इंडिगो फ्लाइट में सुप्रीम कोर्ट वकील से मारपीट का आरोप, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने जबलपुर पुलिस पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने 26 जून 2026 को आरोप लगाया कि जबलपुर आने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट में सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील के साथ एक सहयात्री ने कथित तौर पर मारपीट की और उन्हें धमकाया। तन्खा के अनुसार, घटना उस समय हुई जब यात्री विमान से उतर रहे थे और वकील की गोद में उनका तीन साल का बच्चा था।
घटना का विवरण
तन्खा ने बताया कि वरिष्ठ वकील अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर विमान से उतर रहे थे, तभी एक अन्य यात्री ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की। वकील की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। तन्खा ने इसे 'बेहद चौंकाने वाला' बताते हुए कहा कि यह घटना सबके सामने हुई, फिर भी आरोपी को न एयरपोर्ट पर रोका गया और न ही उसे वहाँ से जाने से रोका गया।
पुलिस के रवैये पर सवाल
तन्खा ने जबलपुर पुलिस के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित वकील और उनके तीन साल के बच्चे को करीब चार घंटे तक खमरिया पुलिस थाने में बैठाए रखा गया। उन्होंने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को टैग करते हुए लिखा, 'सवाल यह है कि जब एक सभ्य यात्री, जिसकी गोद में एक छोटा बच्चा था, विमान से उतरते समय एक गुंडे द्वारा बुरी तरह पीटा गया, तो उसे हिरासत में क्यों नहीं लिया गया? सर, यह पुलिसिंग नहीं है। फिर एयरपोर्ट पर पुलिस किसलिए है? क्या सिर्फ आम और ईमानदार यात्रियों की जांच करने के लिए?'
एक्स पर उठाई आवाज़
तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट के ज़रिए यह मामला उठाया और इंडिगो तथा मध्य प्रदेश पुलिस को टैग करते हुए कथित व्यवहार को 'शर्मनाक' बताया। एक पोस्ट में उन्होंने सवाल किया कि 'आज जबलपुर में एक तीन साल के बच्चे को गोद में लिए एक सज्जन यात्री के साथ सबके सामने मारपीट करने के बावजूद उस गुंडे को विमान और एयरपोर्ट से बाहर कैसे जाने दिया गया? गुंडे आराम से निकल जाते हैं।'
इंडिगो की प्रतिक्रिया
तन्खा ने बाद में बताया कि इंडिगो के कस्टमर रिलेशंस के डायरेक्टर ने उनसे संपर्क किया और उनकी बात सुनी। तन्खा ने कहा, 'फ्लाइट में यात्रियों की सुरक्षा एक सिस्टम से जुड़ी बात है। हिंसक और बात न मानने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट सिक्योरिटी को हिरासत में लेना चाहिए और पुलिस के हवाले कर देना चाहिए।' हालाँकि, खबर लिखे जाने तक जबलपुर पुलिस और इंडिगो की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
आगे क्या होगा
तन्खा के आरोपों के बाद जबलपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह मामला एयरपोर्ट पर यात्री सुरक्षा और 'अनरूली पैसेंजर' नीति की प्रभावशीलता पर एक व्यापक बहस को जन्म दे सकता है। दोनों पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।