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नीति आयोग ने लॉन्च किया 'स्पेशल कैंपेन 6.0', अभियान 5.0 में 4,105 जन शिकायतों का निपटारा

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नीति आयोग ने लॉन्च किया 'स्पेशल कैंपेन 6.0', अभियान 5.0 में 4,105 जन शिकायतों का निपटारा

सारांश

नीति आयोग ने स्पेशल कैंपेन 5.0 में 4,105 जन शिकायतों समेत सैकड़ों पीएमओ और संसदीय संदर्भों का निपटारा करने के बाद अब अगले चरण — स्पेशल कैंपेन 6.0 — की शुरुआत की है। यह 2021 से चली आ रही वार्षिक प्रशासनिक सुधार श्रृंखला का नया पड़ाव है।

मुख्य बातें

नीति आयोग ने 28 सितंबर 2026 को 'स्पेशल कैंपेन 6.0' की शुरुआत की।
अभियान 5.0 ( नवंबर 2025 – अगस्त 2026 ) में 4,105 जन शिकायतों , 127 पीएमओ संदर्भों , 34 शिकायत अपीलों और 5 संसदीय आश्वासनों का निपटारा हुआ।
अनावश्यक फाइलें हटाकर 90 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त कराया गया; कबाड़ बिक्री से ₹1.97 लाख राजस्व प्राप्त।
अभियान में DMEO , AIM और NILERD भी सहभागी रहे।
कैंपेन 6.0 में सांसद संदर्भ, राज्य प्रस्ताव, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ और पीएमओ संदर्भों को प्राथमिकता दी जाएगी।

नीति आयोग ने 28 सितंबर 2026 को 'स्पेशल कैंपेन 6.0' की औपचारिक शुरुआत की — यह कदम तब उठाया गया जब स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत 4,105 जन शिकायतों सहित कई लंबित मामलों के सफलतापूर्वक निपटारे की पुष्टि हुई। आधिकारिक बयान के अनुसार, नए अभियान का उद्देश्य लंबित संदर्भों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना तथा सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित कार्यस्थल प्रबंधन को संस्थागत रूप देना है।

अभियान 5.0 की उपलब्धियाँ

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के तत्वावधान में चलाए गए स्पेशल कैंपेन 5.0 को नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच लागू किया गया। इस दौरान नीति आयोग ने 4,105 जन शिकायतों, 127 पीएमओ संदर्भों, 34 लोक शिकायत अपीलों और 5 संसदीय आश्वासनों का निपटारा किया।

अभियान में नीति आयोग के साथ उसकी सहयोगी संस्थाएँ — डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (DMEO), अटल इनोवेशन मिशन (AIM) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लेबर इकोनॉमिक्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट (NILERD) — भी सक्रिय रूप से सहभागी रहीं।

रिकॉर्ड प्रबंधन और स्थान-मुक्ति

अभियान 5.0 के तहत रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय स्थान के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। पुराने और अनावश्यक अभिलेखों को हटाकर लगभग 90 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त कराया गया। इसके अतिरिक्त, अनुपयोगी सामग्री की बिक्री से ₹1.97 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।

गौरतलब है कि DARPG ने इस विशेष अभियान की शुरुआत 2021 में की थी, जिसका मूल उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में जवाबदेही, कार्यकुशलता और स्वच्छता को बढ़ावा देना था। तब से यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष एक नए चरण के रूप में संचालित किया जा रहा है।

स्पेशल कैंपेन 6.0 की प्राथमिकताएँ

सरकार के अनुसार, स्पेशल कैंपेन 6.0 में निम्नलिखित लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा: सांसदों के संदर्भ, राज्य सरकारों से प्राप्त प्रस्ताव, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, संसदीय आश्वासन, पीएमओ संदर्भ, जन शिकायतें और शिकायत अपीलें। अनावश्यक फाइलों एवं दस्तावेजों की छँटाई की प्रक्रिया भी जारी रहेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार प्रशासनिक सुधारों को गति देने पर विशेष बल दे रही है। नए चरण में फील्ड कार्यालयों में कार्यस्थल के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

आम नागरिकों पर असर

इस अभियान का सबसे सीधा लाभ उन नागरिकों को मिलता है, जिनकी शिकायतें विभिन्न सरकारी पोर्टलों पर लंबे समय से लंबित थीं। 4,105 शिकायतों के निपटारे से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी तंत्र में प्रतिक्रिया की गति में सुधार हुआ है।

आगे चलकर स्पेशल कैंपेन 6.0 के परिणाम इस बात का पैमाना बनेंगे कि प्रशासनिक सुधार की यह श्रृंखला केवल संख्यात्मक लक्ष्यों तक सीमित है या वास्तव में जमीनी स्तर पर सुशासन को बदल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताती है कि प्रशासनिक लंबितता की समस्या किसी एकल अभियान से हल होने वाली नहीं है। 4,105 शिकायतें निपटाना सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि हर वर्ष नए बैकलॉग क्यों बनते हैं — और क्या यह चक्रीय सफाई अभियान उस मूल संरचनात्मक समस्या को संबोधित करता है। ₹1.97 लाख की कबाड़ बिक्री और 90 वर्ग फुट मुक्त स्थान जैसे आँकड़े बड़े नहीं हैं, पर वे सांकेतिक हैं — सरकारी दफ्तरों में दशकों से जमा अव्यवस्था की। कैंपेन 6.0 की सफलता इसी पर निर्भर करेगी कि क्या यह महज संख्याएँ पूरी करता है या प्रक्रियागत बदलाव लाता है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीति आयोग का 'स्पेशल कैंपेन 6.0' क्या है?
यह DARPG की वार्षिक प्रशासनिक सुधार श्रृंखला का छठा चरण है, जिसे नीति आयोग ने 28 सितंबर 2026 को लॉन्च किया। इसका उद्देश्य जन शिकायतों, संसदीय आश्वासनों, पीएमओ संदर्भों और अंतर-मंत्रालयी लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाना तथा कार्यालयों में स्वच्छता और स्थान प्रबंधन सुधारना है।
स्पेशल कैंपेन 5.0 में क्या हासिल हुआ?
नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चले अभियान 5.0 में नीति आयोग ने 4,105 जन शिकायतें, 127 पीएमओ संदर्भ, 34 लोक शिकायत अपीलें और 5 संसदीय आश्वासन निपटाए। इसके साथ ही 90 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त कराया गया और ₹1.97 लाख का राजस्व अर्जित हुआ।
इस विशेष अभियान की शुरुआत कब और क्यों हुई थी?
DARPG ने इस अभियान की शुरुआत 2021 में की थी, जिसका लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में जवाबदेही, दक्षता और स्वच्छता को संस्थागत रूप देना था। तब से यह प्रतिवर्ष एक नए संस्करण के रूप में जारी है।
स्पेशल कैंपेन 6.0 में कौन-से मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी?
कैंपेन 6.0 में सांसदों के संदर्भ, राज्य सरकारों के प्रस्ताव, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, संसदीय आश्वासन, पीएमओ संदर्भ, जन शिकायतें और शिकायत अपीलें — सभी लंबित श्रेणियाँ — शामिल हैं। साथ ही अनावश्यक फाइलों की छँटाई और कार्यस्थल सुधार भी एजेंडे में हैं।
अभियान में नीति आयोग के अलावा कौन-सी संस्थाएँ शामिल थीं?
अभियान 5.0 में नीति आयोग के साथ तीन सहयोगी संस्थाएँ — DMEO, AIM और NILERD — ने भाग लिया। ये संस्थाएँ नीति आयोग के अंतर्गत काम करती हैं और प्रशासनिक सुधार प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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