कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 11 की मौत, सीएम योगी ने दिए मुआवज़े के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र स्थित मनौरी बाज़ार में 31 अगस्त 2026 को एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भड़की आग के बाद हुए भीषण विस्फोटों ने पूरे इलाके को हिला दिया। इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग घायल हुए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। घायलों का उपचार स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन), प्रयागराज में जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के मकान भी ध्वस्त हो गए। पुलिस को आशंका है कि फैक्ट्री और आसपास गिरे मकानों के मलबे में अभी और लोग दबे हो सकते हैं, इसलिए तलाशी अभियान लगातार जारी रखा गया। घटनास्थल पर सबसे पहले स्थानीय ग्रामीण पहुँचे और मलबे में दबे व झुलसे लोगों को चारपाई पर रखकर सड़क तक लाए, जिसके बाद एंबुलेंस और अन्य वाहनों से उन्हें अस्पताल भेजा गया।
राहत एवं बचाव अभियान
कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें घटनास्थल पर राहत-बचाव अभियान में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा, 'अभी जो हम लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का चल रहा है, उसमें लगभग 11 लोगों की मृत्यु की सूचना है और पांच घायल हैं, जिनका उपचार अभी एसआरएन अस्पताल में चल रहा है।' जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मलबे में कोई और व्यक्ति मिलता है, तो उसके तत्काल उपचार की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर दी गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवज़ा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य में तेज़ी लाने और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50-50 हज़ार की आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने एसआरएन अस्पताल में बेहतर से बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही शासन के निर्देशानुसार संपत्ति जब्तीकरण सहित कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मामले की जाँच के निर्देश दिए हैं।
आम जनता पर असर
विस्फोट की चपेट में आसपास के मकानों में रहने वाले लोग भी आए। घटनास्थल पर परिजन अपनों को तलाशते दिखे, जबकि अस्पताल में परिवार के सदस्य अपनों की जानकारी लेने के लिए बेचैन नज़र आए। गौरतलब है कि इस तरह की अवैध या असुरक्षित पटाखा निर्माण इकाइयों से जुड़े हादसे देश में बार-बार सामने आते रहे हैं, जो औद्योगिक सुरक्षा निगरानी पर गंभीर सवाल उठाते हैं।