क्या श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है: पुष्कर सिंह धामी?
सारांश
Key Takeaways
- श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा
- कैंचीधाम बाईपास का निर्माण तेजी से हो रहा है
- ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान
- उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा
- चारधाम यात्रा का महत्व
भवाली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी है कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ जुटी रहती है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात सुविधा प्रदान करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।
सीएम धामी ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए कैंचीधाम बाईपास का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, ताकि वर्षों से बनी ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद न केवल कैंचीधाम क्षेत्र को जाम से राहत मिलेगी, बल्कि पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले कुछ सालों में कैंची धाम क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इससे मुख्य रास्तों पर भारी ट्रैफिक उत्पन्न हुआ है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रानीखेत, अल्मोड़ा, बागेश्वर और कौसानी जाने वाले लोग कई बार घंटों ट्रैफिक में फंसे रहते हैं। पहले पिथौरागढ़ जाने वाला रास्ता भी यहीं से गुजरता था और जागेश्वर धाम जैसी जगहों पर जाने वाले कई श्रद्धालु इसी सड़क का उपयोग करते थे। बाईपास पुल के बनने से एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे लोग ट्रैफिक जाम से बच सकेंगे। यह न केवल ट्रैफिक को कम करेगा, बल्कि इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
उन्होंने बताया कि कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना, सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग और शिप्रा नदी पर निर्मित डबल लेन मोटर पुल का स्थलीय निरीक्षण किया गया है और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान कार्यस्थल पर श्रमिकों से संवाद किया गया और शीतकालीन यात्रा का आनंद लेने उत्तराखंड आए पर्यटकों से भी उनके अनुभव साझा किए गए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पहले बाईपास मार्ग को पूर्ण कर यातायात के लिए सुचारु रूप से खोलना सुनिश्चित किया जाए।
चारधाम यात्रा के विषय में उन्होंने कहा कि यह यात्रा एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा है और उत्तराखंड के दृष्टिकोण से यह हमारे राज्य की जीवनरेखा है। इस यात्रा के माध्यम से उत्तराखंड में टूरिज्म को बहुत बढ़ावा मिलता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं, और यह एक गहरी आस्था और भक्ति की यात्रा है।