सेंसेक्स 558 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय बाज़ार में सात सत्र बाद वापसी
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स ने 20 अगस्त को 558.77 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए 77,468.45 पर कारोबार शुरू किया — यह उछाल लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद आई राहत है। अमेरिकी दीर्घकालिक ट्रेजरी प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद की संभावना से वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी आई, जिसने भारतीय बाज़ार में निवेशकों का भरोसा बहाल किया।
मुख्य बाज़ार आँकड़े
BSE सेंसेक्स ने दिन के कारोबार में 77,494.79 का उच्चतम और 77,375.75 का निम्नतम स्तर छुआ। समाचार लिखे जाने तक सेंसेक्स 532.60 अंक (0.69 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 77,442.28 पर ट्रेड कर रहा था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,078.30 से 147.15 अंक (0.61 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 24,225.45 पर खुला। बाद में यह 121.10 अंक (0.50 प्रतिशत) की तेज़ी के साथ 24,199.40 पर कारोबार करता दिखा।
व्यापक बाज़ार में भी उत्साह रहा — निफ्टी मिडकैप में 0.56 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
किन सेक्टरों में सबसे ज़्यादा तेज़ी
निफ्टी के लगभग सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में रहे। निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी में सबसे अधिक खरीदारी देखी गई। इसके अलावा मिडस्मॉल आईटी, टेलीकॉम और मेटल शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, बाज़ार पिछले 12 कारोबारी सत्रों से दबाव में था। तकनीकी संकेतक अब अल्पकालिक सुधार की संभावना दर्शा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शॉर्ट कवरिंग और बेहतर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा मज़बूत किया है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी ने 24,060 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर से मज़बूत वापसी की है। चार घंटे के चार्ट पर तेज़ी का पैटर्न बनने से रिकवरी की संभावनाएँ और बढ़ी हैं। यदि निफ्टी 24,200 से 24,260 के दायरे के ऊपर टिकता है, तो 24,380 से 24,540 के स्तर तक पहुँच संभव है। वहीं 24,060 का स्तर प्रमुख समर्थन बना हुआ है — इसके टूटने पर गिरावट 23,575 तक जा सकती है।
संस्थागत निवेशकों की गतिविधि
अस्थायी आँकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार दूसरे सत्र में खरीदारी जारी रखी और बुधवार को ₹407 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगातार सातवें सत्र खरीदार की भूमिका निभाई और ₹3,973 करोड़ का निवेश किया।
वैश्विक परिदृश्य और कच्चा तेल
वैश्विक बाज़ारों से भी समर्थन मिला। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका दीर्घकालिक ट्रेजरी प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद पर विचार कर रहा है, जिससे उधारी लागत कम होने की उम्मीद है। एसएंडपी 500 सूचकांक 0.21 प्रतिशत और नैस्डैक 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। एशियाई बाज़ारों में भी मज़बूती रही।
अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं। ब्रेंट क्रूड लगभग $92 प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) $84.52 प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी बनी रहती है और FII की खरीदारी जारी रहती है, तो निकट अवधि में भारतीय बाज़ार में और सुधार देखने को मिल सकता है। हालाँकि कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति निवेशकों की निगाह में बनी रहेंगी।