नेपाल बाढ़: महाराष्ट्र के 405 नागरिक प्रभावित, 67 से संपर्क अभी भी बाकी
सारांश
मुख्य बातें
26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के कुल 405 नागरिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 67 लोगों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, इन नागरिकों का पता लगाने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं।
स्थिति का मौजूदा जायज़ा
30 अगस्त 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 262 नागरिकों को सुरक्षित घर वापस लाया जा चुका है, जबकि 76 अन्य से संपर्क हो गया है और वे सुरक्षित हैं। 29 अगस्त की शाम को तिब्बत के मानसरोवर के निकट सागा क्षेत्र से 37 नागरिक सकुशल मुंबई पहुँचे। इसके अतिरिक्त, 105 नागरिक नागपुर भी वापस लौट चुके हैं। 69 और नागरिकों के अपनी शेष यात्रा पूरी कर मुंबई पहुँचने की उम्मीद है।
किनसे संपर्क नहीं हो पाया
अधिकारियों के अनुसार, जिन 67 नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनमें दो समूह शामिल हैं। पहला समूह 'रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड' के माध्यम से यात्रा पर गए 60 नागरिकों का है, जिनसे प्रशासन का सीधा संवाद अभी तक संभव नहीं हो पाया है। दूसरा समूह उन 7 नागरिकों का है जिन्होंने एक लिंक के ज़रिए पंजीकरण कराया था। इन सभी की लोकेशन का पता लगाने के लिए प्रशासनिक प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं।
केंद्र सरकार की टीम काठमांडू पहुँची
लापता नागरिकों की तलाश के लिए केंद्र सरकार की एक विशेष टीम काठमांडू पहुँच चुकी है। नेपाल में भारत के राजदूत ने इस टीम से मुलाकात कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए फंसे हुए नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जुटा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस के निर्देश पर राहत कार्य
सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के बाद राज्य सरकार यात्रा संबंधी सभी अड़चनों को दूर करते हुए प्रभावित नागरिकों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में बाढ़ से राहत और बचाव कार्य अभी भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि इस आपदा में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के पर्यटक और तीर्थयात्री प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, शेष नागरिकों की सुरक्षा की पुष्टि होते ही उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया तेज़ की जाएगी। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन हर घंटे अपडेट ले रहा है।