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क्या मंडी में भूस्खलन ने चंडीगढ़-मनाली हाईवे को किया बंद? कंगना रनौत ने जताया दुख

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क्या मंडी में भूस्खलन ने चंडीगढ़-मनाली हाईवे को किया बंद? कंगना रनौत ने जताया दुख

सारांश

मंडी में भूस्खलन ने चंडीगढ़-मनाली हाईवे को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। इस घटना पर कंगना रनौत ने दुख व्यक्त किया है। जानें, क्या हैं हालात और प्रशासन की क्या है प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

भूस्खलन ने चंडीगढ़-मनाली हाईवे को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।
कंगना रनौत ने प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
हाईवे की मरम्मत में समय लगेगा।
यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।

मंडी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के मंडी में भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे को नुकसान पहुँचा है। पंडोह डैम के समीप कैंची मोड़ के पास हाईवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारी बारिश की वजह से धंस गया है। रातभर हुई बारिश ने हाईवे को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया, जिससे न तो वाहन चलाने का मार्ग बचा और न ही पैदल चलने का।

इस दुर्घटना पर मंडी की सांसद कंगना रनौत ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मंडी-बनाला के पास हुई यह भयानक घटना अत्यंत दुखद है। पहाड़ के धंसने से कई लोग और वाहन मलबे में दब सकते हैं। मैं प्रभावित परिवारों के साथ हूं और प्रशासन से निरंतर संपर्क में हूं। राहत कार्य तेजी से चल रहा है। ईश्वर सभी को सुरक्षित रखें और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।"

इससे पहले, हाईवे बनाला के निकट भूस्खलन के कारण बंद था, जहाँ भारी वाहनों को 9 मील के पास रोका गया था।

हाईवे को आज बनाला में पत्थर हटाकर बहाल करने की योजना थी, लेकिन कैंची मोड़ पर हुए इस नए धंसाव ने स्थितियों को और कठिन बना दिया है। बनाला में पत्थर हटाने का कार्य पूरा हो गया है, लेकिन कैंची मोड़ की मरम्मत या वैकल्पिक मार्ग बनाने में समय लगेगा। पहले, हाईवे दवाड़ा के पास तीन दिन बाद बहाल हुआ था, लेकिन इस घटना ने समस्याओं को बढ़ा दिया है।

वर्ष 2023 में भी इसी क्षेत्र में ऐसी आपदा हुई थी, जब हाईवे का एक बड़ा हिस्सा धंसकर पंडोह डैम में चला गया था। उस समय हाईवे को फिर से बनाने में 8 महीने का समय लगा था। पुराने मार्ग को दुरुस्त करके यातायात शुरू किया गया था। लेकिन अब कैंची मोड़ पर ऐसा कोई विकल्प नहीं दिख रहा। मौजूदा स्थिति में मंडी से कुल्लू-मनाली के लिए कटौला मार्ग को वैकल्पिक रास्ता बनाया गया है। यहाँ हर एक घंटे में छोटे वाहनों को जाने की अनुमति दी जा रही है, जो फिलहाल एकमात्र विकल्प है।

स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई की टीमें राहत और मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन भारी बारिश और भू-स्खलन के खतरों ने काम को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल आवश्यकतानुसार यात्रा करें और वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हमें भी सावधानी बरतनी चाहिए। यह संकट सभी के लिए एक सीख है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या हाईवे फिर से खुलेगा?
हाईवे को बहाल करने का कार्य चल रहा है, लेकिन कैंची मोड़ पर धंसाव ने स्थिति को कठिन बना दिया है।
कंगना रनौत ने क्या कहा?
कंगना ने प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और राहत कार्य में प्रशासन की तत्परता की बात की।
यात्रियों को क्या सलाह दी गई है?
यात्रियों से कहा गया है कि वे केवल आवश्यक यात्रा करें और वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।
क्या यह पहली बार है?
नहीं, 2023 में भी इस क्षेत्र में इसी तरह की आपदा देखी गई थी।
क्या प्रशासन राहत कार्य में जुटा है?
हाँ, स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई की टीमें राहत कार्य में सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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