जंतर-मंतर छात्र पिटाई: सलूजा ने की सुप्रीम कोर्ट जांच की मांग, मोदी-शाह पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों और जेन-ज़ी वर्ग के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को 'बेहद शर्मनाक' करार दिया है और इस मामले की सर्वोच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग का पुरजोर समर्थन किया है। यह मांग मूल रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उठाई थी, जिसे अब ओडिशा कांग्रेस का भी खुला समर्थन मिल गया है।
मुख्य घटनाक्रम
सलूजा ने भुवनेश्वर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जंतर-मंतर पर युवा वर्ग और जेन-ज़ी के लोग पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण ढंग से अपना आंदोलन कर रहे थे। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों की मांगें इतनी जायज थीं कि सरकार को उन्हें मानना पड़ा और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक लेना पड़ा।
सलूजा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं को लाठियों से पीटा गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और बिहार में युवाओं पर हथियारों के इस्तेमाल जैसी खबरें भी सामने आईं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को गंभीर रूप से घायल किए जाने की इन घटनाओं की जितनी निंदा की जाए, वह कम है।
सरकार पर सवाल
सलूजा ने इस बात पर जोर दिया कि घटना को लगभग 20 दिन बीत चुके हैं, फिर भी सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश की सीमाओं पर सेना की कार्रवाई होती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसका श्रेय लेने आगे आते हैं, लेकिन इस मामले में वे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर जवाब क्यों नहीं दे रहे।
सलूजा ने स्पष्ट कहा कि अमित शाह को संसद में आकर इस पर उत्तर देना चाहिए। उनका कहना था, 'अगर वे उत्तर नहीं देते, तो देश समझ रहा है कि यह सब जानबूझकर किया गया है।'
संसद में विपक्ष की मांग
सलूजा ने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से संसद में स्थगन प्रस्ताव और विभिन्न मंचों पर इस विषय पर चर्चा की मांग की जा रही है, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष को भी नियंत्रित किया जा रहा है, जो उनके अनुसार एक लोकतांत्रिक देश के लिए उचित नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट जांच की मांग
सलूजा ने राहुल गांधी की सर्वोच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग को पूरी तरह जायज बताया और कहा कि देश का हर नागरिक इसके पक्ष में है। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य और युवाओं को न्याय दिलाने के लिए यह जांच अनिवार्य है।
यह घटना ऐसे समय में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गई है जब विपक्ष संसद सत्र के दौरान सरकार को घेरने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियाँ और तेज होने की संभावना है।