जेलेंस्की का अमेरिका से आग्रह: पैट्रियट मिसाइल उत्पादन के लिए यूक्रेन को दें लाइसेंस, 60-65 मिसाइलें प्रतिमाह 'बहुत कम'
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने 1 जून 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका में एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का मौजूदा उत्पादन स्तर वैश्विक सुरक्षा जरूरतों के लिहाज से अपर्याप्त है, और यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों के स्वतंत्र उत्पादन का लाइसेंस दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस विषय पर व्हाइट हाउस और अमेरिकी कांग्रेस को भी औपचारिक पत्र भेजा है।
मुख्य मांग: उत्पादन लाइसेंस
जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में कहा, "अमेरिका में एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन पर्याप्त नहीं है और इससे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संकट पैदा हो सकता है। वहीं, रूस अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का घरेलू उत्पादन लगातार बढ़ा रहा है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रतिमाह 60-65 एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बेहद कम है और यह कोई गोपनीय तथ्य नहीं — रूस भी इससे भलीभाँति परिचित है।
जेलेंस्की ने कहा, "मैंने पिछली अमेरिकी सरकार से भी यह अनुरोध किया था और अब मौजूदा प्रशासन से भी कह रहा हूँ कि यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन का लाइसेंस दिया जाए।" उनके अनुसार यह लाइसेंस न केवल यूक्रेन, बल्कि मध्य पूर्व और उन अन्य देशों के लिए भी फायदेमंद होगा जिनकी सहायता अमेरिका करना चाहेगा।
यूरोपीय वायु-रक्षा और रूसी ड्रोन खतरा
जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि जब तक यूरोप अपना स्वतंत्र एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम विकसित नहीं कर लेता, तब तक अमेरिकी समर्थन अनिवार्य बना रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन सभी रूसी ड्रोन को रोकने का प्रयास कर रहा है — यहाँ तक कि उन्हें भी जो रोमानिया, मोल्दोवा, पोलैंड या बाल्टिक देशों की दिशा में जा रहे हों।
गौरतलब है कि रूसी ड्रोन का नाटो सदस्य देशों की सीमाओं के निकट पहुँचना पश्चिमी गठबंधन के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन चुका है, और जेलेंस्की का यह बयान इसी व्यापक चिंता को रेखांकित करता है।
कूटनीतिक रास्ते और वार्ता की संभावना
जेलेंस्की ने संकेत दिया कि अगली सर्दियों से पहले किसी कूटनीतिक समाधान की दिशा में बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा, "बातचीत होनी चाहिए। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि पुतिन पर उनके अपने समाज का कितना दबाव बनता है, और अमेरिका व यूरोप रूस पर कितने प्रभावी प्रतिबंध लगाते हैं।"
वार्ता में यूरोप के प्रतिनिधित्व के सवाल पर जेलेंस्की ने ई3 प्रारूप — यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी — का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि यह सबसे अच्छा प्रारूप है या नहीं, लेकिन ये देश यूरोप की ओर से वार्ताकार की भूमिका निभा सकते हैं।" उन्होंने नॉर्डिक देशों को भरोसेमंद साझेदार बताया और तुर्की की मध्यस्थ भूमिका की भी सराहना की, विशेष रूप से युद्धबंदियों की वापसी में उसके योगदान के लिए।
युद्धक्षेत्र की स्थिति
जेलेंस्की ने दावा किया कि दिसंबर 2025 से रूस ने युद्ध के मैदान में अपनी बढ़त खोनी शुरू कर दी है। हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के तीन वर्ष से अधिक बीत चुके हैं और युद्धविराम की संभावनाओं पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति सक्रिय है।
आने वाले हफ्तों में अमेरिकी प्रशासन और कांग्रेस की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि पैट्रियट उत्पादन लाइसेंस की माँग को कोई ठोस नीतिगत आकार मिलता है या नहीं।