तेजस्वी के इस्तीफा मांगने पर लेसी सिंह का पलटवार: 'जनादेश से बनती है सरकार, किसी के कहने से नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह ने 10 अगस्त 2026 को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के इस्तीफा मांगने वाले बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकारें जनता के जनादेश से बनती हैं, किसी विपक्षी नेता के कहने से नहीं। मंत्री ने झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की कथित चुप्पी को लेकर भी तेजस्वी यादव पर 'दोहरे चरित्र' का आरोप लगाया।
तेजस्वी के इस्तीफा मांगने पर कड़ा जवाब
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा बिहार में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की माँग पर मंत्री लेसी सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सरकार जनता बनाती है। क्या उनके कहने से कोई इस्तीफा दे देगा?' उन्होंने यह भी जोड़ा कि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष को जनसमस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि इस्तीफे की माँग पर।
मंत्री ने तेजस्वी यादव की राजनीतिक सक्रियता के समय पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि 'उपचुनाव से दो दिन पहले आकर सक्रिय होने से उनकी गंभीरता का पता चलता है। बिहार की जनता सब जानती है।'
झारखंड छात्र प्रदर्शन पर दोहरे चरित्र का आरोप
झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे पर मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि वहाँ के मुद्दों को वहाँ की सरकार को देखना चाहिए। उन्होंने राजद पर निशाना साधते हुए कहा, 'यह दोहरा चरित्र और दोहरी नीति है — जब बिहार में कुछ होता है तो वे बोलते हैं, लेकिन झारखंड में महागठबंधन की सरकार होने पर वे चुप रहते हैं।'
उनका कहना था कि 'जनता और छात्र सब देख रहे हैं कि कुछ लोग छात्रों और नौजवानों की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकना चाहते हैं। महागठबंधन के लोगों को कुछ मिल नहीं रहा, इसलिए वे इस तरह की राजनीति कर रहे हैं।'
कानून-व्यवस्था पर सरकार की सख्त नीति
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर मंत्री लेसी सिंह ने दो-टूक कहा कि 'जो भी कानून अपने हाथ में लेगा और अपराध करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पहले भी कड़ी कार्रवाई करती आई है और आगे भी कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी।
तिरंगा यात्रा पर कांग्रेस के सवालों का जवाब
हाल ही में आयोजित तिरंगा यात्रा पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में मंत्री लेसी सिंह ने स्पष्ट किया कि यह किसी पार्टी विशेष का कार्यक्रम नहीं, बल्कि कला-संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम था। उन्होंने कहा, 'तिरंगा हमारी आन, बान और शान है — यह देश की आज़ादी और समृद्धि का प्रतीक है।'
उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और लाखों नौजवानों ने अपनी शहादत देकर इस तिरंगे को फहराया है, इसलिए ऐसे राष्ट्रीय प्रतीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस यात्रा में युवाओं और छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी को उन्होंने नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम का संदेश बताया।
खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कॉमनवेल्थ गेम्स के खिलाड़ियों से बातचीत पर मंत्री ने कहा कि खेल को बढ़ावा देना बेहद स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार दोनों ही खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही हैं और खेल आज देश का एक अहम हिस्सा बन चुका है। आने वाले समय में बिहार में भी खेल के क्षेत्र में और अधिक निवेश की संभावना जताई जा रही है।