समृद्धि महामार्ग पर 31 अगस्त से 7 सितंबर तक ट्रैफिक ब्लॉक, सिन्नर से इगतपुरी के बीच एक-एक घंटे बंद रहेगा मार्ग
सारांश
मुख्य बातें
हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर 31 अगस्त से 7 सितंबर 2026 के बीच चरणबद्ध अस्थायी ट्रैफिक ब्लॉक लागू किया जाएगा। सिन्नर इंटरचेंज से इगतपुरी इंटरचेंज के बीच यह प्रतिबंध इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के तहत सीसीटीवी कैमरों के लिए गैन्ट्री लगाने के कार्य के कारण लागू होगा। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) ने इस संबंध में आधिकारिक सूचना जारी की है।
मुख्य घटनाक्रम
MSRDC के अनुसार, यातायात प्रतिबंध दो चरणों में लागू किए जाएंगे और मुंबई तथा नागपुर — दोनों दिशाओं में अलग-अलग समय पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकी जाएगी। प्रत्येक दिन प्रत्येक दिशा में यह अवधि एक-एक घंटे की होगी।
चरणवार ट्रैफिक ब्लॉक का विवरण
पहले चरण में 31 अगस्त, 1 सितंबर और 2 सितंबर को सिन्नर इंटरचेंज से भरवीर इंटरचेंज के बीच यातायात अवरुद्ध रहेगा। मुंबई की ओर जाने वाला ट्रैफिक दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक और नागपुर की ओर जाने वाला ट्रैफिक दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक बंद रहेगा।
दूसरे चरण में 4 सितंबर, 5 सितंबर और 7 सितंबर को भरवीर इंटरचेंज से इगतपुरी इंटरचेंज के बीच यही समय-सारिणी लागू रहेगी — मुंबई दिशा में दोपहर 12 से 1 बजे और नागपुर दिशा में दोपहर 3 से 4 बजे तक।
आम यात्रियों पर असर
यह महामार्ग मुंबई और नागपुर के बीच सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जिस पर प्रतिदिन हज़ारों वाहन चलते हैं। निर्धारित समय के दौरान यदि कोई वाहन चालक इस खंड पर हो, तो उसे प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है या वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना पड़ सकता है। यह ब्लॉक कार्यदिवसों और सप्ताहांत — दोनों पर लागू होगा।
MSRDC की अपील
MSRDC ने यात्रियों और वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि वे इन निर्धारित समयों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें। अधिकारियों ने प्रशासन के साथ सहयोग करने की भी अपील की है।
क्यों किया जा रहा है यह कार्य
अधिकारियों के अनुसार, समृद्धि महामार्ग पर सीसीटीवी-आधारित निगरानी और ITMS प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए गैन्ट्री संरचनाएं लगाई जा रही हैं। इससे भविष्य में यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र अधिक प्रभावी होगा। यह ऐसे समय में आया है जब महामार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञ पहले से चिंता जता चुके हैं।