सेंसेक्स 138 अंक गिरकर 72,633 पर खुला; कच्चा तेल $106 के पार, वैश्विक दबाव में बाजार
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को 138.04 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,633.68 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 47.80 अंक यानी 0.21 प्रतिशत टूटकर 22,732.45 पर खुला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $106 प्रति बैरल के पार जाने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी के कारण वैश्विक माहौल इक्विटी निवेशकों के लिए प्रतिकूल बना हुआ है।
सेक्टर वार प्रदर्शन
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी सीमेंट में 0.64 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और केमिकल इंडेक्स भी नकारात्मक क्षेत्र में कारोबार करते नजर आए।
हालाँकि, स्वास्थ्य क्षेत्र में राहत रही — निफ्टी फार्मा और निफ्टी 500 हेल्थकेयर इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज हुई। यह ऐसे समय में आया है जब बाकी अधिकांश सेक्टर दबाव में हैं, जो संकेत देता है कि निवेशक रक्षात्मक शेयरों की ओर रुख कर रहे हैं।
वैश्विक मैक्रो दबाव
बाजार जानकारों के अनुसार, ग्लोबल मैक्रो माहौल इक्विटी के लिए अनुकूल नहीं है। ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ $106.87 प्रति बैरल पर और यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर $93.99 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों ने कहा, "ब्रेंट क्रूड के $106 से ऊपर रहने और अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 5.23 प्रतिशत पर होने के कारण ग्लोबल मैक्रो स्थिति इक्विटी बाजारों के लिए प्रतिकूल बनी हुई है।" गौरतलब है कि उच्च कच्चे तेल की कीमतें आयात बिल बढ़ाकर भारत के चालू खाते के घाटे पर सीधा दबाव डालती हैं।
FII और DII का रुख
एक्सचेंज के शुरुआती आँकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार तीसरे सत्र में नेट सेलर बने रहे और सोमवार को ₹5,353 करोड़ से अधिक के शेयर बेचे। यह विदेशी पूँजी की निरंतर निकासी का संकेत है।
वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को सहारा दिया और ₹5,189 करोड़ के शेयर खरीदे। DII की यह खरीदारी बाजार की बड़ी गिरावट को रोकने में सहायक रही।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
एशियाई बाजार भी सोमवार रात के अमेरिकी संकेतों के बाद दबाव में रहे। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत तक गिरे। सोमवार रात अमेरिकी बाजारों में भी बिकवाली रही — S&P 500 में 0.77 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.92 प्रतिशत की गिरावट आई।
तकनीकी स्तर और आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार, 23,000 के स्तर से नीचे आने के बाद निफ्टी की शॉर्ट टर्म स्थिति मंदी वाली (बेयरिश) बनी हुई है और डेरिवेटिव्स डेटा भी बढ़ती सावधानी का संकेत दे रहा है। तत्काल सपोर्ट 22,650–22,700 के दायरे में और रेजिस्टेंस 22,950–23,000 के स्तर पर देखा गया है।
हालाँकि, जानकारों ने यह भी कहा कि मौजूदा दबाव के बावजूद लार्ज कैप ग्रोथ शेयरों के आकर्षक वैल्यूएशन दीर्घकालिक निवेशकों को चुनिंदा खरीदारी के अवसर दे सकते हैं। आने वाले सत्रों में वैश्विक कच्चे तेल की दिशा और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का रुझान बाजार की चाल तय करेगा।