29 अगस्त 2026
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नेपाल आपदा: 106 में से 4 नागपुर टूरिस्ट सुरक्षित लौटे, बोले — 'जिंदा वापसी की उम्मीद नहीं थी'

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नेपाल आपदा: 106 में से 4 नागपुर टूरिस्ट सुरक्षित लौटे, बोले — 'जिंदा वापसी की उम्मीद नहीं थी'

सारांश

नेपाल में आपदा के बीच फँसे 106 नागपुरी पर्यटकों में से 4 सुरक्षित घर लौटे — और उनके शब्दों में थी राहत, आभार और एक कड़वा सच: 'जिंदा लौटने की उम्मीद नहीं थी।' CM फडणवीस और भारतीय राजदूत के हस्तक्षेप ने बचाव को संभव बनाया।

मुख्य बातें

नेपाल में फँसे 106 नागपुरी पर्यटकों में से 4 सुरक्षित 29 अगस्त 2026 को नागपुर लौटे।
आपदा में रास्ते और पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे दल पोखरा और काठमांडू के बीच फँस गया।
महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस और नेपाल में भारत के राजदूत के हस्तक्षेप से दस्तावेज़ और टिकट की व्यवस्था हुई।
दल में एक मरीज़ भी था, जिसे इमरजेंसी निकासी की ज़रूरत थी।
अभी भी 102 पर्यटक नेपाल में फँसे हैं; उनकी वापसी के प्रयास जारी हैं।

नेपाल में भूस्खलन और बाढ़ की आपदा में फंसे 106 नागपुरी पर्यटकों में से 4 लोग 29 अगस्त 2026 को सुरक्षित नागपुर वापस पहुँचे। लौटे हुए पर्यटकों ने बताया कि उन्हें जीवित घर लौटने की उम्मीद नहीं बची थी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्थानीय प्रशासन और नेपाल में भारत के राजदूत का आभार व्यक्त किया।

मुख्य घटनाक्रम

पर्यटकों का यह दल 10 दिनों के नेपाल भ्रमण पर निकला था — दो दिन आने-जाने के और आठ दिन रुकने के। दल पोखरा और काठमांडू में ठहरा था। काठमांडू में चार-पाँच दिन बिताने के बाद अचानक आपदा आई, जिससे रास्ते अवरुद्ध हो गए और पुल क्षतिग्रस्त हो गए।

एक पर्यटक ने बताया, 'हमें उम्मीद नहीं थी कि हम जिंदा वापस लौटेंगे। हमारे पास कुछ दस्तावेज़ नहीं थे, लेकिन प्रशासन ने तुरंत हमारे कागज़ात बनाकर दे दिए। फिर हम फ्लाइट से दिल्ली आए और वहाँ से नागपुर पहुँचे।'

आपदा का असर और फँसाव

दीपक पांडेय ने बताया कि सात-आठ दिन सब ठीक रहा, लेकिन फिर पुलिस ने आगे जाने से रोक दिया। आपदा के कारण रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और पुल नष्ट हो गए। उन्होंने कहा, 'हमारे पैरों के नीचे की ज़मीन खिसक गई थी। हमारे साथ एक मरीज़ भी था, जिसे इमरजेंसी में वापस लाना था।' नेपाल में भारत के राजदूत के हस्तक्षेप के बाद टिकट बुकिंग में मदद मिली और दल को निकाला जा सका।

वर्षा उपाध्याय ने बताया कि जब मुख्यमंत्री फडणवीस से सीधे बात हुई, तब जाकर हिम्मत बँधी। उन्होंने कहा, 'उनकी हिम्मत से हमें भी थोड़ा आराम मिला और हम डरे नहीं।'

सरकार की प्रतिक्रिया और राहत

पर्यटकों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय प्रशासन ने दस्तावेज़ीकरण से लेकर हवाई टिकट बुकिंग तक हर कदम पर सहायता की। एक अन्य पर्यटक ने कहा कि उनके रिश्तेदार सुरक्षित लौट आए, यही सबसे बड़ी राहत है। मुख्यमंत्री फडणवीस और स्थानीय लोगों की भूमिका को परिवारों ने अहम बताया।

आगे की स्थिति

अभी भी 102 पर्यटक नेपाल में फँसे हुए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून-जनित आपदाओं ने कई पर्यटन मार्गों को बाधित किया है और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निकासी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जब 102 लोग अभी भी वहाँ फँसे हैं, तो क्या कोई व्यवस्थित निकासी प्रोटोकॉल काम कर रहा है या सब कुछ राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर है। भारत सरकार और राज्य सरकारों को मिलकर एक स्थायी 'टूरिस्ट डिस्ट्रेस रिस्पॉन्स' तंत्र बनाने की ज़रूरत है — ताकि अगली बार नागरिकों को 'जिंदा लौटने की उम्मीद' पर निर्भर न रहना पड़े।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में नागपुर के कितने पर्यटक फँसे हैं और कितने वापस आए?
कुल 106 नागपुरी पर्यटक नेपाल में आपदा के कारण फँसे थे, जिनमें से 4 लोग 29 अगस्त 2026 को सुरक्षित नागपुर लौट आए हैं। शेष 102 पर्यटकों की वापसी के प्रयास अभी जारी हैं।
नेपाल में पर्यटक किस कारण फँसे थे?
आपदा के कारण नेपाल में रास्ते और पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पर्यटक पोखरा और काठमांडू के बीच के इलाके में फँस गए। पुलिस ने भी आगे जाने से रोक दिया था।
पर्यटकों की वापसी में किसने मदद की?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, नेपाल में भारत के राजदूत और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर दस्तावेज़ बनाने और हवाई टिकट बुक करने में मदद की। पर्यटक फ्लाइट से पहले दिल्ली और फिर नागपुर पहुँचे।
क्या दल में कोई मेडिकल इमरजेंसी भी थी?
हाँ, दीपक पांडेय के अनुसार दल के साथ एक मरीज़ भी था जिसे इमरजेंसी में वापस लाना ज़रूरी था। इस कारण निकासी और भी ज़रूरी हो गई थी।
बाकी 102 पर्यटकों का क्या हो रहा है?
अभी भी 102 पर्यटक नेपाल में फँसे हुए हैं। प्रशासनिक स्तर पर उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी बताए जा रहे हैं, हालाँकि उनकी वापसी की कोई निश्चित तिथि अभी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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