नेपाल बाढ़ त्रासदी: भारतीय नेताओं ने जताया शोक, लापता ~300 भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर 28 अगस्त को भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों ने गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। कथित तौर पर लगभग 300 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा, जिससे देशभर में चिंता का माहौल है। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय फंसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों में जुटे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति अब काबू में आ रही है, लेकिन जान-माल का भारी नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा, 'खबर है कि लगभग 300 भारतीय लापता हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। हम बस यही उम्मीद करते हैं कि वे सभी सुरक्षित हों। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय उन भारतीयों से संपर्क करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब 30 से अधिक देशों के नागरिकों के भी लापता होने की खबरें हैं, जिससे यह त्रासदी अंतरराष्ट्रीय आयाम ले चुकी है।
तमिलनाडु सरकार की सक्रियता
तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई से अपने नागरिकों की स्थिति पर नज़र रखना शुरू कर दिया है। राज्य के मंत्री के.जी. अरुणराज ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों की सीधे निगरानी के लिए चार मंत्रियों को विशेष रूप से तैनात किया है। उन्होंने कहा, 'हमें भरोसा है कि हम बाढ़ में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालने की पूरी कोशिश करेंगे।'
DMK की माँग — विदेश मंत्रालय करे हस्तक्षेप
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने केंद्र सरकार से तत्काल कदम उठाने की माँग की है। पार्टी के प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन ने बताया कि DMK सांसद दयानिधि मारन ने पहले ही विदेश मंत्री को पत्र लिखकर लापता नागरिकों का पता लगाने और आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया था। एलंगोवन ने कहा, 'नेपाल एक अलग देश है और भारत का हिस्सा नहीं है, इसलिए विदेश मंत्रालय को दखल देना होगा और कुछ करना होगा।'
समाजवादी पार्टी ने उठाया चीन पर सवाल
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए एक गंभीर आरोप की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप हैं कि चीन ने नेपाल को बाढ़ के बारे में समय पर जानकारी नहीं दी, जिसे उन्होंने 'एक गंभीर मामला' बताया। गौरतलब है कि नेपाल की कुछ प्रमुख नदियाँ तिब्बत (चीन) से उद्गमित होती हैं, जिससे ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में होने वाली घटनाओं की सूचना का महत्त्व और बढ़ जाता है।
आगे क्या होगा
विदेश मंत्रालय की ओर से लापता भारतीयों की स्थिति पर अपडेट अपेक्षित है। राजनीतिक दलों की एकजुट माँग के बाद केंद्र सरकार पर राहत कार्यों में और तेज़ी लाने का दबाव बढ़ा है। तमिलनाडु सहित अन्य राज्य सरकारें भी अपने-अपने नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करने के प्रयासों में लगी हैं।