जेपी नड्डा ने नजफगढ़ आरएचटीसी की समीक्षा की, हर माह 47,000 ओपीडी और 9,000 इमरजेंसी मामले दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार, 31 अगस्त को नई दिल्ली के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित नजफगढ़ ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी) में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मरीजों की देखभाल, बुनियादी ढाँचे, जनशक्ति और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली में हुई प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
समीक्षा का दायरा और मुख्य निर्देश
नड्डा ने 13 अप्रैल को हुई पिछली बैठक के बाद से केंद्र में हुए सुधारों की बारीकी से जाँच की। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों और संस्थानों को निर्देश दिया कि चल रहे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और नियोजित उपायों को समन्वित ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने परिणामों की सतत निगरानी, जनशक्ति व उपकरणों की समय पर उपलब्धता तथा मरीजों की गुणवत्तापूर्ण देखभाल एवं चिकित्सा प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया।
आरएचटीसी की मौजूदा सेवाएँ और उपलब्धियाँ
आधिकारिक बयान के अनुसार, आरएचटीसी नजफगढ़ में औसतन प्रतिमाह लगभग 47,000 ओपीडी परामर्श और 9,000 इमरजेंसी मामले दर्ज किए जाते हैं। अगस्त माह में 221 माइनर प्रोसीजर संपन्न हुए। केंद्र की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएँ पूरी तरह चालू हैं। इसके अतिरिक्त एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन सेंटर, एंटी-स्नेक वेनम सेंटर, जन औषधि केंद्र, सीएसएसडी, प्रयोगशाला, एम्बुलेंस सेवाएँ और माइनर ऑपरेशन थिएटर भी कार्यरत हैं।
डिजिटल एकीकरण और योजनाओं से जुड़ाव
बयान के अनुसार, आरएचटीसी नजफगढ़ को मेडिको-लीगल मामलों के लिए मेडलीपआर और आयुष्मान भारत पीएम-जय से जोड़ा गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुगम हो गई है। केंद्र 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' (ओएनओएस) पहल से भी जुड़ा है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सरकार ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना को व्यापक बनाने पर ज़ोर दे रही है।
संस्थागत सहयोग और प्रमाणन की दिशा
आरएचटीसी, सफदरजंग अस्पताल, एबीवीआईएमएस, आरएमएल अस्पताल और एनआईएमआर सहित केंद्र सरकार के प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर क्लिनिकल जनशक्ति, प्रशिक्षण, डिजिटल प्रणाली, खरीद और शोध को सुदृढ़ कर रहा है। केंद्र अपने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) के लिए एनक्यूएएस प्रमाणन और मॉडल पीएचसी के दर्जे की दिशा में भी अग्रसर है।
टीबी मुक्त भारत और सामुदायिक स्वास्थ्य
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत नियमित ओपीडी और पीएचसी मुलाकातों के दौरान टीबी के लक्षणों की जाँच को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। नड्डा ने आरएचटीसी नजफगढ़ को मरीजों की देखभाल, चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग, संबद्ध स्वास्थ्य प्रशिक्षण और समुदाय-केंद्रित स्वास्थ्यसेवा का एक व्यापक केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव और स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक लोवनीश जी कृष्णा भी उपस्थित रहे। आगामी महीनों में इस केंद्र के विस्तार और प्रमाणन की प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।