नेपाल बाढ़: तमिलनाडु के 219 निवासी सुरक्षित, 100 की तलाश जारी — मंत्री राजमोहन
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार के मंत्री राजमोहन ने रविवार, 30 अगस्त को चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों को बताया कि बाढ़ प्रभावित नेपाल में फंसे राज्य के 319 निवासियों में से 219 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि शेष 100 लोगों की तलाश अभी भी जारी है। मंत्री नई दिल्ली में केंद्र सरकार के अधिकारियों से समन्वय बैठक के बाद लौटे थे।
बचाव अभियान का ताज़ा घटनाक्रम
बचाए गए निवासियों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाया जा रहा है। सोमवार शाम दिल्ली से कोयंबटूर आने वाली उड़ान से 33 लोगों के पहुँचने की उम्मीद है, जबकि 6 अन्य उसी रात चेन्नई पहुँचेंगे। इसके अलावा 150 निवासियों का एक बड़ा समूह चीन की सीमा के रास्ते काठमांडू पहुँचा था और अलग-अलग उड़ानों से भारत लौट रहा है। 39 अन्य लोगों के भी सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है।
कुंभकोणम ट्रैवल ग्रुप और क्रोमपेट के यात्री
कुंभकोणम स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से यात्रा करने वाले 57 सदस्यीय समूह में से 21 को बचाकर चेन्नई लाया जा चुका है, लेकिन शेष 36 सदस्यों का अभी भी पता नहीं चल पाया है। वहीं, क्रोमपेट के 49 निवासी जिन्होंने महादेवी यात्रा समूह के साथ यात्रा की थी, उनके वर्तमान ठिकाने की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।
बचाव में आ रही बाधाएँ
मंत्री राजमोहन ने इस बाढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आपदा बताया। उन्होंने कहा कि विनाश का व्यापक पैमाना और दुर्गम भूभाग बचाव प्रयासों में गंभीर बाधा बन रहे हैं। शव और व्यक्तिगत सामान सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक बह सकते हैं। क्षतिग्रस्त सड़कें, बाधित संचार नेटवर्क और खराब मौसम कई स्थानों तक पहुँचना लगभग असंभव बना रहे हैं। दोनों देशों के सैन्यकर्मी और बचाव एजेंसियाँ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और समन्वय
तमिलनाडु सरकार केंद्र सरकार, भारतीय राजनयिक अधिकारियों और नेपाल में सक्रिय बचाव एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस में एक समर्पित युद्ध कक्ष स्थापित किया गया है, जो बचाव अभियान के समन्वय, फंसे निवासियों की जानकारी एकत्र करने और उनके परिवारों की सहायता का काम कर रहा है। राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार और मिशन में शामिल सभी पक्षों से निरंतर संपर्क में हैं।
आगे क्या होगा
बचाव दल अभी भी लापता 100 लोगों का पता लगाने में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसूनी बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है और कई भारतीय राज्यों के नागरिक वहाँ फंसे हुए हैं। गौरतलब है कि दुर्गम इलाकों और मौसम की प्रतिकूलता को देखते हुए बचाव कार्य अभी और कई दिनों तक जारी रह सकता है।