28 अक्टूबर 2026
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इंडिगो की लापरवाही से फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा परेशान, बोले — 'बैग में थीं मेरी दवाइयाँ और जरूरी सामान'

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इंडिगो की लापरवाही से फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा परेशान, बोले — 'बैग में थीं मेरी दवाइयाँ और जरूरी सामान'

सारांश

फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा दिल्ली से धर्मशाला पहुँचे तो इंडिगो ने बताया — बैग दिल्ली में छूट गया। उसमें उनकी सारी दवाइयाँ थीं। एक्स पर पोस्ट वायरल, एयरलाइन सेवाओं पर फिर सवाल।

मुख्य बातें

फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा का चेक-इन बैग इंडिगो की दिल्ली-धर्मशाला फ्लाइट के दौरान दिल्ली में छूट गया।
बैग में सभी ज़रूरी दवाइयाँ और महत्वपूर्ण सामान था।
एयरलाइन ने बताया कि सामान चंडीगढ़ के रास्ते बुधवार शाम तक पहुँचाया जाएगा।
मिश्रा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर नाराज़गी जताई — 'यह बेहद निराशाजनक और परेशान करने वाला है।' सुधीर मिश्रा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक हैं, जिनकी फ़िल्मों में 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी' और 'चमेली' प्रमुख हैं।

जाने-माने हिंदी फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को इंडिगो एयरलाइन की सेवा पर कड़ी नाराज़गी जताई, जब दिल्ली से धर्मशाला की उनकी फ्लाइट के बाद पता चला कि उनका चेक-इन बैग दिल्ली में ही छूट गया। उस बैग में उनकी सभी ज़रूरी दवाइयाँ और महत्वपूर्ण सामान था, जिससे यह एक सामान्य असुविधा से कहीं अधिक गंभीर मामला बन गया।

क्या हुआ धर्मशाला में

सुधीर मिश्रा धर्मशाला में कुछ दिन बिताने के इरादे से इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली से रवाना हुए। धर्मशाला पहुँचने पर एयरलाइन ने उन्हें सूचित किया कि उनका सामान दिल्ली में ही रह गया है। बाद में एयरलाइन ने बताया कि उनका बैग चंडीगढ़ के रास्ते बुधवार शाम तक उन तक पहुँचाया जाएगा।

एक्स पर जताई नाराज़गी

इस घटना से खिन्न सुधीर मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने लिखा, 'मैं अगले कुछ दिनों के लिए धर्मशाला आया हूँ। दिल्ली से इंडिगो की फ्लाइट से यहाँ पहुँचा। यहाँ आने पर मुझे बताया गया कि मेरा सामान दिल्ली में ही छूट गया है। अब मुझे बताया जा रहा है कि बुधवार शाम तक चंडीगढ़ के रास्ते मेरा सामान मुझ तक पहुँच जाएगा। मेरी सभी दवाइयाँ और जरूरी सामान उसी बैग में हैं।'

मिश्रा ने आगे लिखा, 'यह बेहद निराशाजनक और परेशान करने वाला है।' यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हुई और एयरलाइन सेवाओं पर व्यापक बहस छिड़ गई।

सुधीर मिश्रा: एक परिचय

सुधीर मिश्रा हिंदी सिनेमा के उन निर्देशकों में शुमार हैं जिन्होंने समानांतर और मुख्यधारा सिनेमा के बीच सेतु का काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1983 में कुंदन शाह की चर्चित कॉमेडी फ़िल्म 'जाने भी दो यारों' से बतौर सहायक निर्देशक और पटकथा लेखक की थी। इसके बाद सईद अख्तर मिर्ज़ा की 'मोहन जोशी हाजिर हो!' और विधु विनोद चोपड़ा की 'खामोश' में भी उनका योगदान रहा।

1987 में उन्होंने 'ये वो मंजिल तो नहीं' से निर्देशन में पदार्पण किया, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पहली फ़िल्म के निर्देशक का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ। उनकी उल्लेखनीय फ़िल्मों में 'धारावी', 'इस रात की सुबह नहीं', 'चमेली', 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी', 'खोया खोया चाँद', 'ये साली ज़िंदगी' और 'इंकार' शामिल हैं।

हालिया काम

हाल के वर्षों में सुधीर मिश्रा ने राहुल भट्ट और ऋचा चड्ढा अभिनीत फ़िल्म 'दास देव' का लेखन-निर्देशन किया। उन्होंने इज़राइली शो पर आधारित वेब सीरीज़ 'होस्टेजेस' भी निर्देशित की। इसके अलावा मनु जोसेफ के पुरस्कार विजेता उपन्यास पर आधारित फ़िल्म 'सीरियस मेन' बनाई, जिसमें नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की केंद्रीय भूमिका के लिए उन्हें इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स में नामांकन मिला था।

यात्रियों की बढ़ती शिकायतें

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय एयरलाइनों के खिलाफ खोया हुआ और विलंबित सामान संबंधी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आँकड़ों के अनुसार यात्री शिकायतों में सामान की देरी एक प्रमुख श्रेणी बनी हुई है। आगे देखा जाएगा कि इस मामले में इंडिगो की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह विलंब एक स्वास्थ्य जोखिम बन जाता है, न कि सिर्फ असुविधा। DGCA के पास ऐसी शिकायतें लगातार आती हैं, लेकिन एयरलाइनों पर जवाबदेही का दबाव तब बनता है जब कोई पहचाना नाम आवाज़ उठाए। असली सवाल यह है कि सामान्य यात्री की शिकायत पर क्या उतनी ही तत्परता दिखाई जाती है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुधीर मिश्रा का इंडिगो से क्या विवाद हुआ?
फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा दिल्ली से इंडिगो फ्लाइट से धर्मशाला पहुँचे तो पता चला कि उनका चेक-इन बैग दिल्ली में ही छूट गया। बैग में उनकी सभी दवाइयाँ और ज़रूरी सामान था, जिसे एयरलाइन ने चंडीगढ़ के रास्ते बुधवार शाम तक पहुँचाने का आश्वासन दिया।
सुधीर मिश्रा ने एक्स पर क्या लिखा?
उन्होंने एक्स पर लिखा कि उनकी सभी दवाइयाँ और जरूरी सामान उस बैग में हैं जो दिल्ली में छूट गया और इसे 'बेहद निराशाजनक और परेशान करने वाला' बताया। उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई।
सुधीर मिश्रा कौन हैं?
सुधीर मिश्रा हिंदी सिनेमा के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक हैं, जिन्होंने 1987 में 'ये वो मंजिल तो नहीं' से निर्देशन की शुरुआत की। 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी', 'चमेली' और 'सीरियस मेन' उनकी चर्चित फ़िल्में हैं।
क्या इंडिगो ने सुधीर मिश्रा की शिकायत पर कोई जवाब दिया?
स्रोत के अनुसार एयरलाइन ने उन्हें सूचित किया कि सामान चंडीगढ़ के रास्ते बुधवार शाम तक पहुँचा दिया जाएगा। इंडिगो की ओर से कोई सार्वजनिक आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
भारत में एयरलाइन सामान खोने की समस्या कितनी बड़ी है?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आँकड़ों के अनुसार विलंबित और खोया हुआ सामान भारतीय यात्रियों की प्रमुख शिकायतों में से एक है। जब बैग में दवाइयाँ जैसी ज़रूरी चीज़ें हों, तो यह समस्या स्वास्थ्य जोखिम का रूप ले लेती है।
राष्ट्र प्रेस
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