11 अगस्त 2026
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इंडिगो फ्लाइट में सुप्रीम कोर्ट वकील से मारपीट का आरोप, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने जबलपुर पुलिस पर उठाए सवाल

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इंडिगो फ्लाइट में सुप्रीम कोर्ट वकील से मारपीट का आरोप, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने जबलपुर पुलिस पर उठाए सवाल

सारांश

इंडिगो फ्लाइट में उतरते वक्त गोद में बच्चा लिए वरिष्ठ वकील पर कथित हमला — और आरोपी बेरोकटोक निकल गया। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने जबलपुर पुलिस पर पीड़ित को चार घंटे थाने में बैठाने का आरोप लगाया है। एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने 26 जून 2026 को आरोप लगाया कि इंडिगो फ्लाइट में सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील के साथ उतरते समय कथित मारपीट हुई।
वकील की गोद में तीन साल का बच्चा था; आरोपी सहयात्री को एयरपोर्ट से बिना रोके जाने दिया गया।
तन्खा के अनुसार, पीड़ित वकील और बच्चे को खमरिया पुलिस थाने में करीब चार घंटे बैठाए रखा गया।
तन्खा ने मध्य प्रदेश DGP , इंडिगो और जबलपुर पुलिस को एक्स पर टैग कर जवाब माँगा।
खबर प्रकाशन तक जबलपुर पुलिस और इंडिगो की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था।

राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने 26 जून 2026 को आरोप लगाया कि जबलपुर आने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट में सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील के साथ एक सहयात्री ने कथित तौर पर मारपीट की और उन्हें धमकाया। तन्खा के अनुसार, घटना उस समय हुई जब यात्री विमान से उतर रहे थे और वकील की गोद में उनका तीन साल का बच्चा था।

घटना का विवरण

तन्खा ने बताया कि वरिष्ठ वकील अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर विमान से उतर रहे थे, तभी एक अन्य यात्री ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की। वकील की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। तन्खा ने इसे 'बेहद चौंकाने वाला' बताते हुए कहा कि यह घटना सबके सामने हुई, फिर भी आरोपी को न एयरपोर्ट पर रोका गया और न ही उसे वहाँ से जाने से रोका गया।

पुलिस के रवैये पर सवाल

तन्खा ने जबलपुर पुलिस के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित वकील और उनके तीन साल के बच्चे को करीब चार घंटे तक खमरिया पुलिस थाने में बैठाए रखा गया। उन्होंने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को टैग करते हुए लिखा, 'सवाल यह है कि जब एक सभ्य यात्री, जिसकी गोद में एक छोटा बच्चा था, विमान से उतरते समय एक गुंडे द्वारा बुरी तरह पीटा गया, तो उसे हिरासत में क्यों नहीं लिया गया? सर, यह पुलिसिंग नहीं है। फिर एयरपोर्ट पर पुलिस किसलिए है? क्या सिर्फ आम और ईमानदार यात्रियों की जांच करने के लिए?'

एक्स पर उठाई आवाज़

तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट के ज़रिए यह मामला उठाया और इंडिगो तथा मध्य प्रदेश पुलिस को टैग करते हुए कथित व्यवहार को 'शर्मनाक' बताया। एक पोस्ट में उन्होंने सवाल किया कि 'आज जबलपुर में एक तीन साल के बच्चे को गोद में लिए एक सज्जन यात्री के साथ सबके सामने मारपीट करने के बावजूद उस गुंडे को विमान और एयरपोर्ट से बाहर कैसे जाने दिया गया? गुंडे आराम से निकल जाते हैं।'

इंडिगो की प्रतिक्रिया

तन्खा ने बाद में बताया कि इंडिगो के कस्टमर रिलेशंस के डायरेक्टर ने उनसे संपर्क किया और उनकी बात सुनी। तन्खा ने कहा, 'फ्लाइट में यात्रियों की सुरक्षा एक सिस्टम से जुड़ी बात है। हिंसक और बात न मानने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट सिक्योरिटी को हिरासत में लेना चाहिए और पुलिस के हवाले कर देना चाहिए।' हालाँकि, खबर लिखे जाने तक जबलपुर पुलिस और इंडिगो की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

आगे क्या होगा

तन्खा के आरोपों के बाद जबलपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह मामला एयरपोर्ट पर यात्री सुरक्षा और 'अनरूली पैसेंजर' नीति की प्रभावशीलता पर एक व्यापक बहस को जन्म दे सकता है। दोनों पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी कथित हमलावर बिना रोकटोक निकल गया। विडंबना यह है कि पीड़ित — एक सुप्रीम कोर्ट वकील और एक बच्चा — घंटों थाने में बैठे रहे। जब एक सांसद को सोशल मीडिया पर DGP को टैग करना पड़े तब जाकर मामला संज्ञान में आए, तो यह व्यवस्था की विफलता है, न कि अपवाद।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिगो फ्लाइट में जबलपुर वकील मारपीट मामला क्या है?
26 जून 2026 को जबलपुर आने वाली इंडिगो फ्लाइट से उतरते समय सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील के साथ एक सहयात्री ने कथित तौर पर मारपीट की। वकील की गोद में उस समय उनका तीन साल का बच्चा था। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने यह आरोप एक्स पर उठाए।
विवेक तन्खा ने जबलपुर पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
तन्खा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपी को रोकने के बजाय पीड़ित वकील और उनके तीन साल के बच्चे को खमरिया पुलिस थाने में करीब चार घंटे बैठाए रखा। उन्होंने मध्य प्रदेश DGP को टैग कर इसे 'पुलिसिंग नहीं' बताया।
इंडिगो ने इस मामले पर क्या कहा?
तन्खा के अनुसार, इंडिगो के कस्टमर रिलेशंस डायरेक्टर ने उनसे संपर्क किया और उनकी चिंताएँ सुनीं। हालाँकि, खबर प्रकाशन तक इंडिगो की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया था।
क्या आरोपी यात्री को गिरफ्तार किया गया?
तन्खा के आरोपों के अनुसार, आरोपी को न एयरपोर्ट पर रोका गया और न ही उसके विरुद्ध तत्काल कोई कार्रवाई की गई। खबर लिखे जाने तक जबलपुर पुलिस की ओर से गिरफ्तारी या कार्रवाई की कोई पुष्टि नहीं हुई थी।
एयरपोर्ट पर हिंसक यात्रियों के लिए क्या नियम हैं?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत हिंसक या अनुशासनहीन यात्रियों को एयरपोर्ट सुरक्षा द्वारा हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले किया जाना चाहिए। तन्खा ने भी इसी नियम का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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