कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नौशाद अली गिरफ्तार, 11 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मनौरी बाज़ार में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के मुख्य आरोपी नौशाद अली को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार देर रात हुई इस मुठभेड़ में नौशाद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। इससे पहले, उसी दिन हुए विस्फोट में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी और 5 अन्य घायल हुए थे।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
सर्कल ऑफिसर शिवांक सिंह ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि मुख्य आरोपी भागने की फिराक में है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर ली। आरोपी ने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में नौशाद के पैर में गोली लगी। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान नौशाद के तौर पर बताई। उन्होंने कहा कि घायल का इलाज जारी है और बाकी आरोपियों को पकड़ने की कोशिशें भी चल रही हैं।
विस्फोट और एफआईआर
थाना पिपरी क्षेत्र अंतर्गत मनौरी बाज़ार में स्थित पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को भीषण आग लगी, जिसके बाद कई धमाके हुए। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और 5 घायल हुए। पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ पिपरी थाने में एफआईआर दर्ज की है। इनमें से शबाना पत्नी शकील और साइना पुत्री शकील, निवासी महमूदपुर, को नियमानुसार हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने घटना में घोर लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी पिपरी विकास सिंह, चौकी प्रभारी चायल सब इंस्पेक्टर अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर मनीष पाल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। इसके अलावा, पटाखा फैक्ट्री के संचालन की सूचना न दर्ज कराने पर बीट कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि स्थानीय पुलिस को अवैध फैक्ट्री संचालन की जानकारी रही होगी।
राहत एवं बचाव कार्य
जिला मजिस्ट्रेट अमित पाल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य में जुटी हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया।
मुख्यमंत्री का निर्देश और मुआवज़ा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए अधिकारियों को बचाव कार्यों में तेज़ी लाने और घायलों के उचित इलाज को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जाँच के नतीजे आने वाले दिनों में और तथ्यों को उजागर कर सकते हैं।