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सेंसेक्स 76,920 पर सपाट, निफ्टी 24,037 पर; वैश्विक दबाव और FII बिकवाली से बाजार सुस्त

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सेंसेक्स 76,920 पर सपाट, निफ्टी 24,037 पर; वैश्विक दबाव और FII बिकवाली से बाजार सुस्त

सारांश

वैश्विक दबाव, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और FII की ₹13,025 करोड़ की बिकवाली के बीच भारतीय बाजार सपाट खुला। सेंसेक्स 76,920 और निफ्टी 24,037 पर — मेटल और FMCG ने सहारा दिया, जबकि IT, बैंकिंग और फार्मा दबाव में रहे।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 1 सितंबर को 25 अंक गिरकर 76,920 पर, निफ्टी 29 अंक (0.15%) गिरकर 24,037 पर खुला।
निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी शीर्ष लाभ में; IT , फार्मा , बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर दबाव में।
निफ्टी मिडकैप 100 545 अंक (0.85%) गिरकर 63,666 पर — व्यापक बाजार में ज्यादा दबाव।
पिछले दो दिनों में FII ने कैश मार्केट में ₹13,025 करोड़ की इक्विटी बेची।
अमेरिकी 10-साल बॉन्ड यील्ड 4.77% , 30-साल 5.24% — इक्विटी से पूंजी बॉन्ड की ओर।
जानकारों के अनुसार निकट भविष्य में निफ्टी 23,000–25,000 की रेंज में रहने की संभावना।

BSE सेंसेक्स मंगलवार, 1 सितंबर को शुरुआती कारोबार में 25 अंक की मामूली गिरावट के साथ 76,920 पर और NSE निफ्टी 50 29 अंक (0.15 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ 24,037 पर था। कमजोर वैश्विक संकेतों, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार सपाट रहा।

सेक्टर-वार प्रदर्शन

शुरुआती कारोबार में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी शीर्ष लाभ में रहे। निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी ऑटो भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

दूसरी तरफ, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में थे।

प्रमुख शेयरों का हाल

सेंसेक्स पैक में ITC, HCL टेक, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, M&M, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट बढ़त में थे।

IndiGo, बजाज फिनसर्व, SBI, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, TCS, सन फार्मा, HDFC बैंक, पावर ग्रिड, BEL, मारुति सुजुकी, L&T, HUL, NTPC और टाइटन नुकसान में रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर असर

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 20 अंक (0.11 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 19,910 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 545 अंक (0.85 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ 63,666 पर कारोबार कर रहा था — जो दर्शाता है कि दबाव केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं है।

वैश्विक बाजारों का रुख

एशियाई बाजारों में टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता हरे निशान में था। सोमवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए — डाओ जोन्स 0.70 प्रतिशत और नैस्डैक 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ।

विशेषज्ञों की राय और आगे की राह

बाजार जानकारों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी बाजार पर नकारात्मक असर डाल रही है। अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड की यील्ड 4.77 प्रतिशत और 30-साल के बॉन्ड की यील्ड 5.24 प्रतिशत पर पहुँचने से इक्विटी की तुलना में सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी बॉन्ड की ओर पूंजी का प्रवाह बढ़ रहा है।

गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में FII ने कैश मार्केट में ₹13,025 करोड़ की इक्विटी बेची है, जो बाजार की सुस्ती की एक बड़ी वजह है। जानकारों का अनुमान है कि निकट भविष्य में निफ्टी 23,000–25,000 की रेंज में कारोबार कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

025 करोड़ निकालना यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी से मुनाफावसूली कर अमेरिकी बॉन्ड की सुरक्षित शरण ले रहे हैं। 4.77% और 5.24% की यील्ड पर अमेरिकी बॉन्ड उभरते बाजारों के लिए गंभीर प्रतिस्पर्धा बन गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू स्तर पर मिडकैप और स्मॉलकैप में मूल्यांकन पहले से ही ऊंचा है, जिससे सुधार की आशंका बढ़ जाती है। निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन है — यदि वैश्विक दबाव बना रहा, तो इस स्तर की परीक्षा जल्द हो सकती है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 सितंबर को सेंसेक्स और निफ्टी किस स्तर पर खुले?
1 सितंबर को सेंसेक्स 25 अंक की गिरावट के साथ 76,920 पर और निफ्टी 29 अंक (0.15 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ 24,037 पर खुला। दोनों प्रमुख सूचकांक कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सपाट रहे।
भारतीय शेयर बाजार में आज गिरावट क्यों है?
बाजार जानकारों के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी (10-साल 4.77%, 30-साल 5.24%), कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और FII की लगातार बिकवाली मुख्य कारण हैं। पिछले दो दिनों में FII ने ₹13,025 करोड़ की इक्विटी बेची है।
आज कौन से सेक्टर बढ़त में और कौन से गिरावट में हैं?
निफ्टी मेटल, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंजप्शन और निफ्टी ऑटो बढ़त में हैं। जबकि निफ्टी आईटी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
FII की बिकवाली का बाजार पर क्या असर है?
पिछले दो दिनों में FII ने कैश मार्केट में ₹13,025 करोड़ की इक्विटी बेची है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पूंजी निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड की ओर जा रहे हैं।
निफ्टी आगे किस रेंज में रहने की उम्मीद है?
बाजार जानकारों के अनुसार, मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के बीच निफ्टी के 23,000 से 25,000 की रेंज में कारोबार करने की उम्मीद है। यह रेंज अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और FII के रुख पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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