30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सरकार को जनता की सुविधाओं से कोई मतलब नहीं? इंडिगो की उड़ानें रद्द होने पर कांग्रेस ने साधा निशाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सरकार को जनता की सुविधाओं से कोई मतलब नहीं? इंडिगो की उड़ानें रद्द होने पर कांग्रेस ने साधा निशाना

सारांश

इंडिगो एयरलाइन की उड़ानें रद्द होने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। क्या सरकार को जनता की सुविधाओं से कोई मतलब नहीं? जानिए इस गंभीर मुद्दे पर क्या कह रहे हैं प्रमुख नेता।

मुख्य बातें

इंडिगो एयरलाइन की उड़ानें रद्द होने से यात्रियों में नाराजगी है।
सरकार को जरूरत है कि वह समस्या का त्वरित समाधान निकाले।
कांग्रेस ने सरकार की निष्क्रियता पर कड़ा हमला किया है।
यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
इंडिगो को अपनी कमियों को सुधारने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों के रद्द होने पर सरकार की निष्क्रियता पर कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस के सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि इस समस्या का त्वरित समाधान आवश्यक है। नागरिक उड्डयन मंत्री को एक आपात बैठक बुलानी चाहिए।

राजीव शुक्ला ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "इंडिगो की उड़ानों का मामला अत्यंत गंभीर है। हजारों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई घंटों की देरी हो रही है और उड़ानें रद्द होने से समस्याएं बढ़ रही हैं। इस स्थिति में, समस्या का हल तुरंत निकाला जाना चाहिए। नागरिक उड्डयन मंत्री को आपात बैठक बुलाकर डीजीसीए और एयरलाइन के बीच संवाद स्थापित करना चाहिए।"

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आज एक हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, और यह स्थिति केवल आज की नहीं है। यह पिछले तीन दिनों से जारी है। सरकार को जनता की सुविधाओं से कोई मतलब नहीं है, और लाखों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं, जो एक शर्मनाक स्थिति है।

मल्लू रवि, कांग्रेस सांसद, ने कहा कि इंडिगो संकट निजीकरण की एक शुरुआत है, जो भारतीय यात्रियों पर असर डाल रही है। इंडिगो सैकड़ों उड़ानें रद्द कर रही है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि ऐसा क्यों हो रहा है? उनके कामकाज पर कोई निगरानी नहीं है।

मल्लू रवि ने कहा, "सरकार के पास एक नियामक प्रणाली होनी चाहिए। ऐसी कोई प्रणाली नहीं है। कोई भी यात्रियों का सामान्य ख्याल नहीं रख रहा है। वे केवल इतना कहते हैं कि इंडिगो ने उड़ानें रद्द की हैं, आप उनसे पूछिए। इंडिगो एक निजी कंपनी है, जो अपनी मर्जी से कार्य करेगी। उन्हें भारत में यात्रियों की यात्रा की जरूरत की कोई परवाह नहीं है। इसलिए हमें इससे कुछ सीखने की आवश्यकता है और उन्हें नियंत्रित करने के तरीके खोजने चाहिए।"

शिवसेना-यूबीटी के सांसद अनिल देसाई ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हमने इस मुद्दे को संसद में कई बार उठाया है। यह बहुत गंभीर मामला है, क्योंकि इंडिगो की कई कमियां सामने आई हैं। इन्हें ठीक करने की आवश्यकता है।"

अनिल देसाई ने कहा कि इंडिगो को अपनी कमियों को सुधारना चाहिए। उनके पास पायलट, क्रू मेंबर और स्टाफ की कमी है, जिससे यात्रियों को दिक्कतें होती हैं। टिकट रद्द करने पर भी यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। रद्दीकरण चार्ज लगाते समय यात्रियों को बाधाएं आती हैं। उन्होंने इकोसिस्टम को पूरी तरह विफल बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इंडिगो एयरलाइन की उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस स्थिति को तुरंत संबोधित करे और यात्रियों के हितों की रक्षा करे।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिगो की उड़ानें क्यों रद्द हो रही हैं?
इंडिगो की उड़ानें पायलट और स्टाफ की कमी के कारण रद्द हो रही हैं।
सरकार ने इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई की है?
कांग्रेस ने सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है और नागरिक उड्डयन मंत्री को आपात बैठक बुलाने को कहा है।
यात्रियों को क्या समस्याएं हो रही हैं?
यात्रियों को कई घंटों की देरी, उड़ान रद्द होने, और टिकट रद्द करने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले