30 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेपाल बाढ़: तमिलनाडु के 219 निवासी सुरक्षित, 100 की तलाश जारी — मंत्री राजमोहन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेपाल बाढ़: तमिलनाडु के 219 निवासी सुरक्षित, 100 की तलाश जारी — मंत्री राजमोहन

सारांश

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में फंसे तमिलनाडु के 319 निवासियों में से 219 को बचा लिया गया है। 100 लोग अभी भी लापता हैं — जिनमें कुंभकोणम ट्रैवल ग्रुप के 36 और क्रोमपेट के 49 यात्री शामिल हैं। दुर्गम इलाका और टूटा संचार तंत्र बचाव को कठिन बना रहा है।

मुख्य बातें

नेपाल बाढ़ में फंसे तमिलनाडु के 319 निवासियों में से 219 को सुरक्षित बचाया गया; 100 की तलाश अभी जारी।
सोमवार शाम दिल्ली-कोयंबटूर उड़ान से 33 और उसी रात चेन्नई 6 और लोग पहुँचेंगे।
कुंभकोणम ट्रैवल ग्रुप के 57 में से 21 बचाए गए; 36 अभी भी लापता ।
क्रोमपेट के 49 निवासियों (महादेवी यात्रा समूह) के ठिकाने की अभी पुष्टि नहीं।
नई दिल्ली के तमिलनाडु हाउस में युद्ध कक्ष स्थापित; केंद्र, राजनयिकों और नेपाल एजेंसियों से समन्वय जारी।
क्षतिग्रस्त सड़कें, बाधित संचार और खराब मौसम बचाव कार्य को बना रहे हैं चुनौतीपूर्ण।

तमिलनाडु सरकार के मंत्री राजमोहन ने रविवार, 30 अगस्त को चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों को बताया कि बाढ़ प्रभावित नेपाल में फंसे राज्य के 319 निवासियों में से 219 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि शेष 100 लोगों की तलाश अभी भी जारी है। मंत्री नई दिल्ली में केंद्र सरकार के अधिकारियों से समन्वय बैठक के बाद लौटे थे।

बचाव अभियान का ताज़ा घटनाक्रम

बचाए गए निवासियों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाया जा रहा है। सोमवार शाम दिल्ली से कोयंबटूर आने वाली उड़ान से 33 लोगों के पहुँचने की उम्मीद है, जबकि 6 अन्य उसी रात चेन्नई पहुँचेंगे। इसके अलावा 150 निवासियों का एक बड़ा समूह चीन की सीमा के रास्ते काठमांडू पहुँचा था और अलग-अलग उड़ानों से भारत लौट रहा है। 39 अन्य लोगों के भी सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है।

कुंभकोणम ट्रैवल ग्रुप और क्रोमपेट के यात्री

कुंभकोणम स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से यात्रा करने वाले 57 सदस्यीय समूह में से 21 को बचाकर चेन्नई लाया जा चुका है, लेकिन शेष 36 सदस्यों का अभी भी पता नहीं चल पाया है। वहीं, क्रोमपेट के 49 निवासी जिन्होंने महादेवी यात्रा समूह के साथ यात्रा की थी, उनके वर्तमान ठिकाने की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।

बचाव में आ रही बाधाएँ

मंत्री राजमोहन ने इस बाढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आपदा बताया। उन्होंने कहा कि विनाश का व्यापक पैमाना और दुर्गम भूभाग बचाव प्रयासों में गंभीर बाधा बन रहे हैं। शव और व्यक्तिगत सामान सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक बह सकते हैं। क्षतिग्रस्त सड़कें, बाधित संचार नेटवर्क और खराब मौसम कई स्थानों तक पहुँचना लगभग असंभव बना रहे हैं। दोनों देशों के सैन्यकर्मी और बचाव एजेंसियाँ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और समन्वय

तमिलनाडु सरकार केंद्र सरकार, भारतीय राजनयिक अधिकारियों और नेपाल में सक्रिय बचाव एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस में एक समर्पित युद्ध कक्ष स्थापित किया गया है, जो बचाव अभियान के समन्वय, फंसे निवासियों की जानकारी एकत्र करने और उनके परिवारों की सहायता का काम कर रहा है। राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार और मिशन में शामिल सभी पक्षों से निरंतर संपर्क में हैं।

आगे क्या होगा

बचाव दल अभी भी लापता 100 लोगों का पता लगाने में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसूनी बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है और कई भारतीय राज्यों के नागरिक वहाँ फंसे हुए हैं। गौरतलब है कि दुर्गम इलाकों और मौसम की प्रतिकूलता को देखते हुए बचाव कार्य अभी और कई दिनों तक जारी रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 100 लोगों का अभी भी अज्ञात होना बताता है कि ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से विदेश यात्रा करने वाले समूहों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की व्यवस्था कितनी कमज़ोर है। कुंभकोणम ट्रैवल ग्रुप के 36 लापता सदस्य इस खामी की सबसे तीखी मिसाल हैं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में तमिलनाडु के कितने लोग फंसे थे और कितने बचाए गए?
कुल 319 तमिलनाडु निवासी नेपाल की बाढ़ में फंसे थे, जिनमें से 219 को अब तक बचाया जा चुका है। शेष 100 लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
कुंभकोणम ट्रैवल ग्रुप के कितने लोग अभी भी लापता हैं?
कुंभकोणम की एक ट्रैवल एजेंसी के 57 सदस्यीय समूह में से 21 को बचाकर चेन्नई लाया जा चुका है, लेकिन 36 सदस्यों का अभी पता नहीं चला है। बचाव दल उनकी खोज में जुटे हैं।
क्रोमपेट के 49 यात्रियों का क्या हुआ?
क्रोमपेट के 49 निवासी जिन्होंने महादेवी यात्रा समूह के साथ नेपाल की यात्रा की थी, उनके वर्तमान ठिकाने की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। सरकार उनकी जानकारी जुटाने में लगी है।
बचाव अभियान में क्या बाधाएँ आ रही हैं?
मंत्री राजमोहन के अनुसार क्षतिग्रस्त सड़कें, बाधित संचार नेटवर्क और खराब मौसम बचाव दलों की पहुँच को सीमित कर रहे हैं। शव और सामान सबसे प्रभावित क्षेत्रों से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक बह सकते हैं, जिससे खोज कार्य और जटिल हो जाता है।
तमिलनाडु सरकार ने फंसे नागरिकों की मदद के लिए क्या कदम उठाए हैं?
नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस में एक समर्पित युद्ध कक्ष स्थापित किया गया है। राज्य सरकार केंद्र सरकार, भारतीय राजनयिक अधिकारियों और नेपाल की बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 15 घंटे पहले
  2. 17 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 3 दिन पहले
  8. 3 दिन पहले