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बेंगलुरु से 31 बांग्लादेशी नागरिक डिपोर्ट, मालदा के कर्म तीर्थ होल्डिंग सेंटर पहुंचे

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बेंगलुरु से 31 बांग्लादेशी नागरिक डिपोर्ट, मालदा के कर्म तीर्थ होल्डिंग सेंटर पहुंचे

सारांश

बेंगलुरु के 10 थानों के क्षेत्र से पकड़े गए 31 बांग्लादेशी नागरिकों को 20 पुलिसकर्मियों की एस्कॉर्ट में मालदा के कर्म तीर्थ होल्डिंग सेंटर पहुंचाया गया। 'ऑपरेशन मुक्त' के तहत कर्नाटक में यह कार्रवाई जारी है और बांग्लादेश डिपोर्टेशन से पहले औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

मुख्य बातें

31 बांग्लादेशी नागरिकों को बेंगलुरु के 10 पुलिस थानों के क्षेत्र से 'ऑपरेशन मुक्त' के तहत हिरासत में लिया गया।
इन्हें SMVT बेंगलुरु से 20 पुलिसकर्मियों की एस्कॉर्ट में मालदा, पश्चिम बंगाल भेजा गया।
2 सितंबर को बुधवार सुबह यह दल कर्म तीर्थ होल्डिंग सेंटर में अधिकारियों को सौंपा गया।
अगस्त के अंत में मंगलुरु में भी 21 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लिया गया था।
पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने नागरिकों से संदिग्ध प्रवासियों की जानकारी साझा करने की अपील की।

बेंगलुरु के 10 अलग-अलग पुलिस थानों के क्षेत्र से हिरासत में लिए गए 31 बांग्लादेशी नागरिकों को 2 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित कर्म तीर्थ होल्डिंग सेंटर में अधिकारियों को सौंप दिया गया। इन्हें कर्नाटक में अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे 'ऑपरेशन मुक्त' के तहत पकड़ा गया था। यहाँ से आगे की डिपोर्टेशन प्रक्रिया पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के सहयोग से पूरी की जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

इन सभी बांग्लादेशी नागरिकों को सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT), बेंगलुरु से मालदा रवाना किया गया। पश्चिम बंगाल की यात्रा के दौरान इस समूह को 20 पुलिसकर्मियों ने एस्कॉर्ट किया। पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह यह दल मालदा पहुंचा और औपचारिक रूप से होल्डिंग सेंटर के अधिकारियों को सौंपा गया।

ऑपरेशन मुक्त: कर्नाटक में बड़े पैमाने पर कार्रवाई

कर्नाटक में फिलहाल 'ऑपरेशन मुक्त' के तहत संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के विरुद्ध व्यापक अभियान जारी है। यह अभियान शहरव्यापी स्तर पर चलाया जा रहा है, जिसमें निर्माण स्थलों, आवासीय क्षेत्रों और अन्य कार्यस्थलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गौरतलब है कि अगस्त के अंत में मंगलुरु सिटी पुलिस ने स्थानीय निर्माण स्थलों पर काम करते पाए गए 21 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भी हिरासत में लिया था।

बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर की अपील

बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे संदिग्ध अवैध प्रवासियों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि लोग कानून अपने हाथ में न लें और किसी भी संदिग्ध के बारे में सीधे अधिकारियों को सूचित करें।

आगे की डिपोर्टेशन प्रक्रिया

इलेक्ट्रॉनिक सिटी के पुलिस उपायुक्त एम. नारायण ने बताया कि बांग्लादेश को डिपोर्ट करने से पूर्व पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के साथ मिलकर सभी ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु में विदेशी डिटेंशन सेंटर में क्षमता की कमी के कारण इन व्यक्तियों को पहले एक स्थानीय सेफ हाउस में रखा गया था, और इसके बाद मालदा के BHF होल्डिंग सेंटर भेजा गया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में अवैध प्रवासियों के खिलाफ प्रशासनिक सक्रियता तेज़ हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें राज्य पुलिस बलों पर अवैध प्रवासियों की पहचान और निष्कासन का दबाव बढ़ा है। हालाँकि, विदेशी डिटेंशन सेंटर में क्षमता की कमी और सेफ हाउस पर निर्भरता यह दर्शाती है कि बुनियादी ढाँचा अभियान की गति के साथ कदम नहीं मिला पा रहा। असली सवाल यह है कि बांग्लादेश को वापस भेजने की औपचारिक प्रक्रिया में कितना समय लगता है और क्या राज्यों के बीच समन्वय इसे तेज़ कर सकता है — अन्यथा होल्डिंग सेंटर भी जल्द संतृप्त हो सकते हैं।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु से डिपोर्ट किए गए 31 बांग्लादेशी नागरिक कहाँ भेजे गए?
इन्हें पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित कर्म तीर्थ होल्डिंग सेंटर भेजा गया, जहाँ से बांग्लादेश डिपोर्टेशन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 2 सितंबर को बुधवार सुबह इन्हें वहाँ के अधिकारियों को सौंपा गया।
'ऑपरेशन मुक्त' क्या है?
'ऑपरेशन मुक्त' कर्नाटक पुलिस का वह अभियान है जिसके तहत राज्य में संदिग्ध अवैध विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। यह अभियान बेंगलुरु और मंगलुरु सहित कई शहरों में एक साथ चलाया जा रहा है।
इन बांग्लादेशी नागरिकों को बेंगलुरु में कहाँ से पकड़ा गया था?
इन्हें बेंगलुरु के 10 अलग-अलग पुलिस थानों के क्षेत्र में चलाए गए शहरव्यापी अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, ये विभिन्न इलाकों में रह रहे थे।
बांग्लादेश डिपोर्टेशन की प्रक्रिया में अभी क्या बाकी है?
पुलिस के अनुसार, बांग्लादेश को डिपोर्ट करने से पहले पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के साथ मिलकर सभी ज़रूरी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। फिलहाल यह समूह मालदा के कर्म तीर्थ होल्डिंग सेंटर में है।
बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर ने नागरिकों से क्या अपील की है?
पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध अवैध प्रवासियों के बारे में जानकारी पुलिस के साथ साझा करें और कानून अपने हाथ में न लें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध की सूचना सीधे अधिकारियों को दी जाए।
राष्ट्र प्रेस
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