तमिलनाडु में 31 अगस्त तक आंधी-बारिश का अलर्ट, मछुआरों को मन्नार की खाड़ी से दूर रहने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 अगस्त 2026 को अगले चार दिनों के लिए तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से सटे ज़िलों में आंधी-तूफ़ान के साथ मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। साथ ही दक्षिणी तमिलनाडु तट पर काम करने वाले मछुआरों को 31 अगस्त तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। राज्य के तटीय इलाकों में निचले वायुमंडल में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र को इस मौसमी उथल-पुथल का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
किन ज़िलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को चेन्नई, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, कल्लाकुरिची, तिरुचि, अरियालुर, पेरम्बलुर, शिवगंगा और रामनाथपुरम ज़िलों में हल्की बारिश हो सकती है। डेल्टा ज़िलों के साथ-साथ पड़ोसी पुडुचेरी और कराईकल में भी दिन के दौरान हल्की फुहारें पड़ने का अनुमान है।
वहीं, 31 अगस्त तक पश्चिमी घाट से सटे ज़िलों में एक-दो स्थानों पर 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज़ हवाओं के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। बड़े पैमाने पर व्यापक वर्षा की संभावना कम है, लेकिन छिटपुट बारिश से कुछ इलाकों में अस्थायी राहत मिल सकती है।
तापमान में बढ़ोतरी की चेतावनी
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने स्पष्ट किया है कि बारिश के बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। जिन इलाकों में वर्षा नहीं होगी, वहाँ उमस और गर्मी का संयुक्त असर बेचैनी बढ़ा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्से पहले से ही मानसून की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे गरज और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और कमज़ोर संरचनाओं के पास न जाएँ।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने दक्षिणी तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन सागर में काम करने वाले मछुआरों के लिए अलग से अलर्ट जारी किया है। 31 अगस्त तक इन जलक्षेत्रों में 65 किमी प्रति घंटे तक की तेज़ हवाओं के साथ समुद्र खुरदरा रहने का अनुमान है।
जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उनसे सतर्कता बरतने और विभाग की आधिकारिक जानकारी का पालन करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने मछली पकड़ने वाले समुदायों को अपनी नावों और उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने की भी सलाह दी है।
छोटी नावें सबसे अधिक जोखिम में
गौरतलब है कि तूफ़ानी समुद्र में छोटी मछली पकड़ने वाली नावें विशेष रूप से संकट में पड़ सकती हैं। इसलिए नाविकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तब तक समुद्र में न उतरें जब तक मौसम विभाग नए आकलन के बाद अपनी चेतावनी आधिकारिक रूप से वापस न ले ले।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में बदलाव के साथ विभाग नए पूर्वानुमान जारी करता रहेगा — तटीय समुदायों को सलाह है कि वे अपडेट पर नज़र बनाए रखें।