क्या जोधपुर बॉर्डर पर बीएसएफ की कार्रवाई से नशे की तस्करी पर लगाम लगेगी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या जोधपुर बॉर्डर पर बीएसएफ की कार्रवाई से नशे की तस्करी पर लगाम लगेगी?

सारांश

जोधपुर में बीएसएफ ने एक बार फिर नशे की तस्करी की कोशिश को विफल किया है। 1.6 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी कीमत 7 करोड़ रुपए से अधिक है। जानिए इस कार्रवाई के पीछे के तथ्य और बीएसएफ की तत्परता के बारे में।

मुख्य बातें

बीएसएफ ने 1.6 किलोग्राम हेरोइन बरामद की।
इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 7 करोड़ रुपए से अधिक है।
सुरक्षा बल ने ड्रोन के माध्यम से भेजी गई खेप को नाकाम किया।
स्थानीय लोगों की जानकारी बीएसएफ के लिए महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान से नशे की तस्करी की कोशिशें जारी हैं।

जोधपुर, 12 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नशे की तस्करी की एक और कोशिश को बीएसएफ ने विफल कर दिया है। सोमवार की रात को जोधपुर के खजुआना क्षेत्र में बीएसएफ के जवानों ने ड्रोन के माध्यम से भेजी गई 1.6 किलोग्राम हेरोइन को बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 7 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।

बीएसएफ आईजी मदनलाल गर्ग ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह खेप रात लगभग 1:30 बजे पड़ोसी देश से ड्रोन के जरिये सीमा के करीब ढाई किलोमीटर अंदर गिराई गई थी। सतर्क बीएसएफ जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इस पैकेट को अपने कब्जे में लिया और मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।

आईजी गर्ग ने कहा कि पाकिस्तान से ड्रग्स की सप्लाई एक गंभीर समस्या बन चुकी है, विशेषकर पंजाब, राजस्थान के गंगानगर और बीकानेर क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं लगातार होती हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश लगातार ड्रग्स की खेप भेजने का प्रयास करता है, लेकिन हमारे जवान हर बार उन्हें नाकाम कर देते हैं। इसके अतिरिक्त, बीएसएफ के पास एंटी-ड्रोन सिस्टम भी मौजूद है, जिससे कई बार ड्रोन को गिराया जाता है। जहां ड्रोन नहीं गिर पाता और हेरोइन नीचे गिर जाती है, वहां भी जवान त्वरित कार्रवाई कर उसे जब्त कर लेते हैं।

आईजी गर्ग ने बताया कि सीमा सुरक्षा में स्थानीय लोगों का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनकी समय पर दी गई सूचनाओं के कारण बीएसएफ कई बार नशे की तस्करी की कोशिशों को विफल कर चुकी है।

इससे पहले, मार्च में बीएसएफ की इंटेलिजेंस ब्रांच की जानकारी पर बीकानेर में 12 केएनडी ग्राम स्थित चक्र 3 केएनएम क्षेत्र से 3 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 15 करोड़ रुपए आंकी गई थी।

बीएसएफ की इंटेलिजेंस शाखा को इस इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद, डीआईजी इंटेलिजेंस जोधपुर, विदुर भारद्वाज के मार्गदर्शन में महेश चंद जाट, इंस्पेक्टर ताराचंद यादव, इंस्पेक्टर अजय कुमार पांडे, और दीपक कुमार की टीम ने एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान पीले रंग के पैकेट में हेरोइन की खेप बरामद की गई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बीएसएफ ने एक बार फिर नशे की तस्करी के खिलाफ अपनी सजगता और सक्रियता को साबित किया है। यह कार्रवाई न केवल सीमा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारे समाज में नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी भेजती है। हमें ऐसे प्रयासों को समर्थन देना चाहिए, जो हमारे देश की सुरक्षा और समाज को सुरक्षित रखने में मदद करें।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएसएफ ने कितनी हेरोइन बरामद की?
बीएसएफ ने 1.6 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है।
इस हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत क्या है?
इसकी कीमत 7 करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है।
यह हेरोइन किस माध्यम से भेजी गई थी?
यह हेरोइन ड्रोन के माध्यम से भेजी गई थी।
बीएसएफ का एंटी-ड्रोन सिस्टम क्या है?
बीएसएफ का एंटी-ड्रोन सिस्टम ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें गिराने में मदद करता है।
स्थानीय लोगों की भूमिका क्या है?
स्थानीय लोगों की सूचनाएं बीएसएफ को नशे की तस्करी की कोशिशों को विफल करने में मदद करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 8 घंटे पहले
  4. 8 घंटे पहले
  5. 8 घंटे पहले
  6. 8 घंटे पहले
  7. 8 घंटे पहले
  8. 8 घंटे पहले