कौशाम्बी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: तीन फरार आरोपियों पर ₹25-25 हजार का इनाम, 11 की मौत के बाद पुलिस ने कसा शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में 31 अगस्त 2026 को हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर ₹25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने यह ऐलान करते हुए आम जनता से सूचना देने की अपील की है। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
घटनाक्रम: क्या हुआ था 31 अगस्त को
31 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे थाना पिपरी क्षेत्र के ग्राम चिल्ला शाहबाजी में एक अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण कारखाने में जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। जाँच में सामने आया कि जिस कारखाने में विस्फोट हुआ, उसकी अनुमति अली पुत्र निजामुद्दीन, निवासी महमूदपुर मनौरी, थाना पिपरी को केवल 31 मार्च 2026 तक के लिए जारी की गई थी — अर्थात विस्फोट के समय कारखाना अनुमति की समय-सीमा पार कर चुका था।
फरार आरोपियों की पहचान और इनाम
पुलिस के अनुसार, मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ थाना पिपरी में मुकदमा अपराध संख्या 219/2026 दर्ज किया गया है। इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है — जिनमें से एक को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया। तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
फरार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है: शकील पुत्र निजामुद्दीन, कहकसा बानो पत्नी नौशाद, और आदिल पुत्र नौशाद — तीनों निवासी महमूदपुर मनौरी, थाना पिपरी, जनपद कौशाम्बी। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने तीनों की गिरफ्तारी पर ₹25-25 हजार का इनाम घोषित किया है।
कानूनी धाराएँ और पुलिस की कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 288 तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 4/5/9बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के बाद से ही फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
गौरतलब है कि पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र ने पिपरी थाना और चायल चौकी में तैनात सात निरीक्षक/उपनिरीक्षकों को अभियुक्तों के खिलाफ समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में निलंबित कर दिया है — यह संकेत है कि प्रशासन इस मामले में जवाबदेही तय करने के प्रति गंभीर है।
जनता से अपील: सूचना गोपनीय रहेगी
पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को फरार आरोपियों के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या जनपद कंट्रोल रूम को सूचित करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस घटना से जुड़े अन्य तथ्य और उनकी कथित भूमिका और स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों पर नकेल कसने की माँग लंबे समय से उठती रही है। अनुमति की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी कारखाना चलते रहने का तथ्य प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।