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सैन्य कार्य विभाग का विशेष अभियान 6.0: 2.46 लाख फाइलें जाँची, कबाड़ से ₹50.60 लाख राजस्व

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सैन्य कार्य विभाग का विशेष अभियान 6.0: 2.46 लाख फाइलें जाँची, कबाड़ से ₹50.60 लाख राजस्व

सारांश

रक्षा मंत्रालय के सैन्य कार्य विभाग ने विशेष अभियान 6.0 के पहले पखवाड़े में 2.46 लाख फाइलें जाँचीं, 3,553 स्थानों पर सफाई की और कबाड़ से ₹50.60 लाख कमाए — सरकारी दफ्तरों में व्यवस्था सुधार का एक ठोस प्रयास।

मुख्य बातें

सैन्य कार्य विभाग का विशेष अभियान 6.0 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
पहले दो सप्ताह में 2.46 लाख से अधिक फाइलों की समीक्षा पूरी की गई।
देशभर के 3,553 स्थानों पर स्वच्छता अभियान संचालित किया गया।
158 नियमों की समीक्षा कर उन्हें सरल बनाया गया।
अनुपयोगी कबाड़ के निपटान से ₹50.60 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।
जन शिकायतों, सांसद संदर्भों और प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त मामलों का त्वरित निपटारा भी अभियान में शामिल।

रक्षा मंत्रालय के सैन्य कार्य विभाग ने विशेष अभियान 6.0 के पहले दो सप्ताह में 2.46 लाख से अधिक फाइलों की समीक्षा पूरी कर ली है और अनुपयोगी कबाड़ के निपटान से ₹50.60 लाख का राजस्व अर्जित किया है। 2 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ यह अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा और इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, व्यवस्था और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है।

अभियान का दायरा और प्रमुख आँकड़े

अभियान के अंतर्गत देशभर में 3,553 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके साथ ही 158 नियमों की समीक्षा कर उन्हें सरल बनाया गया, ताकि सरकारी कामकाज अधिक सुगम हो सके। अनुपयोगी सामान और पुराने अभिलेखों को हटाने से खाली हुई जगह का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

कबाड़ निपटान से प्राप्त ₹50.60 लाख का राजस्व अभियान की उल्लेखनीय वित्तीय उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि सरकारी परिसरों में वर्षों से संचित अनुपयोगी सामग्री न केवल जगह घेरती थी, बल्कि उसके उचित निपटान से ठोस आर्थिक लाभ भी संभव है।

फाइलों की समीक्षा और रिकॉर्ड प्रबंधन

सरकारी रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना और लंबित मामलों को कम करना इस अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। पहले दो सप्ताह में 2.46 लाख से अधिक फाइलों की समीक्षा इस दिशा में तेज़ गति का संकेत देती है। गौरतलब है कि लंबे समय से संचित फाइलें प्रशासनिक कार्यकुशलता में बाधा बनती हैं और उनकी समयबद्ध समीक्षा से निर्णय प्रक्रिया में सुधार आता है।

शिकायत निवारण पर विशेष ध्यान

अभियान में केवल भौतिक स्वच्छता तक सीमित न रहते हुए जन शिकायतों के लंबित मामलों को कम करने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। सांसदों, प्रधानमंत्री कार्यालय और राज्य सरकारों से प्राप्त संदर्भों का त्वरित निपटारा भी अभियान का अभिन्न हिस्सा है। अभियान की प्रगति पर प्रतिदिन नज़र रखी जा रही है।

देशव्यापी भागीदारी

इस अभियान में देशभर के रक्षा बलों और रक्षा प्रतिष्ठानों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार प्रशासनिक सुधारों और 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' के सिद्धांत को व्यवहार में उतारने के प्रयासों को गति दे रही है।

आगे की राह

अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान सैन्य कार्य विभाग का लक्ष्य है कि कार्यालय न केवल स्वच्छ और व्यवस्थित हों, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाएँ भी सरल और लंबित मामले न्यूनतम हों। अभियान के समापन पर अंतिम आँकड़े जारी किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि फाइलों की 'समीक्षा' का अर्थ वास्तविक निपटान है या महज़ गिनती। सरकारी स्वच्छता अभियानों का इतिहास बताता है कि अल्पकालिक आँकड़े दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन की गारंटी नहीं देते। 158 नियमों का सरलीकरण यदि वास्तव में क्रियान्वित हुआ तो यह महत्वपूर्ण है, किंतु इसका सत्यापन ज़रूरी है। ₹50.60 लाख की राजस्व वसूली यह भी उजागर करती है कि सरकारी परिसरों में वर्षों से कितना अनुपयोगी सामान जमा रहता है — यह प्रशासनिक जवाबदेही पर एक स्वतः स्पष्ट टिप्पणी है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैन्य कार्य विभाग का विशेष अभियान 6.0 क्या है?
विशेष अभियान 6.0 रक्षा मंत्रालय के सैन्य कार्य विभाग द्वारा 2 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा अभियान है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता बढ़ाना, पुरानी फाइलों और अनुपयोगी सामान का निपटान करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
अभियान में अब तक क्या उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं?
पहले दो सप्ताह में 2.46 लाख से अधिक फाइलों की समीक्षा हुई, 3,553 स्थानों पर सफाई अभियान चला और 158 नियमों को सरल बनाया गया। इसके अलावा कबाड़ निपटान से ₹50.60 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।
कबाड़ से ₹50.60 लाख राजस्व कैसे प्राप्त हुआ?
अभियान के दौरान रक्षा कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में जमा अनुपयोगी सामान व पुराने अभिलेखों को चिह्नित कर उनका निपटान किया गया। इस स्क्रैप की बिक्री से सैन्य कार्य विभाग को ₹50.60 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।
क्या अभियान में केवल सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है?
नहीं, अभियान में भौतिक स्वच्छता के साथ-साथ जन शिकायतों के लंबित मामलों के निपटारे, सांसदों और प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त संदर्भों के समाधान और नियमों के सरलीकरण पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है।
यह अभियान कब तक चलेगा और इसमें कौन भाग ले रहा है?
अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसमें देशभर के रक्षा बलों और रक्षा प्रतिष्ठानों की सक्रिय भागीदारी है और प्रतिदिन प्रगति की निगरानी की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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