चित्तौड़गढ़ में सीबीएन की महत्वपूर्ण कार्रवाई, 52 किलो से अधिक अवैध अफीम पकड़ी गई
सारांश
Key Takeaways
- सीबीएन का प्रमुख ऑपरेशन: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में 52 किलोग्राम अवैध अफीम की बरामदगी।
- छापेमारी का आधार: लाइसेंस प्राप्त अफीम के अवैध डायवर्जन की सूचना।
- कृषकों की विसंगतियां: वास्तविक और दर्ज मात्रा में बड़ा अंतर।
- अभियोजन: एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई।
- जांच का विस्तार: आगे की जांच जारी है।
नीमच, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश शाखा ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से 52 किलोग्राम से अधिक अवैध अफीम बरामद की है। यह सफल ऑपरेशन उप नारकोटिक्स आयुक्त (डीएनसी) नीमच के मार्गदर्शन में किया गया।
सीबीएन की निगरानी टीम को लाइसेंस प्राप्त अफीम के अवैध डायवर्जन की सूचना मिली थी। इसी आधार पर चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन क्षेत्र के पांडोली स्टेशन के निकट एक आवासीय परिसर में छापेमारी की गई।
इस कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि यह परिसर एक व्यक्ति के स्वामित्व में है, जहां तीन लाइसेंस प्राप्त अफीम कृषक किराए के कमरों में रहकर खेती से संबंधित कार्य कर रहे थे। अधिकारियों ने जब वहां मौजूद अफीम का सत्यापन किया, तो कई गंभीर विसंगतियां उजागर हुईं।
जांच में यह पता चला कि किसानों के पास मौजूद अफीम की वास्तविक मात्रा और प्रारंभिक तौल रजिस्टर (पीडब्ल्यूआर) में दर्ज मात्रा के बीच काफी बड़ा अंतर है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद अफीम और अफीम मिश्रित पानी की कुल मात्रा 52.494 किलोग्राम पाई गई, जो पंजीकृत उत्पादन से कई गुना अधिक है।
मादक द्रव्य एवं मन प्रभावी पदार्थ नियम, 1985 के नियम 13 के अंतर्गत यह अनिवार्य है कि अफीम किसान प्रतिदिन एकत्रित अफीम को दैनिक तौल के लिए प्रस्तुत करें, ताकि उसका विधिवत रिकॉर्ड रखा जा सके, लेकिन जांच के दौरान बरामद मात्रा का मिलान आधिकारिक रिकॉर्ड से नहीं हो सका।
सीबीएन अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई अफीम को मादक द्रव्य एवं मन प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की धारा 8, 18(बी), 19 और 42 के तहत जब्त किया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि तलाशी के समय तीनों कृषक मौके पर उपस्थित नहीं थे और उनसे पूछताछ अभी बाकी है।
सीबीएन ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अतिरिक्त अफीम को कहां और किस उद्देश्य से डायवर्ट किया जा रहा था।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और लाइसेंस प्राप्त अफीम के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करता रहेगा।