पंजाब बजट 2026-27: महिलाओं के लिए एक नई पहल, 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' की शुरुआत

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पंजाब बजट 2026-27: महिलाओं के लिए एक नई पहल, 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' की शुरुआत

सारांश

पंजाब की 'आप' सरकार ने महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है। 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए का आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं लाभान्वित होंगी।

Key Takeaways

  • महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता
  • हर माह 1,000 या 1,500 रुपए
  • 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं लाभान्वित
  • सीधे बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर
  • मुफ्त बस यात्रा की सुविधा

चंडीगढ़, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब की 'आप' सरकार ने अपने महत्वपूर्ण चुनावी वादों को पूरा करने के लिए महिलाओं के लिए एक विशेष योजना की घोषणा की है। राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' के अंतर्गत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। इस योजना से राज्य की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं लाभान्वित हो सकेंगी।

यह ऐलान रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा में बजट पेश करते हुए राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किया। उन्होंने अपने पांचवें बजट भाषण में बताया कि इस योजना के कार्यान्वयन के लिए 2026-27 के बजट में 9,300 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट व्यय 2,60,437 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखते हुए विकास और जनकल्याण दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार प्रभावी राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा 4.08 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन के साथ आर्थिक विकास और जनता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विधानसभा में विशेष माहौल देखने को मिला। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की माता हरपाल कौर मान, उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर मान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की पत्नी मंजीत कौर और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल सहित कई महिलाएं सदन में उपस्थित रहीं।

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अपनी चुनावी गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया है।

उन्होंने कहा, "आज हम उस वादे को पूरा कर रहे हैं जो महिलाओं से किया गया था। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के इस अवसर पर भारत के इतिहास की सबसे बड़ी महिला सशक्तीकरण योजना की घोषणा करते हुए मुझे गर्व हो रहा है।"

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का मानना है कि किसी भी देश की प्रगति तभी संभव है जब वहां की महिलाएं आगे बढ़ें। इसी सोच के साथ 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' लागू की जा रही है।

वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य की सभी वयस्क महिलाओं के बैंक खातों में सीधे धनराशि ट्रांसफर की जाएगी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 दिए जाएंगे।

उन्होंने दावा किया कि यह न केवल भारत बल्कि विश्व की पहली ऐसी यूनिवर्सल कैश ट्रांसफर योजना होगी जो लगभग सभी वयस्क महिलाओं को कवर करेगी।

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक उम्र की लगभग सभी महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी, हालांकि कुछ श्रेणियों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। इनमें मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, वर्तमान या पूर्व सांसद और विधायक तथा आयकर देने वाले लोग शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्पष्ट किया कि जो महिलाएं पहले से किसी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ ले रही हैं, जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, बेसहारा महिलाओं की पेंशन, या दिव्यांग पेंशन, वे भी इस नई योजना के तहत लाभ लेने के लिए पात्र होंगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना से पंजाब की करीब 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं कवर होंगी, जो किसी भी राज्य में सबसे अधिक कवरेज है।

सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी और परिवार में निर्णय लेने में उनकी भूमिका मजबूत होगी। इसके साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े परिणामों में भी सुधार होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि इससे लड़कियों की शिक्षा और उनके बड़े सपनों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण का असली मतलब तभी है जब महिलाओं के पास आर्थिक सुरक्षा और सम्मान हो।

अपने भाषण में हरपाल सिंह ने दूसरे राज्यों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने इसी तरह की योजनाओं की घोषणा की है, लेकिन उन्हें बहुत सीमित दायरे में लागू किया गया है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक पड़ोसी राज्य ने ऐसी योजना केवल उन परिवारों तक सीमित रखी जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपए से कम है, जिससे वहां केवल 20 प्रतिशत महिलाएं ही लाभान्वित हो पाती हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ऐसा 'जुमला' नहीं करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान केवल 20 प्रतिशत महिलाओं के मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि पंजाब की हर महिला के मुख्यमंत्री हैं। इसलिए हमने तय किया है कि राज्य की लगभग सभी वयस्क महिलाओं को इस योजना में शामिल किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि अब किसी बेटी को कॉलेज की किताबें खरीदने के लिए या सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए कोचिंग लेने के लिए किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा, "चाहे कोई बेटी कॉलेज में पढ़ रही हो और उसे अतिरिक्त किताबों की जरूरत हो, या कोई लड़की सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही हो और उसे कोचिंग के लिए पैसे चाहिए हों, या कोई महिला सिनेमा देखने जाना चाहती हो, या कोई दादी अपनी पोती के लिए खिलौना खरीदना चाहती हो, अब उन्हें किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं होगी। उनका बेटा भगवंत मान हर महीने 1,000 से 1,500 उनके खाते में भेजेगा।"

इस आर्थिक सहायता के अलावा सरकार महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी जारी रखेगी। यह योजना पहले से लागू है और महिलाओं की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है।

वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले एक साल में ही इस योजना के तहत महिलाओं ने करीब 12 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं की हैं। इससे पता चलता है कि यह सुविधा कितनी लोकप्रिय और उपयोगी साबित हुई है।

Point of View

NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना क्या है?
यह योजना पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपए और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
इस योजना का लाभ राज्य की करीब 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं उठा सकेंगी, जो 18 वर्ष से अधिक उम्र की हैं।
क्या इस योजना में सभी महिलाएं शामिल हैं?
कुछ श्रेणियों जैसे सरकारी कर्मचारी, सांसद, विधायक और आयकर देने वाले लोग इस योजना में शामिल नहीं होंगे।
इस योजना का क्या उद्देश्य है?
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाना और उनके स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा में सुधार करना है।
क्या इस योजना का कोई और लाभ है?
जी हां, इस योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे उनकी आवाजाही में सुविधा होगी।
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