नेपाल बाढ़: महाराष्ट्र के 404 नागरिक सुरक्षित, CM फडणवीस के निर्देश पर 24 घंटे राहत अभियान
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच महाराष्ट्र सरकार ने अपने फंसे नागरिकों की वापसी के लिए युद्धस्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के 404 नागरिक सुरक्षित हैं और 338 नागरिकों से सीधा संपर्क स्थापित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहकर समन्वित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक नागरिक सुरक्षित अपने घर लौट सके।
मुख्य घटनाक्रम
143 नागरिक पहले ही वापसी के रास्ते पर हैं और जल्द ही राज्य में पहुँचने की उम्मीद है। नासिक, पुणे, मुंबई और अहिल्यानगर के 45 पर्यटकों का एक समूह — जो अहिल्यानगर जिले के संगमनेर स्थित एक ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से नेपाल गया था — शनिवार को भारतीय सीमा में प्रवेश कर चुका है। बाढ़ के दौरान ये नागरिक चितवन में थे। काठमांडू जाने वाला मार्ग बंद होने के कारण इन्हें नेपाल के लुम्बिनी के रास्ते अयोध्या लाया जा रहा है, जहाँ से आगे की यात्रा की योजना सरकारी निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी।
इसी क्रम में, नागपुर से 106 लोगों का एक दल बिहार होते हुए नागपुर के लिए रवाना हो गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन के निर्देशों पर महाराष्ट्र सरकार और केंद्र के विदेश मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा रही है। मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष में एक विशेष सेल 24 घंटे सक्रिय है, जो राहत एवं समन्वय कार्यों की निगरानी कर रहा है। नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने 28 अगस्त की शाम तक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुँचे 149 भारतीय पर्यटकों की सूची संबंधित राज्यों को भेज दी है। महाराष्ट्र के जिलों में इन नागरिकों की जानकारी सत्यापित करने और उन्हें उनके गृह जिलों तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं।
अभी भी फंसे नागरिक
बोरीवली और अंधेरी के 8 पर्यटक अभी भी नेपाल में फंसे हुए हैं। इनमें अंधेरी के लक्ष्मीनारायण आचार्य सहित समूह के अन्य सदस्यों से मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। प्रशासन इन पर्यटकों के मुंबई स्थित परिजनों के संपर्क में है और संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। उल्लेखनीय है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को मुंबई शहर या मुंबई उपनगरीय जिलों के किसी भी नागरिक से अब तक कोई आपातकालीन कॉल प्राप्त नहीं हुई है।
वापसी की व्यवस्था
मुख्यमंत्री फडणवीस की पहल पर बसों और यात्रा की आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और कई मार्ग अवरुद्ध हैं, जिससे निकासी अभियान को वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में शेष नागरिकों की सुरक्षित वापसी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।