21 अगस्त 2026
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सेंसेक्स 188 अंक चढ़कर खुला, निफ्टी में 0.21% की बढ़त; कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव

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सेंसेक्स 188 अंक चढ़कर खुला, निफ्टी में 0.21% की बढ़त; कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव

सारांश

कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के दोहरे दबाव के बावजूद बाजार ने दूसरे दिन भी हरे निशान में शुरुआत की — रियल्टी, मेटल और फार्मा ने संभाला, IT ने खींचा। लेकिन सत्र के दौरान बढ़त टिक न सकी। डोजी पैटर्न और घरेलू निवेशकों की भागीदारी अगले कदम की कुंजी है।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 21 अगस्त को 187.95 अंक की बढ़त के साथ 77,725.67 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुँचा; खुला 77,701.07 पर।
निफ्टी 50 ने 24,284.05 का हाई छुआ; दिन का निम्नतम स्तर 24,206.80 रहा।
निफ्टी रियल्टी 0.7% की बढ़त के साथ शीर्ष पर; निफ्टी आईटी 0.6% की गिरावट के साथ सबसे कमजोर।
ब्रेंट क्रूड 93.96 डॉलर प्रति बैरल के करीब; ईरान पर कड़े प्रतिबंधों की आशंका से तेल कीमतें बढ़ीं।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी ने सात सत्रों की गिरावट के बाद डोजी पैटर्न बनाया; 24,000–24,060 अहम समर्थन क्षेत्र।
सत्र के दौरान बढ़त घटी और बाजार लाल निशान में आ गया।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 21 अगस्त को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ खुला — रियल्टी, धातु और फार्मा क्षेत्र की खरीदारी ने सूचकांक को शुरुआती घंटों में ऊपर रखा, भले ही ब्रेंट क्रूड 93.96 डॉलर प्रति बैरल के करीब और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंचाई पर बनी रही। हालांकि, सत्र के दौरान बढ़त घटती गई और बाजार लाल निशान में आ गया।

मुख्य घटनाक्रम

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 163.35 अंक यानी 0.21% की बढ़त के साथ 77,701.07 पर खुला। सत्र में यह 187.95 अंकों की बढ़त के साथ 77,725.67 के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुँचा, जबकि दिन का निम्नतम स्तर 77,445.86 रहा।

निफ्टी 50 ने 52.20 अंक यानी 0.22% की मजबूती के साथ 24,284.05 पर कारोबार शुरू किया। दिन का उच्चतम स्तर 24,284.05 और निम्नतम स्तर 24,206.80 रहा।

सेक्टरवार प्रदर्शन

क्षेत्रीय प्रदर्शन में निफ्टी रियल्टी सबसे आगे रहा और इसमें 0.7% की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मेटल 0.48% और निफ्टी फार्मा 0.32% की बढ़त के साथ हरे निशान में रहे। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी रीट्स एवं रियल्टी भी क्रमशः 0.32% और 0.28% मजबूत हुए।

दूसरी ओर, निफ्टी आईटी सबसे कमजोर क्षेत्र रहा और इसमें 0.6% की गिरावट आई। मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम में 0.17% और निफ्टी ऑटो में 0.19% की कमजोरी देखी गई। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 0.20% नीचे रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.73% की बढ़त दर्ज की गई।

वैश्विक दबाव: कच्चा तेल और बॉन्ड यील्ड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 93.96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद तेल कीमतों में तेजी आई जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों में से कुछ लागू कर सकता है — जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखी गई, क्योंकि वॉल स्ट्रीट पर लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने से दबाव बना रहा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड के 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँचने से बड़े शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है और निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी ने लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद बिकवाली के दबाव में कमी का संकेत देने वाला डोजी पैटर्न बनाया है।

यदि निफ्टी 24,060–24,000 के समर्थन क्षेत्र के ऊपर बना रहता है, तो 24,317–24,380 और उसके बाद 24,400–24,545 तक बढ़त संभव है। विश्लेषकों के अनुसार गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, फार्मा और अनुबंध-आधारित अनुसंधान एवं विनिर्माण सेवाओं से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

आगे क्या

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी, भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी और घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक संकेत बाजार को समर्थन दे रहे हैं — जो आने वाले सत्रों में दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली तस्वीर कमजोर है — सत्र के दौरान बढ़त टिक न सकी और बाजार लाल निशान में आ गया। ब्रेंट क्रूड का 94 डॉलर के करीब होना भारत जैसे तेल-आयातक देश के लिए चालू खाता घाटे और मुद्रास्फीति दोनों पर दबाव बनाता है — जो RBI की नीति को भी प्रभावित कर सकता है। IT सेक्टर में 0.6% की गिरावट अमेरिकी मंदी की आशंका का सीधा प्रतिबिंब है, जो भारत के सबसे बड़े निर्यात क्षेत्र के लिए चिंताजनक संकेत है। डोजी पैटर्न तकनीकी राहत दे सकता है, लेकिन वैश्विक मैक्रो जोखिम बने रहने तक बाजार की दिशा अनिश्चित रहेगी।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी कितना ऊपर खुले?
सेंसेक्स 163.35 अंक यानी 0.21% की बढ़त के साथ 77,701.07 पर खुला और सत्र में 77,725.67 के उच्चतम स्तर तक पहुँचा। निफ्टी 50 ने 52.20 अंक यानी 0.22% की मजबूती के साथ 24,284.05 पर शुरुआत की।
आज किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा बढ़त और गिरावट रही?
निफ्टी रियल्टी 0.7% की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद निफ्टी मेटल में 0.48% और निफ्टी फार्मा में 0.32% की तेजी आई। वहीं निफ्टी आईटी 0.6% की गिरावट के साथ सबसे कमजोर क्षेत्र रहा।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का शेयर बाजार पर क्या असर पड़ा?
ब्रेंट क्रूड के 93.96 डॉलर प्रति बैरल के करीब रहने से बड़े शेयरों पर दबाव बढ़ा और निवेशकों में मुनाफावसूली की प्रवृत्ति देखी गई। अमेरिकी वित्त मंत्री के ईरान पर कड़े प्रतिबंधों के संकेत के बाद तेल कीमतों में और तेजी आई, जिससे वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी।
निफ्टी के लिए अहम तकनीकी स्तर क्या हैं?
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,000–24,060 का क्षेत्र अहम समर्थन है। यदि यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो 24,317–24,380 और उसके बाद 24,400–24,545 तक बढ़त संभव है। निफ्टी ने सात सत्रों की गिरावट के बाद डोजी पैटर्न बनाया है जो बिकवाली के दबाव में कमी का संकेत है।
किन क्षेत्रों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है?
विश्लेषकों के अनुसार गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, फार्मा और अनुबंध-आधारित अनुसंधान एवं विनिर्माण सेवाओं से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। ऊंचे मूल्यांकन के बावजूद इन क्षेत्रों में खरीदारी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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