यूक्रेन में मार्शल लॉ और सैन्य भर्ती 90 दिन और बढ़ाने का प्रस्ताव, जेलेंस्की ने संसद में पेश किया मसौदा
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 27 अक्टूबर 2026 को संसद में एक विधेयक का मसौदा पेश किया, जिसमें फरवरी 2022 से लागू मार्शल लॉ और सामान्य सैन्य भर्ती को 90 दिनों के लिए और विस्तार देने का प्रस्ताव किया गया है। रूस के साथ जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में पेश इस मसौदे के संसद से पारित होने पर ये दोनों व्यवस्थाएं 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने के बजाय 29 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगी।
विधेयक में क्या है प्रस्ताव
यूक्रेनी संसद की प्रेस सेवा के अनुसार, विधेयक का उद्देश्य देश में युद्धकालीन आपातकालीन प्रशासन की निरंतरता सुनिश्चित करना है। फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से इन व्यवस्थाओं को अब तक कई बार बढ़ाया जा चुका है। यह विस्तार उस कड़ी में नवीनतम है, जो युद्ध के निर्णायक मोड़ पर आया है — जब एक ओर कूटनीतिक सक्रियता तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर मोर्चे पर लड़ाई भी जारी है।
जेलेंस्की का रुख — युद्धविराम हाँ, क्षेत्र छोड़ना नहीं
जेलेंस्की ने इससे पहले एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि यूक्रेन मौजूदा मोर्चों पर लड़ाई रोककर युद्धविराम समझौते के लिए तैयार है। हालाँकि, उन्होंने एबीसी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेन के 25 प्रतिशत क्षेत्र को छोड़ने का कोई भी प्रस्ताव उन्हें स्वीकार नहीं होगा। उनका यह बयान उस समय आया है जब वॉशिंगटन की ओर से कीव पर रियायतें देने का दबाव कथित तौर पर बढ़ रहा है।
अमेरिकी सैन्य सहायता में कमी पर चिंता
जेलेंस्की ने अमेरिकी सैन्य सहायता में आई कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, पिछले तीन महीनों में यूक्रेन को उसकी पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली के लिए अमेरिका से केवल 24 इंटरसेप्टर मिसाइलें मिली हैं, जबकि औसत मासिक आवश्यकता लगभग 350 मिसाइलों की है। उन्होंने बताया कि अकेले एक गुरुवार की रात कीव पर 30 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं — जो इस कमी की गंभीरता को रेखांकित करता है।
त्रिपक्षीय वार्ता की तैयारी
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जानकारी दी कि रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता नवंबर 2026 के पहले पखवाड़े में अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में होने वाली है। समाचार एजेंसी इंटरफैक्स-यूक्रेन के अनुसार, जेलेंस्की ने भी पुष्टि की कि यूक्रेन इस बैठक के लिए तैयार है। इन वार्ताओं का मुख्य एजेंडा संभावित शांति समझौते के बाद दोनों देशों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श करना होगा।
अमेरिकी दबाव और ट्रंप का रुख
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की मध्यस्थता वाली वार्ताओं में प्रगति न होने के लिए कई बार कीव को ज़िम्मेदार ठहरा चुके हैं। मार्शल लॉ के इस नवीनतम विस्तार को इसी राजनयिक दबाव के बीच देखा जा रहा है — जो संकेत देता है कि जेलेंस्की सरकार जब तक कोई ठोस और स्वीकार्य समझौता नहीं होता, तब तक युद्धकालीन प्रशासन जारी रखने के पक्ष में है। आने वाले हफ्ते यूक्रेन संकट के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।