तांदुलवाड़ी किले का मुख्य मार्ग भूस्खलन से बंद, पालघर प्रशासन ने पर्यटकों को यात्रा टालने की चेतावनी दी
सारांश
मुख्य बातें
पालघर जिले में 12 जुलाई 2026 को लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ऐतिहासिक तांदुलवाड़ी किले के समीपवर्ती पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन की कई घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जिससे किले तक पहुँचने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। पालघर जिला प्रशासन ने पर्यटकों, ट्रेकर्स और किला-प्रेमियों से स्पष्ट अपील की है कि वे अगले कुछ दिनों तक इस स्थल की यात्रा से बचें।
भूस्खलन की स्थिति और मार्ग पर असर
पिछले सप्ताह महाराष्ट्र के पालघर क्षेत्र में हुई मूसलाधार वर्षा के चलते किले के आसपास के पहाड़ी ढलानों से मिट्टी और चट्टानें खिसक गईं। मुख्य पहुँच मार्ग पर बड़े-बड़े पत्थर और भारी मलबा जमा हो जाने से किले तक पहुँचना फिलहाल संभव नहीं है। प्रशासन के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाके में अभी भी पत्थर गिरने और मिट्टी धँसने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
राहत की बात: कोई जनहानि नहीं
अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के समय मार्ग पर कोई पर्यटक या स्थानीय व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है। हालाँकि प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में जोखिम उठाकर किले की ओर जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
तांदुलवाड़ी किला: मानसून में ट्रेकर्स की पसंदीदा जगह
तांदुलवाड़ी किला पालघर जिले के प्रमुख पर्यटन और ट्रैकिंग गंतव्यों में से एक है। मानसून के मौसम में हरियाली से ढकी पहाड़ियों और नयनाभिराम दृश्यों के कारण यहाँ बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी और ट्रेकर्स आते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के शुरुआती हफ्तों में पश्चिमी महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में वर्षा सामान्य से अधिक रही है, जिससे कई पहाड़ी रास्ते और किले खतरे की जद में हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और अगले कदम
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग मार्ग से मलबा हटाने तथा क्षेत्र की स्थिति का आकलन करने में जुटे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक किले का मार्ग पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही यात्रा की योजना बनाएँ।
मानसून में पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता ज़रूरी
प्रशासन ने मानसून के दौरान पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में जाते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हर मानसून सीजन में दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर ट्रेकर्स के फँसने या हादसों की घटनाएँ सामने आती हैं। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही पर्यटकों के लिए किले का रास्ता पुनः खोला जाएगा।