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इंफाल एयरपोर्ट पर CISF की कार्रवाई: दो यात्रियों से 4.09 किलो संदिग्ध हेरोइन बरामद

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इंफाल एयरपोर्ट पर CISF की कार्रवाई: दो यात्रियों से 4.09 किलो संदिग्ध हेरोइन बरामद

सारांश

इंफाल एयरपोर्ट पर CISF जवानों की सतर्कता ने एक बड़ी तस्करी की कोशिश नाकाम कर दी। दो यात्रियों के डफल बैगों में नकली तल बनाकर छुपाई गई 4.09 किलो संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई — पूर्वोत्तर भारत में ड्रग तस्करी के बढ़ते खतरे की एक और गंभीर याद दिहानी।

मुख्य बातें

CISF ने 5 जून 2026 को इंफाल एयरपोर्ट पर दो यात्रियों से 4.09 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की।
पहले बैग से 2.05 किलोग्राम और दूसरे बैग से 2.04 किलोग्राम मादक पदार्थ मिला।
बैगों में झूठे तल (नकली बेस) बनाकर हेरोइन छुपाई गई थी, जिसे X-BIS स्कैनर ने पकड़ा।
पूछताछ के दौरान दूसरे यात्री की कथित संलिप्तता सामने आई; दोनों को स्थानीय पुलिस को सौंपा गया।
अधिकारियों के अनुसार, ड्रग्स की उत्पत्ति और गंतव्य का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने 5 जून 2026 को इंफाल एयरपोर्ट पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान दो यात्रियों के सामान से कुल 4.09 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की। दोनों यात्रियों को बरामद मादक पदार्थों सहित आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।

कैसे हुई पकड़

एयरपोर्ट के डिपार्चर एंट्री गेट पर CISF के जवान यात्रियों की रैंडम स्क्रीनिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक यात्री का व्यवहार सुरक्षाकर्मियों को संदिग्ध लगा — वह फ्लाइट छूटने की जल्दी का हवाला देकर बार-बार सामान की गहन जांच से बचने की कोशिश कर रहा था।

संदेह गहराने पर सुरक्षाकर्मियों ने उसके सामान को एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (X-BIS) से गुजारा, जिसमें संदिग्ध चीजें नजर आईं। इसके बाद दोनों डफल बैगों की गहन तलाशी ली गई।

बरामदगी का ब्यौरा

जांच में पाया गया कि दोनों बैगों में बेहद चालाकी से झूठे तल (नकली बेस) बनाए गए थे, जिनके भीतर मादक पदार्थ छुपाए गए थे। पहले बैग से 2.05 किलोग्राम और दूसरे बैग से 2.04 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई — कुल मिलाकर 4.09 किलोग्राम

दूसरे यात्री की संलिप्तता

पूछताछ के दौरान एक अन्य यात्री की भूमिका भी सामने आई। अधिकारियों ने उसकी पहचान कर उसे भी हिरासत में लिया। जांच में दोनों यात्रियों की कथित संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें बरामद मादक पदार्थों सहित स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।

आगे की जांच

अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद हेरोइन कहाँ से लाई गई थी और इसे किस गंतव्य तक पहुँचाया जाना था। गौरतलब है कि मणिपुर 'गोल्डन ट्रायंगल' के निकट स्थित होने के कारण पूर्वोत्तर भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के मार्गों पर लंबे समय से चिंता बनी हुई है, और यह बरामदगी उसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

CISF ने कहा कि यह कार्रवाई एयरपोर्ट पर तैनात जवानों की सतर्कता, पेशेवर दक्षता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। समय रहते की गई इस कार्रवाई से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी की कोशिश नाकाम हो गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि आपूर्ति श्रृंखला कहाँ तक फैली है। मणिपुर 'गोल्डन ट्रायंगल' का प्रवेश द्वार माना जाता है और एयरपोर्ट पर इस तरह की पकड़ बताती है कि तस्कर अब हवाई मार्ग को भी सक्रिय रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं। CISF की सतर्कता सराहनीय है, लेकिन यह भी विचारणीय है कि बिना स्कैनर के कितनी खेपें पहले निकल चुकी होंगी। जब तक सप्लाई नेटवर्क की जड़ तक जांच नहीं पहुँचती, ऐसी बरामदगियाँ हिमशैल की नोक मात्र हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंफाल एयरपोर्ट पर CISF ने क्या बरामद किया?
CISF ने 5 जून 2026 को इंफाल एयरपोर्ट पर दो यात्रियों के डफल बैगों से कुल 4.09 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की। बैगों में नकली तल बनाकर मादक पदार्थ छुपाए गए थे।
हेरोइन कैसे पकड़ी गई?
डिपार्चर गेट पर रैंडम स्क्रीनिंग के दौरान एक यात्री का संदिग्ध व्यवहार देख CISF जवानों ने X-BIS स्कैनर से उसका सामान जांचा। स्कैन में गड़बड़ी नजर आने पर बैगों की गहन तलाशी में नकली तलों के भीतर हेरोइन मिली।
दोनों यात्रियों के साथ क्या हुआ?
पूछताछ में दोनों यात्रियों की कथित संलिप्तता सामने आने पर उन्हें बरामद मादक पदार्थों सहित स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया। आगे की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
क्या ड्रग्स की उत्पत्ति का पता चला?
अधिकारियों के अनुसार अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हेरोइन कहाँ से लाई गई थी और कहाँ पहुँचाई जानी थी। मामले की जांच जारी है।
मणिपुर में ड्रग तस्करी की समस्या कितनी गंभीर है?
मणिपुर म्यांमार सीमा से लगा होने के कारण 'गोल्डन ट्रायंगल' के नशीले पदार्थों की तस्करी का एक प्रमुख मार्ग माना जाता है। पूर्वोत्तर भारत में एयरपोर्ट और सड़क मार्गों से ड्रग्स की तस्करी की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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