क्या भारत अमेरिका के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका में शामिल होगा, आपूर्ति श्रृंखला को मिलेगी मजबूती?

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क्या भारत अमेरिका के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका में शामिल होगा, आपूर्ति श्रृंखला को मिलेगी मजबूती?

सारांश

भारत अमेरिका के नेतृत्व वाली पहल पैक्स सिलिका में शामिल होने पर विचार कर रहा है। इस कदम से आपूर्ति श्रृंखला में मजबूती आएगी और भारत अपनी संरचनात्मक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए निवेश के नए अवसरों की खोज करेगा। जानिए इस रणनीतिक निर्णय के पीछे क्या कारण हैं।

Key Takeaways

  • भारत अमेरिका के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका में शामिल होने पर विचार कर रहा है।
  • इससे आपूर्ति श्रृंखला में मजबूती आएगी।
  • भारत अपनी संरचनात्मक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए निवेश को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
  • पैक्स सिलिका में शामिल होने से भारत को वैश्विक तकनीकी फलक पर एक नई पहचान मिलेगी।
  • यह कदम चीन और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के बीच उठाया जा रहा है।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चीन और पश्चिमी देशों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर बढ़ते तनाव के बीच, भारत रणनीतिक स्वायत्तता को खोए बिना अमेरिका के नेतृत्व वाली पहल पैक्स सिलिका में शामिल होने की संभावना पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पैक्स सिलिका में भागीदारी से भारत को विकसित देशों के साथ सहयोग बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को सशक्त करने में मदद मिलेगी। हालांकि, भारत यह सुनिश्चित करेगा कि इसकी संरचनात्मक स्वायत्तता प्रभावित न हो।

पैक्स सिलिका, सिंगापुर, इजराइल, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम सहित सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और उन्नत तकनीक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़े देशों का एक समूह है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल से लेकर अत्याधुनिक एआई सिस्टम तक, सभी आवश्यकताओं के लिए अत्यधिक केंद्रित आपूर्ति श्रृंखलाओं की समस्याओं को दूर करना है।

भारत जैसे विकासशील बाजार के लिए, नई दिल्ली कुछ नीतिगत विकल्पों की खोज कर सकती है, जैसे कि सब्सिडी, खरीद व्यवस्था में प्राथमिकता और संतुलित आयात नियम, जो कुछ पैक्स सिलिका सदस्यों के साथ मेल नहीं खा सकते। भारत, जापान और सिंगापुर जैसे अन्य पैक्स सिलिका देशों के साथ मिलकर लचीली सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के प्रयास कर रहा है।

नई दिल्ली में अपने पहले दिन, भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पैक्स सिलिका में भारत को एक पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल करने की घोषणा की।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि 'भारत' संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र - डिजाइन, विनिर्माण, ऑपरेटिंग सिस्टम, अनुप्रयोग, सामग्री और उपकरण - में एक प्रमुख खिलाड़ी बनेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष चार सेमीकंडक्टर प्लांट वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेंगे।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भारत का अमेरिका के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका में शामिल होने का निर्णय, न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक परिप्रेक्ष्य से भी महत्वपूर्ण है। इससे भारत को वैश्विक तकनीकी फलक पर मजबूती मिलेगी। यह कदम भारतीय उद्योगों के लिए नए दरवाजे खोलेगा, बशर्ते कि हम अपनी संरचनात्मक स्वायत्तता को बनाए रखें।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

पैक्स सिलिका क्या है?
पैक्स सिलिका एक अंतरराष्ट्रीय समूह है जिसमें सिंगापुर, इजराइल, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं, जो सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और उन्नत तकनीकी आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग करते हैं।
भारत का पैक्स सिलिका में शामिल होने का लाभ क्या है?
भारत का पैक्स सिलिका में शामिल होना उसे विकसित देशों के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में मदद करेगा, साथ ही आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा।
भारत अपनी स्वायत्तता को कैसे बनाए रखेगा?
भारत यह सुनिश्चित करेगा कि पैक्स सिलिका में उसकी भागीदारी से उसकी संरचनात्मक स्वायत्तता कमजोर न हो।
क्या अन्य देश भी इस पहल में शामिल होंगे?
हां, पैक्स सिलिका में पहले से ही कई विकसित देश शामिल हैं, और भारत का शामिल होना इस समूह को और अधिक मजबूत करेगा।
भारत की तकनीकी स्थिति क्या होगी?
भारत का तकनीकी क्षेत्र और मजबूत होगा, इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र में भारत की भूमिका बढ़ेगी।
Nation Press