शिवकाशी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 4 की मौत, CM विजय ने ₹4 लाख मुआवज़े का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के शिवकाशी तालुक के सेंगामालापट्टी गाँव में 26 जुलाई 2025 की सुबह एक अवैध रूप से संचालित पटाखा निर्माण इकाई में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें चार मज़दूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को मुख्यमंत्री जन राहत कोष से ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मृतकों की पहचान
विस्फोट में जान गँवाने वाले चारों पीड़ितों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में सेंगामालापट्टी निवासी आर. रामप्रकाश (32 वर्ष), आर. रामचंद्रन (40 वर्ष), इन्नासिमुथु (44 वर्ष) और नारानापुरम निवासी पंडितुराई (35 वर्ष) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, सेंगामालापट्टी में यह इकाई बिना आवश्यक सरकारी अनुमति के संचालित हो रही थी और वहाँ कथित तौर पर पटाखे बनाने का काम चल रहा था। तेज़ धमाके से इमारत को भारी नुकसान पहुँचा और लगातार हो रहे विस्फोटों से आसमान में काले धुएँ का गुबार छा गया, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही अग्निशमन एवं बचाव विभाग की टीमें और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँचीं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया और मलबे में फँसे लोगों की तलाश पूरी की।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विजय ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि बिना उचित अनुमति के या कानून का उल्लंघन करते हुए संचालित हो रही किसी भी आतिशबाजी इकाई की पहचान के लिए गहन निरीक्षण अभियान चलाया जाए और ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि शिवकाशी देश का पटाखा उद्योग का प्रमुख केंद्र है और यहाँ अवैध इकाइयों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
जाँच की स्थिति
पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जाँच शुरू कर दी है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट का सटीक कारण क्या था — सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, विस्फोटक सामग्री का गलत भंडारण, या अवैध निर्माण गतिविधियाँ। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अवैध पटाखा इकाइयों पर नकेल कसने की माँग पहले से उठ रही थी।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद विरुधुनगर जिले में आतिशबाजी इकाइयों का व्यापक सर्वेक्षण शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, अवैध पाई जाने वाली इकाइयों को तत्काल बंद कराया जाएगा और संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई होगी। मृतकों के परिवारों को राहत राशि शीघ्र वितरित किए जाने की उम्मीद है।