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नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री सुरक्षित, बिहार सरकार की पहल से नागपुर रवाना

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नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री सुरक्षित, बिहार सरकार की पहल से नागपुर रवाना

सारांश

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने 28 अगस्त को नेपाल सीमा से सुरक्षित निकाला। 29 अगस्त को पटना से विशेष वातानुकूलित व्यवस्था के साथ ट्रेन से नागपुर रवाना किया गया। विदेश और गृह मंत्रालय ने इस अंतर-राज्यीय समन्वय की सराहना की।

मुख्य बातें

नेपाल की बाढ़ में काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।
28 अगस्त को सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने नेपाल सीमा से यात्रियों को एस्कॉर्ट कर सीतामढ़ी पहुँचाया।
बिहार के मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन से बात कर ट्रेन में दो अतिरिक्त वातानुकूलित डिब्बे जुड़वाए।
29 अगस्त की सुबह पटना से सभी तीर्थयात्रियों को ट्रेन से नागपुर रवाना किया गया।
विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के चलते काठमांडू में अटके महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित निकालकर 29 अगस्त को नागपुर के लिए रवाना कर दिया गया। नेपाल सीमा से सीतामढ़ी होते हुए शुक्रवार रात पटना पहुँचे इन यात्रियों को शनिवार सुबह विशेष व्यवस्था के साथ ट्रेन से रवाना किया गया।

कैसे शुरू हुआ बचाव अभियान

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ से उत्पन्न विषम परिस्थितियों में काठमांडू में फंसे इन तीर्थयात्रियों ने पहले महाराष्ट्र सरकार से संपर्क किया। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने बिहार सरकार से समन्वय स्थापित किया, जिसके निर्देश पर 28 अगस्त को सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए।

जिला प्रशासन की टीम ने सभी 106 तीर्थयात्रियों को नेपाल सीमा से एस्कॉर्ट करते हुए सीतामढ़ी तक सुरक्षित पहुँचाया। इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन ने भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की।

ट्रेन में विशेष इंतज़ाम

सीतामढ़ी से यात्रियों को पटना लाया गया, जहाँ से उन्हें नागपुर के लिए ट्रेन में सवार कराया गया। बिहार के मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से सीधी बातचीत कर संबंधित ट्रेन में दो अतिरिक्त वातानुकूलित डिब्बे जुड़वाए, ताकि यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा मिल सके।

केंद्र सरकार की सराहना

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार इस पूरे अभियान में बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने प्रभावी अंतर-राज्यीय समन्वय का परिचय दिया। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भी इस बचाव अभियान की सराहना की है। दोनों केंद्रीय मंत्रालयों ने विषम परिस्थितियों में की गई त्वरित और समन्वित कार्रवाई को महत्वपूर्ण करार दिया।

तीर्थयात्रियों ने जताया आभार

सुरक्षित वापसी से राहत पाए तीर्थयात्रियों ने बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकट की घड़ी में प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की प्रशंसा की।

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित है। इस अभियान की सफलता अंतर-राज्यीय आपदा प्रबंधन सहयोग के लिए एक मिसाल के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिहार और केंद्र सरकार ने बिना देरी के एकजुट होकर काम किया। गौरतलब है कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए अक्सर राज्य सरकारें केंद्र की प्रतीक्षा करती हैं, लेकिन इस बार बिहार ने पहल की। असली सवाल यह है कि क्या यह समन्वय तंत्र संस्थागत रूप ले पाएगा, या यह केवल एक व्यक्तिगत प्रशासनिक प्रयास तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को कैसे बचाया गया?
नेपाल की बाढ़ में काठमांडू में फंसे 106 तीर्थयात्रियों ने महाराष्ट्र सरकार से संपर्क किया, जिसने बिहार सरकार से समन्वय किया। 28 अगस्त को सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने उन्हें नेपाल सीमा से एस्कॉर्ट कर सुरक्षित सीतामढ़ी पहुँचाया और फिर पटना से नागपुर के लिए ट्रेन में रवाना किया।
तीर्थयात्रियों को नागपुर कब और कैसे भेजा गया?
29 अगस्त की सुबह पटना से ट्रेन के माध्यम से सभी 106 तीर्थयात्रियों को नागपुर रवाना किया गया। बिहार के मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से बात कर ट्रेन में दो अतिरिक्त वातानुकूलित डिब्बे जुड़वाए।
इस बचाव अभियान में केंद्र सरकार की क्या भूमिका रही?
विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन द्वारा की गई त्वरित और समन्वित कार्रवाई की सराहना की। दोनों मंत्रालयों ने इसे विषम परिस्थितियों में प्रभावी अंतर-राज्यीय समन्वय का उदाहरण माना।
नेपाल की बाढ़ से भारतीय तीर्थयात्री क्यों फंसे थे?
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के कारण काठमांडू और सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन बाधित हो गया था। इसी कारण महाराष्ट्र के ये तीर्थयात्री काठमांडू में फंस गए और सामान्य मार्ग से वापस नहीं लौट पा रहे थे।
सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने यात्रियों के लिए क्या व्यवस्था की?
सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों को नेपाल सीमा से एस्कॉर्ट कर सीतामढ़ी तक पहुँचाया। इस दौरान भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं और उनकी यात्रा व सुरक्षा पर लगातार नज़र रखी गई।
राष्ट्र प्रेस
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