सेंसेक्स 76,920 पर सपाट, निफ्टी 24,037 पर; वैश्विक दबाव और FII बिकवाली से बाजार सुस्त
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स मंगलवार, 1 सितंबर को शुरुआती कारोबार में 25 अंक की मामूली गिरावट के साथ 76,920 पर और NSE निफ्टी 50 29 अंक (0.15 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ 24,037 पर था। कमजोर वैश्विक संकेतों, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार सपाट रहा।
सेक्टर-वार प्रदर्शन
शुरुआती कारोबार में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी शीर्ष लाभ में रहे। निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी ऑटो भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
दूसरी तरफ, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में थे।
प्रमुख शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक में ITC, HCL टेक, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, M&M, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट बढ़त में थे।
IndiGo, बजाज फिनसर्व, SBI, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, TCS, सन फार्मा, HDFC बैंक, पावर ग्रिड, BEL, मारुति सुजुकी, L&T, HUL, NTPC और टाइटन नुकसान में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप पर असर
निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 20 अंक (0.11 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 19,910 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 545 अंक (0.85 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ 63,666 पर कारोबार कर रहा था — जो दर्शाता है कि दबाव केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं है।
वैश्विक बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता हरे निशान में था। सोमवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए — डाओ जोन्स 0.70 प्रतिशत और नैस्डैक 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ।
विशेषज्ञों की राय और आगे की राह
बाजार जानकारों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी बाजार पर नकारात्मक असर डाल रही है। अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड की यील्ड 4.77 प्रतिशत और 30-साल के बॉन्ड की यील्ड 5.24 प्रतिशत पर पहुँचने से इक्विटी की तुलना में सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी बॉन्ड की ओर पूंजी का प्रवाह बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में FII ने कैश मार्केट में ₹13,025 करोड़ की इक्विटी बेची है, जो बाजार की सुस्ती की एक बड़ी वजह है। जानकारों का अनुमान है कि निकट भविष्य में निफ्टी 23,000–25,000 की रेंज में कारोबार कर सकता है।