बेंगलुरु में 'ऑपरेशन मुक्त': पुलिस ने 105 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की, 500 जवान तैनात
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु पुलिस ने शहरव्यापी सत्यापन अभियान 'ऑपरेशन मुक्त' के तहत 10 अगस्त 2026 तक 105 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की है, जो विभिन्न इलाकों में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे थे। यह अभियान बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पूरे शहर में एक साथ चलाया गया, जिसमें 500 पुलिसकर्मी और अधिकारी शामिल हैं।
अभियान का स्वरूप और दायरा
यह शहरव्यापी अभियान शनिवार को शुरू किया गया था। इसे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 58 पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने बेंगलुरु के 58 स्थानों पर एक साथ छापेमारी, सर्च ऑपरेशन और दस्तावेज सत्यापन किया। सत्यापन प्रक्रिया 30 अलग-अलग लोकेशन में विभिन्न पुलिस स्टेशनों से जुड़े क्षेत्रों में संपन्न की गई।
अधिकारियों के अनुसार, इन इलाकों में अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिकों के रहने की सूचना मिलने के बाद यह सत्यापन अभियान शुरू करना ज़रूरी हो गया था।
मुख्य घटनाक्रम: किस इलाके में कितने चिन्हित
व्हाइटफील्ड में पुलिस ने 1,035 लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन किया, जिसमें से 62 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान हुई जो बिना किसी वैध दस्तावेज के रह रहे थे।
इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन — जिसमें इलेक्ट्रॉनिक सिटी, हुलिमावु, परप्पना अग्रहारा, बंदेपल्या, हेब्बागोडी और बेगुर इलाके शामिल हैं — में 1,909 लोगों के दस्तावेजों की जाँच की गई, जिसमें 43 बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रहते पाए गए।
पुलिस की आगे की प्रक्रिया
व्हाइटफील्ड डिवीजन के पुलिस उपायुक्त सिदुल्ला अदावत ने बताया कि अभियान के दौरान यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति मिलता है, तो सबसे पहले उसके दस्तावेजों की जाँच की जाएगी। यदि जाँच में यह पाया जाता है कि किसी के पास किसी दूसरे देश से जुड़ा दस्तावेज है, दस्तावेज में कोई खामी है, या वह अवैध रूप से रह रहा है, तो मामले को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के संज्ञान में लाया जाएगा।
अदावत ने स्पष्ट किया कि संबंधित प्राधिकरण से आदेश मिलने के बाद ही निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभियान अभी भी जारी है।
अभियान की पृष्ठभूमि
यह विशेष अभियान ऐसे समय में शुरू किया गया जब यह आरोप लगाया गया था कि बेंगलुरु के कई इलाकों में बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं। गौरतलब है कि देश के कई महानगरों में इस तरह के सत्यापन अभियान समय-समय पर चलाए जाते रहे हैं, लेकिन बेंगलुरु में इस पैमाने पर एकसाथ 58 टीमों की तैनाती असामान्य है।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चिन्हित व्यक्तियों के मामले FRRO को भेजे जाएँगे और वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही आगे की कार्रवाई होगी। अभियान जारी रहने के साथ पहचाने गए नागरिकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।