक्स सिलिका क्या है?
पैक्स सिलिका एक पहल है जिसका उद्देश्य सहयोगी देशों के बीच आवश्यक मिनरल्स, सेमीकंडक्टर्स और एआई सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है।
चीन की रिफाइनिंग क्षमता के बारे में क्या कहा गया है?
चीन दुनिया की लगभग 90 प्रतिशत रिफाइनिंग क्षमता को संभालता है, जिससे अमेरिका को चुनौती मिल रही है।
भारत की खनिज संसाधनों में क्या स्थिति है?
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा खनिज परिष्करण करने वाला देश है, जो अमेरिका की रणनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस सहयोग का भविष्य क्या है?
अमेरिका और भारत के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और इस सहयोग के भविष्य पर सकारात्मक दृष्टिकोण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले