अनुष्का शर्मा को रिजेक्शन ने दिलाया 'रब ने बना दी जोड़ी' में तानी का किरदार, ऐसे बदली किस्मत
सारांश
Key Takeaways
- अनुष्का शर्मा ने पहली फिल्म साइन करने से पहले करीब एक महीने में चार बार रिजेक्शन झेला।
- वे मूलतः पत्रकारिता और मॉडलिंग में करियर बनाना चाहती थीं, फिल्मों में नहीं।
- आदित्य चोपड़ा को 'रब ने बना दी जोड़ी' के लिए एक ताज़ा, अनजान चेहरा चाहिए था — अनुष्का का विज्ञापनों में न चुना जाना ही उनकी योग्यता बनी।
- अनुष्का ने स्क्रीन टेस्ट बिना मेकअप और बिना तैयारी के दिया था, क्योंकि उन्हें खुद चयन की उम्मीद नहीं थी।
- इस फिल्म से उन्हें शाहरुख खान के साथ पर्दे पर पहली बार काम करने का मौका मिला।
बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के करियर की शुरुआत की कहानी हिंदी सिनेमा में सबसे अनोखी मानी जाती है — जहाँ बार-बार मिले रिजेक्शन ने उनकी किस्मत का दरवाज़ा खोला और उन्हें शाहरुख खान के साथ 'रब ने बना दी जोड़ी' में तानी का यादगार किरदार दिलाया। अनुष्का ने खुद इस दिलचस्प सफर का खुलासा किया है।
आर्मी बैकग्राउंड से बॉलीवुड तक का सफर
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जन्मी अनुष्का शर्मा का फिल्मी दुनिया में आने का कोई इरादा नहीं था। वे एक आर्मी परिवार से ताल्लुक रखती हैं और शुरू में पत्रकारिता तथा मॉडलिंग में अपना करियर बनाना चाहती थीं। इसी मकसद से उन्होंने महज 15 साल की उम्र में मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा था।
मॉडलिंग के दौरान भी अनुष्का को कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। लेकिन जो बात उन्हें बाकियों से अलग करती है, वह यह है कि इन्हीं रिजेक्शन ने उनके लिए एक बड़ा दरवाज़ा खोला।
विज्ञापन में रिजेक्शन और फिल्म का रास्ता
अनुष्का का मूल लक्ष्य फिल्में नहीं, बल्कि विज्ञापन थे। विज्ञापन के ऑडिशन में उन्हें बार-बार नाकामी मिल रही थी। पहली फिल्म साइन करने से पहले करीब एक महीने के भीतर उन्हें चार बार रिजेक्शन झेलना पड़ा। फाइनल ऑडिशन राउंड तक पहुँचने के बावजूद हर बार उनका नाम काट दिया जाता था।
यह ऐसे समय में हो रहा था जब अनुष्का अपने करियर को लेकर असमंजस में थीं और उन्हें खुद पर भरोसा नहीं था कि वे किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए चुनी जाएँगी।
'रब ने बना दी जोड़ी' का स्क्रीन टेस्ट
जब आदित्य चोपड़ा की टीम ने 'रब ने बना दी जोड़ी' के लिए नए चेहरे की तलाश शुरू की, तब अनुष्का का नाम सामने आया। अनुष्का ने खुद बताया है कि स्क्रीन टेस्ट के दौरान वे बिल्कुल भी गंभीर नहीं थीं — वे बिना मेकअप और बालों को संवारे ही ऑडिशन देने पहुँच गई थीं। उन्हें पूरा यकीन था कि यहाँ भी रिजेक्शन ही मिलेगा।
कुछ दिनों बाद आदित्य चोपड़ा की टीम का फोन आया और अनुष्का को फाइनल ऑडिशन व बातचीत के लिए बुलाया गया। तब भी उन्हें लग रहा था कि आखिरी दौर में भी उन्हें बाहर कर दिया जाएगा — लेकिन हुआ इसका उल्टा।
रिजेक्शन बना वरदान
अनुष्का शर्मा को फिल्म के लिए साइन कर लिया गया। दरअसल, आदित्य चोपड़ा को एक ऐसे ताज़े चेहरे की ज़रूरत थी जिसे पर्दे पर कम ही देखा गया हो — और अनुष्का का विज्ञापनों में न चुना जाना ही उनकी सबसे बड़ी योग्यता बन गई।
अनुष्का ने खुद स्वीकार किया है कि अगर उन्हें विज्ञापनों में रिजेक्शन नहीं मिला होता, तो वे इस बड़ी फिल्म के लिए