28 अगस्त 2026
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तिब्बत के सागा में फंसे 37 महाराष्ट्र श्रद्धालु सुरक्षित, CM फडणवीस की पहल पर विदेश मंत्रालय ने दिलाई मदद

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तिब्बत के सागा में फंसे 37 महाराष्ट्र श्रद्धालु सुरक्षित, CM फडणवीस की पहल पर विदेश मंत्रालय ने दिलाई मदद

सारांश

कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते समय तिब्बत के सागा में फंसे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु CM देवेंद्र फडणवीस की त्वरित पहल और विदेश मंत्रालय के सहयोग से 28 अगस्त को काठमांडू के लिए सुरक्षित रवाना हो गए।

मुख्य बातें

कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु तिब्बत के सागा में फंस गए थे।
CM देवेंद्र फडणवीस की पहल पर महाराष्ट्र सरकार ने विदेश मंत्रालय से तत्काल संपर्क किया।
सभी श्रद्धालु 28 अगस्त, शुक्रवार सुबह 6 बजे सागा से न्यालम चेक पोस्ट के रास्ते काठमांडू रवाना हुए।
श्रद्धालुओं की काठमांडू से वापसी उड़ान 29 अगस्त दोपहर 2 बजे निर्धारित है।
समूह जय गिरनारी ट्रस्ट, अलीबाग के प्रमोद केणे के नेतृत्व में यात्रा पर गया था।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु तिब्बत के सागा में फंस गए थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की त्वरित पहल और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग के बाद 28 अगस्त को शुक्रवार सुबह 6 बजे सभी श्रद्धालु सागा से न्यालम चेक पोस्ट के रास्ते काठमांडू के लिए सुरक्षित रवाना हो गए।

कौन थे फंसे हुए श्रद्धालु

ये सभी 37 श्रद्धालु महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, अलीबाग, रायगढ़ और डोंबिवली क्षेत्रों से थे। वे जय गिरनारी ट्रस्ट, अलीबाग के प्रमोद केणे के नेतृत्व में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। यात्रा पूरी करने के बाद वापसी के दौरान वे सागा में फंस गए, जबकि काठमांडू से उनकी वापसी की उड़ान 29 अगस्त को दोपहर 2 बजे निर्धारित थी।

मुख्यमंत्री तक कैसे पहुंची सूचना

समूह के सदस्य नितिन शिर्के और राकेश जितेकर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के माध्यम से मुख्यमंत्री फडणवीस तक संकट की जानकारी पहुंचाई। जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और मंत्रालय ने भी तेज़ी से ज़रूरी सहयोग प्रदान किया।

सरकार की प्रतिक्रिया

यह ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री फडणवीस नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों की भी मदद में सक्रिय थे। उन्होंने उन पर्यटकों से वीडियो कॉल पर बात की और कहा, 'चिंता न करें, सरकार आपके साथ है।' मुख्यमंत्री ने नेपाल के सांसद संदीप राणा से भी संपर्क किया और दोहराया कि महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सुरक्षित लौटने वाले श्रद्धालुओं की सूची

सागा से काठमांडू के लिए रवाना हुए 37 श्रद्धालुओं में प्रमोद दिनानाथ केणे, शशिकांत पांगावकर, दत्तात्रेय जोशी, हेमंत मुकुंद दांडेकर, नितिन बालकृष्ण गांधी, दिनेश गांधी, बजरंग परब, संतोष अलुरकर, समीर अशोकराव घोडेराव, राकेश ज्ञानेश्वर जितेकर, श्रीकांत धवले, सुरेंद्र जोशी, श्रीकांत कृष्ण पाटिल, आदित्य राजन देशमुख, नितिन सूर्यकांत शिर्के, संजय पांडुरंग देशपांडे, विवेक अरविंद पांडे, सोनाली बेलोसाय, सुनीता पांगावकर, स्नेहा अस्वाद कुलकर्णी, सुवर्णा रविंद्र जोशी, वृषाली अभिजीत पुराणिक, रश्मि सेठ, पूनम साबनीस, शमा साठे, रेणुका अलुरकर, आरती विनायक काकरमठ, अपर्णा अशोक कदम, माधवी जोशी, रुचा श्रीकांत पाटिल, सोनल जोशी, सीमा शिंपी, हेमलता दत्तात्रय बोरसे, अंजना राजन राजपूत, संगीता संजय देशपांडे, स्नेहा विवेक पांडे और वर्षा कारी शामिल हैं।

आगे क्या

सभी 37 श्रद्धालु 29 अगस्त को दोपहर 2 बजे काठमांडू से निर्धारित उड़ान से वापस भारत लौटने वाले हैं। संकट के समय समय पर सहायता मिलने पर श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री फडणवीस, महाराष्ट्र सरकार और विदेश मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैलाश मानसरोवर से लौटते 37 महाराष्ट्र श्रद्धालु कहाँ फंसे थे?
ये सभी 37 श्रद्धालु तिब्बत के सागा में फंस गए थे। यात्रा पूरी करने के बाद वापसी के दौरान वे वहाँ रुकने पर मजबूर हो गए थे।
CM देवेंद्र फडणवीस ने फंसे श्रद्धालुओं की मदद कैसे की?
समूह के सदस्यों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के ज़रिए CM फडणवीस को सूचित किया। फडणवीस ने तत्काल निर्देश दिए और महाराष्ट्र सरकार ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया।
फंसे श्रद्धालु किन क्षेत्रों के थे और किसके साथ गए थे?
ये श्रद्धालु ठाणे, पुणे, अलीबाग, रायगढ़ और डोंबिवली के निवासी हैं। वे जय गिरनारी ट्रस्ट, अलीबाग के प्रमोद केणे के नेतृत्व में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।
श्रद्धालुओं की वापसी की उड़ान कब निर्धारित थी?
काठमांडू से उनकी वापसी उड़ान 29 अगस्त को दोपहर 2 बजे निर्धारित थी, इसलिए समय पर काठमांडू पहुंचना अत्यंत आवश्यक था।
क्या CM फडणवीस नेपाल में फंसे अन्य महाराष्ट्र नागरिकों की भी मदद कर रहे हैं?
हाँ, CM फडणवीस ने नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों से वीडियो कॉल पर बात की और उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने नेपाल के सांसद संदीप राणा से भी संपर्क किया और महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
राष्ट्र प्रेस
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