कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: PM मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की सहायता
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मनौरी बाजार स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को भीषण आग और उसके बाद हुए कई धमाकों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
हादसे का विवरण
पिपरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत मनौरी बाजार में स्थित इस पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए, जिससे फैक्ट्री की इमारत और आसपास की संरचनाएं ध्वस्त हो गईं। प्रशासन के अनुसार अब तक 11 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। 5 घायलों का उपचार प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में जारी है।
धमाकों के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने इलाके की तत्काल घेराबंदी कर दी। अधिकारियों को आशंका है कि ढह चुकी फैक्ट्री और आसपास की इमारतों के मलबे के नीचे अभी और लोग दबे हो सकते हैं। तलाशी और मलबा हटाने का अभियान जारी है।
PM मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में लोगों की मौत से बहुत दुख हुआ है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों।' उन्होंने PMNRF से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री योगी का निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि 'जनपद कौशाम्बी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।' मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राज्य सरकार की ओर से भी मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने का निर्देश जारी किया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट ने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि कानून की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और संपत्ति जब्त करने सहित सरकारी निर्देशों के अनुरूप सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि तलाशी अभियान के दौरान मिलने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जाएगी।
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब देश में अवैध या असुरक्षित पटाखा फैक्ट्रियों को लेकर सुरक्षा मानकों पर सवाल उठते रहे हैं। मलबा हटाने का काम जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।