उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन: विधेयकों पर चर्चा और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव
सारांश
Key Takeaways
- बजट सत्र का तीसरा दिन महत्वपूर्ण चर्चाओं का गवाह बनेगा।
- राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव होगा।
- मुख्यमंत्री ने 1,11,703.21 करोड़ रुपए का बजट पेश किया।
- विधायकों के प्रश्नकाल में विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल उठेंगे।
- स्थानीय विकास पर सरकार का फोकस है।
गैरसैंण, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आज, यानी बुधवार को उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन है। इस दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और चर्चा होगी। इसके अलावा सदन में कई विधेयकों पर भी चर्चा की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, गैरसैंण के भराड़ीसैंण में स्थित विधानसभा में सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही आरंभ होगी। प्रश्नकाल में विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल उठाएंगे और सरकार से विपक्ष कई मुद्दों पर जवाब मांगेगा। इसके साथ ही, सदन में कई विधेयकों पर भी चर्चा की जाएगी।
आगे के दो दिन बजट और विधायी कार्यों पर ध्यान केंद्रित रहेगा। 12 मार्च को भी बजट पर चर्चा जारी रहेगी और अन्य विधायी कार्य किए जाएंगे। एक दिन पहले कार्यमंत्रणा बैठक में सदन का आगामी एजेंडा तय किया गया था। आज के सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026, उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) सहित कई अन्य प्रस्ताव सदन में रखेंगे।
सीएम पुष्कर धामी ने सोशल मीडिया पर लिखा है, "भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में प्रातःकाल भ्रमण के दौरान पूर्व ग्राम प्रधान चंद्र सिंह के प्रतिष्ठान पर चाय की चुस्कियों का आनंद लिया और वहां उपस्थित स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय संवाद कर सरकार की विभिन्न योजनाओं का फीडबैक लिया। हमारी सरकार का प्रयास इकोलॉजी और इकॉनमी के बेहतर समन्वय के साथ पहाड़ी क्षेत्रों का सुनियोजित विकास करना है, ताकि स्थानीय लोगों को सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं मिल सकें। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़े हमारे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम को दर्शाते हैं।"
यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गैरसैंण विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया था। उन्होंने दावा किया कि इस बजट में महिला, किसान, गरीब, युवा, अनुसूचित वर्ग और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए प्रावधान किया गया है। इस बजट का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन को पूरा करने के लिए यह बजट प्रस्तुत किया गया है।