विशेष अभियान 6: डाक विभाग ने 1 लाख शिकायतें सुलझाईं, 3 लाख किलो कबाड़ से ₹67 लाख की कमाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय डाक विभाग के 'विशेष अभियान 6' ने 18 अक्टूबर 2026 तक उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है — 1,00,214 जन शिकायतों का समाधान, 73,814 स्थानों पर स्वच्छता अभियान और 3,06,026 किलोग्राम कबाड़ के निपटान से ₹67.56 लाख की आय — यह सब 2 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत हुआ है। संचार मंत्रालय के अनुसार, विभाग अभियान की शेष अवधि में और गति बढ़ाने की तैयारी में है।
अभियान के मुख्य लक्ष्य और प्रगति
विशेष अभियान 6 के तहत विभाग ने 1,50,000 जन शिकायतों का समाधान, 1,500 अपीलों का निपटारा और देशभर में 1,35,000 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाने के बड़े लक्ष्य तय किए हैं। 16 अक्टूबर 2026 तक की उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:
संचार मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, 1,00,214 जन शिकायतें हल हुई हैं, जो 1,50,000 के लक्ष्य का लगभग 67 प्रतिशत है। 764 अपीलों का निपटारा हुआ है, यानी 1,500 के लक्ष्य का 51 प्रतिशत। स्वच्छता अभियान 73,814 स्थानों पर चलाए गए हैं, जो 1,35,000 के कुल लक्ष्य का लगभग 55 प्रतिशत है।
ई-कचरा प्रबंधन और आर्थिक लाभ
2 अक्टूबर 2026 से अभियान के तहत कुल 3,06,026 किलोग्राम कबाड़ का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया गया है, जिससे ₹67.56 लाख की आय हुई है। इसके अतिरिक्त, पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जिम्मेदार निपटान पर जोर देते हुए 17,980 किलोग्राम ई-कचरे का प्रबंधन किया गया, जिससे ₹27.64 लाख की आय अर्जित हुई।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रबंधन में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया के शीर्ष ई-कचरा उत्पादक देशों में शामिल है, और सरकारी विभागों द्वारा इस तरह की पहल एक सकारात्मक मिसाल कायम करती है।
'कचरे से धन' की अवधारणा: कोलकाता की पहल
पश्चिम बंगाल सर्कल में एक उल्लेखनीय उदाहरण सामने आया, जहाँ विभागीय बढ़इयों और मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) ने कोलकाता स्थित 'मेल मोटर सर्विस' (एमएमएस) में सीनियर मैनेजर के कक्ष का नवीनीकरण किया। इसके लिए बेकार पड़ी लकड़ी का रचनात्मक उपयोग किया गया।
यह पहल 'कचरे से धन' की अवधारणा का व्यावहारिक प्रदर्शन है — जो दिखाती है कि टिकाऊ शासन केवल नीतियों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर की कार्यशैली में भी प्रतिबिंबित हो सकता है।
डिजीपोस्ट: भौतिक-डिजिटल नागरिक सेवा
नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में विभाग ने 'डिजीपोस्ट' नामक एक नई 'फिजिकल-डिजिटल' मेल सेवा शुरू की है। इसके अंतर्गत गुजरात पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक ई-चालान डिजिटल माध्यम से तैयार होकर नागरिकों तक भौतिक डिलीवरी के जरिए पहुँचाए जाते हैं।
गौरतलब है कि भारत में अभी भी एक बड़ा वर्ग डिजिटल अधिसूचनाओं तक सीमित पहुँच रखता है। इस पहल के जरिए डाक नेटवर्क की व्यापक भौतिक उपस्थिति को डिजिटल प्रशासन के साथ जोड़ा जा रहा है — एक ऐसा मॉडल जो भविष्य में अन्य सरकारी सेवाओं के लिए भी प्रासंगिक हो सकता है।
आगे की राह
अभियान की शेष अवधि में विभाग शेष 45 प्रतिशत स्वच्छता लक्ष्य, 49 प्रतिशत अपील लक्ष्य और 33 प्रतिशत शिकायत-समाधान लक्ष्य पूरे करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। कुशल जन सेवा वितरण, जवाबदेह शासन और कार्यालय के टिकाऊ प्रबंधन की दिशा में यह अभियान विभाग के दीर्घकालिक सुधार एजेंडे का हिस्सा है।