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जेपी नड्डा ने नजफगढ़ आरएचटीसी की समीक्षा की, हर माह 47,000 ओपीडी और 9,000 इमरजेंसी मामले दर्ज

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जेपी नड्डा ने नजफगढ़ आरएचटीसी की समीक्षा की, हर माह 47,000 ओपीडी और 9,000 इमरजेंसी मामले दर्ज

सारांश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नजफगढ़ आरएचटीसी का दौरा कर प्रगति परखी — जहाँ हर माह 47,000 ओपीडी और 9,000 इमरजेंसी मामले संभाले जा रहे हैं। आयुष्मान भारत और मेडलीपआर से जुड़ाव तथा एनक्यूएएस प्रमाणन की दिशा में यह केंद्र दिल्ली के सामुदायिक स्वास्थ्य ढाँचे का अहम स्तंभ बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 31 अगस्त को नजफगढ़ आरएचटीसी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
केंद्र में औसतन प्रतिमाह 47,000 ओपीडी परामर्श और 9,000 इमरजेंसी मामले दर्ज होते हैं; अगस्त में 221 माइनर प्रोसीजर हुए।
आरएचटीसी को आयुष्मान भारत पीएम-जय और मेडलीपआर से जोड़ा गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों की पहुँच आसान हुई।
केंद्र यूपीएचसी एनक्यूएएस प्रमाणन और मॉडल पीएचसी दर्जे की दिशा में अग्रसर है।
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ओपीडी में टीबी लक्षण जाँच अनिवार्य की गई।
बैठक में स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव और डीजीएचएस लोवनीश जी कृष्णा उपस्थित रहे।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार, 31 अगस्त को नई दिल्ली के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित नजफगढ़ ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी) में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मरीजों की देखभाल, बुनियादी ढाँचे, जनशक्ति और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली में हुई प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

समीक्षा का दायरा और मुख्य निर्देश

नड्डा ने 13 अप्रैल को हुई पिछली बैठक के बाद से केंद्र में हुए सुधारों की बारीकी से जाँच की। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों और संस्थानों को निर्देश दिया कि चल रहे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और नियोजित उपायों को समन्वित ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने परिणामों की सतत निगरानी, जनशक्ति व उपकरणों की समय पर उपलब्धता तथा मरीजों की गुणवत्तापूर्ण देखभाल एवं चिकित्सा प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया।

आरएचटीसी की मौजूदा सेवाएँ और उपलब्धियाँ

आधिकारिक बयान के अनुसार, आरएचटीसी नजफगढ़ में औसतन प्रतिमाह लगभग 47,000 ओपीडी परामर्श और 9,000 इमरजेंसी मामले दर्ज किए जाते हैं। अगस्त माह में 221 माइनर प्रोसीजर संपन्न हुए। केंद्र की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएँ पूरी तरह चालू हैं। इसके अतिरिक्त एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन सेंटर, एंटी-स्नेक वेनम सेंटर, जन औषधि केंद्र, सीएसएसडी, प्रयोगशाला, एम्बुलेंस सेवाएँ और माइनर ऑपरेशन थिएटर भी कार्यरत हैं।

डिजिटल एकीकरण और योजनाओं से जुड़ाव

बयान के अनुसार, आरएचटीसी नजफगढ़ को मेडिको-लीगल मामलों के लिए मेडलीपआर और आयुष्मान भारत पीएम-जय से जोड़ा गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुगम हो गई है। केंद्र 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' (ओएनओएस) पहल से भी जुड़ा है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सरकार ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना को व्यापक बनाने पर ज़ोर दे रही है।

संस्थागत सहयोग और प्रमाणन की दिशा

आरएचटीसी, सफदरजंग अस्पताल, एबीवीआईएमएस, आरएमएल अस्पताल और एनआईएमआर सहित केंद्र सरकार के प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर क्लिनिकल जनशक्ति, प्रशिक्षण, डिजिटल प्रणाली, खरीद और शोध को सुदृढ़ कर रहा है। केंद्र अपने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) के लिए एनक्यूएएस प्रमाणन और मॉडल पीएचसी के दर्जे की दिशा में भी अग्रसर है।

टीबी मुक्त भारत और सामुदायिक स्वास्थ्य

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत नियमित ओपीडी और पीएचसी मुलाकातों के दौरान टीबी के लक्षणों की जाँच को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। नड्डा ने आरएचटीसी नजफगढ़ को मरीजों की देखभाल, चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग, संबद्ध स्वास्थ्य प्रशिक्षण और समुदाय-केंद्रित स्वास्थ्यसेवा का एक व्यापक केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव और स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक लोवनीश जी कृष्णा भी उपस्थित रहे। आगामी महीनों में इस केंद्र के विस्तार और प्रमाणन की प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 ओपीडी का आँकड़ा उत्साहजनक है, असली कसौटी यह है कि एनक्यूएएस प्रमाणन और आयुष्मान भारत एकीकरण ज़मीनी स्तर पर सेवा की गुणवत्ता में कितना सुधार लाते हैं। यह भी गौरतलब है कि अप्रैल से अगस्त के बीच महज चार महीनों में दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा हुई — यह संकेत देती है कि या तो लक्ष्य तय समय पर नहीं मिल रहे या राजनीतिक दृश्यता की ज़रूरत है। दोनों ही स्थितियों में जवाबदेही का ढाँचा मज़बूत होना ज़रूरी है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नजफगढ़ ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी) क्या है?
नजफगढ़ आरएचटीसी पश्चिमी दिल्ली में स्थित एक केंद्र सरकार का स्वास्थ्य केंद्र है, जो मरीजों की देखभाल के साथ-साथ चिकित्सा, नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। यह आयुष्मान भारत पीएम-जय और मेडलीपआर से जुड़ा है और प्रतिमाह लगभग 47,000 ओपीडी तथा 9,000 इमरजेंसी मामले संभालता है।
जेपी नड्डा ने 31 अगस्त की समीक्षा बैठक में क्या निर्देश दिए?
नड्डा ने सभी एजेंसियों को चल रहे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नियोजित उपायों को समन्वित ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिणामों की सतत निगरानी, जनशक्ति व उपकरणों की समय पर उपलब्धता और मरीजों की गुणवत्तापूर्ण देखभाल पर विशेष बल दिया।
आरएचटीसी नजफगढ़ में कौन-कौन सी सेवाएँ उपलब्ध हैं?
केंद्र में ओपीडी, इमरजेंसी, एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन, एंटी-स्नेक वेनम, जन औषधि केंद्र, सीएसएसडी, प्रयोगशाला, एम्बुलेंस और माइनर ऑपरेशन थिएटर सेवाएँ उपलब्ध हैं। केंद्र आयुष्मान भारत पीएम-जय और मेडलीपआर से भी जुड़ा है।
आरएचटीसी नजफगढ़ और टीबी मुक्त भारत अभियान का क्या संबंध है?
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आरएचटीसी में नियमित ओपीडी और पीएचसी मुलाकातों के दौरान टीबी के लक्षणों की जाँच को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। यह पहल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में टीबी की शीघ्र पहचान और उपचार को बढ़ावा देने के लिए है।
आरएचटीसी नजफगढ़ किन केंद्रीय संस्थानों के साथ सहयोग कर रहा है?
आरएचटीसी, सफदरजंग अस्पताल, एबीवीआईएमएस, आरएमएल अस्पताल और एनआईएमआर के साथ मिलकर क्लिनिकल जनशक्ति, प्रशिक्षण, डिजिटल प्रणाली, खरीद और शोध को मज़बूत कर रहा है। केंद्र 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' पहल से भी जुड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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