रत्नागिरी: अंबा घाट पर सड़क पर गिरा विशाल पत्थर, खेड़-खोपी-धमानंद रोड भूस्खलन से बंद
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में 4 जुलाई को भारी मानसूनी बारिश के चलते दो बड़ी सड़क घटनाएँ सामने आईं — रत्नागिरी-कोल्हापुर हाईवे पर अंबा घाट के निकट एक विशाल पत्थर सड़क के बीचोंबीच आ गिरा, जबकि खेड़-खोपी-धमानंद रोड पर कसाई शिंडेवाड़ी के पास भारी भूस्खलन से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोनों घटनाओं के कारण क्षेत्र में आवागमन बाधित हुआ और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी।
अंबा घाट पर पत्थर गिरने की घटना
शनिवार सुबह रत्नागिरी-कोल्हापुर हाईवे पर गणेश मंदिर के निकट एक तीखे मोड़ पर अचानक एक बड़ा पत्थर सड़क के बीच आ गिरा। यह मोड़ पहले से ही यातायात के लिहाज़ से संवेदनशील माना जाता है, इसलिए इस घटना ने गंभीर दुर्घटना की आशंका पैदा कर दी। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रुक गई।
हालाँकि, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और सांगली से आए पर्यटकों के एक समूह ने मिलकर तुरंत पत्थर को सड़क से हटाया। उनकी इस त्वरित पहल से एक बड़ा हादसा टल गया और हाईवे पर यातायात जल्द बहाल हो सका। घाट से गुज़र रहे यात्रियों ने पुलिस व पर्यटकों की इस सामूहिक कोशिश की सराहना की।
खेड़-खोपी-धमानंद रोड पर भूस्खलन
रत्नागिरी जिले में खेड़-खोपी-धमानंद रोड पर कसाई शिंडेवाड़ी के पास भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर भूस्खलन दर्ज किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार सड़क का एक हिस्सा भी ढह गया, जिससे यातायात पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी मौके पर पहुँच गए और जेसीबी मशीन की सहायता से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक मार्ग पूरी तरह बहाल न हो जाए, वे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
मौसम की चेतावनी और आगे का खतरा
यह घटनाएँ ऐसे समय में हुई हैं जब मौसम वैज्ञानिकों ने महाराष्ट्र तट के लिए अगले कुछ घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार सुबह ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में अरब सागर के ऊपर एक विशाल बादल प्रणाली महाराष्ट्र के तट की ओर बढ़ती दिखाई दी।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन बादलों में अत्यधिक ठंडे ऊपरी भाग वाले गहरे संवहनी बादल शामिल हैं, जो मुंबई और आसपास के जिलों में मूसलाधार बारिश लाने में सक्षम शक्तिशाली तूफानों का संकेत देते हैं। गौरतलब है कि मानसून के इस चरण में कोंकण तट पर भूस्खलन की घटनाएँ हर वर्ष जनजीवन को प्रभावित करती हैं।
आम जनता पर असर
अंबा घाट और खेड़-खोपी-धमानंद रोड दोनों ही रत्नागिरी जिले के महत्त्वपूर्ण संपर्क मार्ग हैं। इन मार्गों के अवरुद्ध होने से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी है, परंतु लगातार हो रही बारिश से मलबा हटाने में अतिरिक्त कठिनाई आ रही है।
यदि अरब सागर से आ रही बादल प्रणाली अनुमान के अनुसार तट से टकराती है, तो आने वाले घंटों में रत्नागिरी सहित कोंकण के अन्य जिलों में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।