एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट IX-170 में बम की धमकी, अहमदाबाद में आपातकालीन लैंडिंग; 40 यात्री-क्रू सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया एक्सप्रेस की दम्माम-दिल्ली फ्लाइट IX-170 को 31 अगस्त 2026 को बम की धमकी मिलने के बाद अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन रूप से उतारा गया। अधिकारियों के अनुसार, विमान में सवार 32 यात्रियों और 8 चालक दल के सदस्यों — कुल 40 लोगों — को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उनकी विस्तृत जाँच की गई।
धमकी का स्रोत: शौचालय में मिला टिश्यू पेपर
एयरपोर्ट पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब 2:40 बजे ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को सूचना मिली कि फ्लाइट IX-170 को सुरक्षा कारणों से अहमदाबाद डायवर्ट किया जा रहा है। विमान के फर्स्ट ऑफिसर को शौचालय में एक टिश्यू पेपर मिला, जिस पर अंग्रेजी में 'Bomb Red 4:30' लिखा हुआ था और एक बैग का चित्र भी बना था। इसी संदेश के आधार पर सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किए गए।
विमान ने सुबह 10:25 बजे दम्माम से उड़ान भरी थी और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उसे दिल्ली पहुँचना था। धमकी मिलते ही पायलट ने तत्काल अहमदाबाद की ओर रुख किया।
आपातकालीन लैंडिंग और निकासी प्रक्रिया
विमान शाम 4:27 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा। इसे टर्मिनल-2 के टैक्सीवे पर एक अलग और सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया गया। पुलिस निरीक्षक एडी चावड़ा के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। चालक दल में चार क्रू मेंबर और चार एयर होस्टेस शामिल थे।
बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने सभी यात्रियों और चालक दल की व्यक्तिगत जाँच की तथा उनसे पूछताछ भी की। जाँच के समय तक किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई थी।
जाँच की स्थिति
सुरक्षा एजेंसियों ने विमान को अलग क्षेत्र में रखकर गहन जाँच जारी रखी। एयरपोर्ट प्रशासन सुरक्षा और सैनिटाइजेशन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएँ पूरी कर रहा था। पुलिस ने बताया कि धमकी भरे संदेश की सत्यता और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। सुरक्षा जाँच पूरी होने के बाद ही विमान को आगे उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी।
घटना के संबंध में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय विमानन क्षेत्र में बम की धमकियों की घटनाएँ सुरक्षा एजेंसियों की चिंता का विषय बनी हुई हैं।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, विमान की पूर्ण सुरक्षा जाँच और यात्रियों से पूछताछ के बाद ही उड़ान को आगे बढ़ाने की अनुमति मिलेगी। धमकी के स्रोत की पहचान के लिए जाँच एजेंसियाँ सक्रिय हैं और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।